2 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा कंटेंट क्रिएटर्स स्टूडियो, कला एवं संगीत महाविद्यालय की स्थापना, अगले पांच वर्षों में 10 नए ऑक्सीज़ोन गार्डन सहित विकास कार्यों का रोडमैप सामने रखा
शहर सत्ता/रायपुर। (Chakradhar Samaroh Concludes )अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त 41वें चक्रधर समारोह का बुधवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी. चौधरी शामिल हुए। समारोह की दसवीं एवं अंतिम संध्या में समापन कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने रायगढ़ को कई बड़ी सौगातें दीं। समापन कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कंटेंट क्रिएटर्स स्टूडियो, कला एवं संगीत महाविद्यालय की स्थापना, अगले पांच वर्षों में 10 नए ऑक्सीज़ोन गार्डन सहित विकास कार्यों का रोडमैप सामने रखा।

उन्होंने महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और योगदान को नमन करते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने अपने समय में कला एवं संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके संरक्षण और योगदान से रायगढ़ घराने के कथक को देशभर में विशिष्ट पहचान मिली। चक्रधर समारोह इसी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की पहचान विकास के साथ-साथ कला, संस्कृति और अपनी समृद्ध परंपराओं के लिए भी है। इस सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और रायगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए आने वाले पांच वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया गया है।
समग्र विकास की दिशा में बढ़ रहा रायगढ़

वित्त मंत्री ने रायगढ़ के समग्र विकास की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि राजू नगर में डेयरी, खर्रा घाट में ऑक्सीजोन गार्डन, गजमार पहाड़ और नगर वन के विकास, खेल सुविधाओं के विस्तार, मरीन ड्राइव के विकास सहित विभिन्न अधोसंरचना परियोजनाओं पर कार्य आगे बढ़ रहा है। कयाघाट पुल, केवड़ावाड़ी पुल, राजा महल के पास पुल और गोवर्धनपुर पुल जैसे कार्यों से शहर की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही सड़कों का चौड़ीकरण, रिंग रोड, स्पोर्ट्स सुविधाओं का विस्तार, प्रयास विद्यालय, नवगुरु स्कूल, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नेचुरोपैथी कॉलेज जैसे कार्य रायगढ़ के विकास को नई दिशा देंगे।
पुनर्वासित कलाकारों को प्रदान की गई सम्मान राशि

समापन समारोह में वित्त मंत्री ने कलाकारों को सम्मानित किया। उन्होंने कलाकार आयुष नामदेव एवं उनके बैंड का सम्मान किया। वहीं सुदूर बस्तर के नारायणपुर से आए पुनर्वासित कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनके लिए 51 हजार रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की। नक्सल संगठन में कमांडर रह चुकीं और पुनर्वास के बाद कला के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जुड़ीं चौती दीदी को उनकी विशिष्ट कला प्रस्तुति के लिए वित्त मंत्री ने शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।







