नेपाल में बाढ़ भूकंप से नहीं, पहाड़ खिसकने से आया 5.2 तीव्रता जैसा झटका
शहर सत्ता/न्यूज़ डेस्क। (Floods in Nepal)मलबे का तेज बहाव तेजी से नीचे की ओर बढ़ा। लोग जान बचाने के लिए भागते नजर आए। नेपाल में बाढ़ भूकंप से नहीं, पहाड़ खिसकने से आया 5.2 तीव्रता जैसा झटका। हादसे में अब 162 मौतें हो चुकी हैं और 1000 लापता हैं। बताई गई संख्या में 133 भारतीय भी शामिल हैं। बताते हैं कि 30 फीट ऊंची लहरें उठ रही थीं। लोग जान बचाने घर की तीसरी-चौथी मंजिल पर चढ़ गए। बाढ़ का पानी इतनी तेज रफ्तार से आया कि लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने तक का मौका नहीं मिला।

अचानक आई बाढ़ के दौरान मिट्टी और पानी का तेज बहाव घुसता हुआ। पानी इमिग्रेशन कॉम्पलेक्स के ऊपर से आता हुआ दिख रहा है। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ में 165 लोगों की मौत हो गई। नेपाल में 162 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई, जबकि 1000 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ में 19 पुल, करीब 40 किलोमीटर सड़कें और 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए।

USGS ने साफ किया कि यह भूकंप नहीं था। दरअसल, पहाड़ से हुआ लैंडस्लाइड इतना शक्तिशाली था कि उससे 5.2 तीव्रता के भूकंप के बराबर झटका पैदा हुआ। यानी पहले भूकंप नहीं आया था, बल्कि लैंडस्लाइड की वजह से भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ था। बुधवार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास, काठमांडू के उत्तर में तेज झटके महसूस किए गए।

शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था। इसी दौरान पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ टूटकर नीचे गिरा और ल्हेंदे खोला नदी में जा गिरा। यह नदी भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है, जो चीन से निकलकर गहरी घाटियों से होते हुए नेपाल में प्रवेश करती है।








