जवानों को मिठाई खिलाई, PM मोदी ने छत्तीसगढ़ में बस्तर के करणपुर स्थित कोबरा ऑपरेशंस बेस पर CRPF जवानों के साथ दिवाली मनाई
शहर सत्ता/रायपुर। (PM Modi celebrated Diwali with soldiers in Bastar)पीएम मोदी ने रविवार को कहा कि हथियार वाले नक्सली चले गए। अब दिमागी नक्सलियों से लड़ना होगा। उनकी पहचान करनी होगी।पीएम ने कहा कि जब किसी देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है, तो बाहरी दुश्मन सफल नहीं हो पाते। लेकिन जब आंतरिक सुरक्षा कमजोर होती है, तो बाहरी दुश्मन भी सिर उठाने लगते हैं।
पीएम ने यह बात छत्तीसगढ़ के बस्तर में कोबरा ऑपरेशंस बेस में CRPF जवानों के सामने कही। उन्होंने 42 मिनट स्पीच दी। पीएम लगातार 13वीं बार जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे थे। इससे पहले 12 मौकों पर उन्होंने देश के अलग-अलग सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया था। सबसे ज्यादा 3 बार जम्मू-कश्मीर गए। दो-दो बार हिमाचल प्रदेश और लद्दाख जा चुके हैं।

पीएम ने जवानों से कहा- आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं
पीएम ने कहा, ‘आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं। इस बार मैं बस्तर के जंगलों में आपके साथ दिवाली मनाने आया हूं। यह वही इलाका है, जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था। आपके बलिदान और समर्पण की वजह से अब इस इलाके से नक्सलवाद खत्म हो गया है और यहां विकास की नई लहर शुरू हुई है।

देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त, मोदी के भाषण की 5 बातें
1. नक्सलवाद का डर खत्म: 2026 की दिवाली बेहद खास है। 40-50 साल बाद पहली बार देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। करोड़ों लोगों ने नक्सलवाद का डर पीछे छोड़ दिया है।
2. एक साल में CRPF का जवान शहीद नहीं: पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान CRPF के किसी जवान की जान नहीं गई। यह सुरक्षा बलों के शौर्य, साहस और सरकार की सही नीतियों की जीत है।
3. पिछली सरकारों ने कुछ नहीं किया: 2004 से 2013 तक हर साल नक्सलियों के मुकाबले हमारे ज्यादा जवान शहीद हुए। पिछली सरकारों ने नक्सलवाद को ऐसी बीमारी मान लिया था, जिसका कोई इलाज नहीं है।

4. अब दिमागी नक्सलियों से खतरा: जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों का सफाया हो गया है, लेकिन खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। कई संगठनों में ‘दिमागी नक्सलियों’ ने जगह बना ली है। वे लोगों को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भड़का रहे हैं।
5. 50 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए: वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 12 साल में भारत के 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने इसे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धि बताया।






