शदाणी दरबार की पीठाधीश माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर 22 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रायपुर लोकभवन में इसका विमोचन करेंगी, साथ ही विशेष डाक टिकट भी होगा जारी
शहर सत्ता/रायपुर। (Head of Shadani Darbar) 22 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रायपुर लोकभवन में शदाणी दरबार की पीठाधीश माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर 200 रुपए का स्मारक सिक्का और स्मृति में विशेष डाक टिकट भी जारी करेंगी। भारत सरकार द्वारा 200 रुपए का स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट जारी करने की जानकारी दरबार के सचिव उदय सांई ने दी।

उन्होंने बताया कि किसी सिंधी विभूति के सम्मान में स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट जारी होना समाज के लिए ऐतिहासिक मौका है। इससे देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों सिंधी लोगों को गर्व महसूस होगा। बताते हैं कि इस पहल को सफल बनाने में सिक्का संग्राहक विक्रम तेजवानी के वर्षों के प्रयासों को अहम बताया। सिक्के का वजन 35 ग्राम होगा, कोलकाता टकसाल में बना है। स्मारक सिक्के का अनावरण होने के बाद श्रद्धालु और सिक्का संग्राहक इसे शदाणी दरबार की अलग-अलग इकाइयों के माध्यम से बुक कर सकेंगे।

300 साल पुराना मठ के नौवें पीठाधीश्वर हैं संत डॉ. युधिष्ठिर लाल
शदाणी दरबार का इतिहास 18वीं सदी से जुड़ा है। इसके संस्थापक संत शदूराम साहिब का जन्म अक्टूबर 1708 में लाहौर में हुआ था। दरबार की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वर्ष 1768 में वे सिंध क्षेत्र के मठेलो पहुंचे। इसके बाद उन्होंने हयात पिताफी में शदाणी दरबार की स्थापना की। यहां पवित्र धूनी साहिब प्रज्वलित की गई, जो आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद शदाणी परंपरा भारत में भी आगे बढ़ी।

रायपुर में धमतरी रोड पर लगभग 12 एकड़ में शदाणी दरबार तीर्थ विकसित किया गया। 20 जनवरी 1988 को संत गोबिंदराम साहिब ने इसकी नींव रखी। वर्तमान में संत डॉ. युधिष्ठिर लाल इसके नौवें पीठाधीश्वर हैं। दरबार में धार्मिक आयोजनों के साथ मानव सेवा और समाज कल्याण के कार्य भी किए जाते हैं।






