दिवाली कार्यक्रम में हिंदुओं के खिलाफ नारेबाजी की, कहा- देश से निकलो
शहर सत्ता/न्यूज़ डेस्क। (Opposition to Hindus in America)अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन में रिपब्लिकंस की हार के बाद भारतीय समुदाय के खिलाफ नफरत का मामला सामने आया है। ट्रम्प समर्थकों ने आरोप लागाया है कि मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प की पार्टी की हार के पीछे भारतीयों का हाथ है। जब यह घटना हुई उस समय बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दे रहे थे। सिएटल में दिवाली मना रहे भारतीयों के कार्यक्रम में ट्रम्प समर्थक पहुंच गए। उनके हाथों में कुछ पोस्टर थे, जिन पर लिखा था- ‘सभी भारतीयों को देश से निकालो’ और ‘हिंदू ईसाइयों की जगह ले रहे हैं।

घटना पर भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दिवाली एक अहम त्योहार है। हिंदू समुदाय को बिना किसी डर के अपना त्योहार मनाने का हक है। हमारे शहर और देश में नफरत फैलाने वाली ऐसी हरकतों की कोई जगह नहीं है। भारतीयों के खिलाफ नारेबाजी करने वालों में से एक की पहचान जैक लैंग के रूप में हुई है। वह राष्ट्रपति ट्रम्प का समर्थक है। कार्यक्रम से बाहर निकाले जाने के बाद जैक लैंग ने हिंदुओं पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए। उसने कहा कि हिंदुओं ने टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी को जिताने में मदद की है।

हिंदू संगठन ने दूसरे कार्यक्रमों के लिए अलर्ट जारी किया
नॉर्थ अमेरिका के हिंदुओं के संगठन ‘कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ (CoHNA) ने भी इस घटना पर चिंता जताई। संगठन के मुताबिक, जैक लैंग और थॉमस एलन नाम के दो प्रदर्शनकारी उस वक्त कार्यक्रम में पहुंचे, जब वहां बच्चे प्रस्तुति दे रहे थे। संगठन ने बताया कि दोनों के हाथों में हिंदुओं और भारतीयों के खिलाफ नारे लिखे पोस्टर थे। संगठन ने सिएटल और आसपास के इलाकों में रहने वाले हिंदुओं से सतर्क रहने की अपील की है। उसका कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने दूसरे दिवाली कार्यक्रमों में भी पहुंचकर विरोध करने की बात कही है।

जैक लैंग 4 साल जेल में रहा, ‘व्हाइट रिप्लेसमेंट’ संगठन है
जैक लैंग अमेरिका का दक्षिणपंथी एक्टिविस्ट है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थक है। वह ‘व्हाइट रिप्लेसमेंट’ नाम का संगठन चलाता है। 6 जनवरी 2021 को जब ट्रम्प समर्थकों ने अमेरिकी संसद भवन कैपिटल हिल पर हमला किया था, तब जैक लैंग भी उनमें शामिल था। इस मामले में उस पर पुलिसवालों के साथ मारपीट समेत कई आरोप लगे थे। वह करीब चार साल जेल में रहा। जनवरी 2025 में ट्रम्प ने राष्ट्रपति बनने के बाद उसे माफी दे दी थी। इसके बाद भी वह प्रवासियों, मुस्लिमों और दूसरे समुदायों के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहा है। 2026 में उसने फ्लोरिडा से रिपब्लिकन पार्टी के टिकट पर अमेरिकी सीनेट का चुनाव लड़ने की कोशिश भी की थी।






