11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र प्रारम्भ हो रही है, कलश या घट स्थापना का शुभ मुहूर्त आज प्रातः 6.19 से 10.12 बजे तक ही है
शहर सत्ता/रायपुर। (Sharadiya Navaratri Begins 2026)इस बार 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र प्रारम्भ हो रही है। पंडितों के मुताबिक प्रातः 6.19 से 10.12 बजे तक ही घट स्थापना कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11.44 से दोपहर 12.31 बजे तक भी स्थापना की जा सकती है।

वहतीसगढ़ में बस्तर स्थित मन दंतेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ मां बम्लेश्वरी मंदिर, बिलासपुर और रायपुर की महामाया माता मंदिर समेत कई प्रसिद्ध देवी मंदिरों में जोत, घट या कलश समेत प्रतिमा भी स्थापित करने के साथ पूजा-अर्चना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बता दें की छत्तीसगढ़ के शक्तिपीठ और प्रसिद्ध शक्ति मंदिरों के लिए ट्रेनों, सड़क आवागमन की भी अतिरिक्त सुविधा रेल मंडल से लेकर परिवहन विभाग करता है।
आज 11 अक्टूबर, रविवार से नवरात्रि शुरू हो रही है। 17 और 18 अक्टूबर को सप्तमी तिथि रहेगी। इसके बाद 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी की पूजा होगी। 20 अक्टूबर को दशहरा मनेगा। नवरात्रि के पहले दिन घट यानी कलश स्थापना होगी। इसके लिए सुबह करीब चार घंटे और दोपहर में अभिजीत मुहूर्त रहेगा। नवरात्रि में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है। देवी भागवत पुराण में नौ दिनों की पूजा और व्रत के नियम बताए गए हैं। इसमें नौ दिन व्रत नहीं रख पाने वालों के लिए तीन दिन उपवास करने का विधान भी है।

रायपुर में दुर्गा पूजा पंडाल में लगी आग, थीम जलकर खाक
नवीन मार्केट दुर्गा पूजा समिति की ओर से मां दुर्गा की प्रतिमा को धूमधाम से पंडाल तक लाया जा रहा था। पंडाल के ठीक बगल में फेस रिवील कार्यक्रम के लिए स्टेज बनाया गया था। रात करीब 9:15 बजे कार्यक्रम के दौरान आतिशबाजी की चिंगारी पंडाल तक पहुंच गई। इससे आग लग गई और कुछ ही देर में पूरे पंडाल में फैल गई। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम एक गाड़ी के साथ पहुंची और आग बुझाई। समय रहते आग पर काबू पा लेने से कोई हताहत नहीं हुआ। राजधानी रायपुर के नवीन मार्केट में दुर्गोत्सव से ठीक पहले दुर्गा पूजा पंडाल में आग लग गई। फेस रिवील कार्यक्रम के दौरान आतिशबाजी की चिंगारी पंडाल तक पहुंची, जिससे आग भड़क गई। देखते ही देखते थीम आधारित पंडाल जलकर खाक हो गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।







