ARUNSAO Archives - शहर सत्ता https://shaharsatta.com/tag/arunsao/ Wed, 16 Jul 2025 14:26:54 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 Congress Taunts BJP : दीपक बैज बोले क्या यही है यूपीएससी पैटर्न वाली मोदी की गारंटी? https://shaharsatta.com/2025/07/16/congress-taunts-bjp-deepak-baij-said-is-this-the-upsc-pattern-guarantee-of-modi/ https://shaharsatta.com/2025/07/16/congress-taunts-bjp-deepak-baij-said-is-this-the-upsc-pattern-guarantee-of-modi/#respond Wed, 16 Jul 2025 14:26:24 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2979 0 वनरक्षक, पुलिस आरक्षक, आरआई प्रमोशन घोटाले के बाद अब पीडब्ल्यूडी इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल शहर सत्ता/रायपुर। (Congress Taunts BJP)प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि…

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0 वनरक्षक, पुलिस आरक्षक, आरआई प्रमोशन घोटाले के बाद अब पीडब्ल्यूडी इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल

शहर सत्ता/रायपुर। (Congress Taunts BJP)प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि पिछले 18 महीनों के दौरान जितनी भी भर्ती परीक्षाएं हुई है, लगभग सभी में गड़बड़ियां उजागर हुई है। लेकिन अब तक न किसी भर्ती परीक्षाओं को निरस्त किया गया और ना ही किसी पर ठोस कार्यवाही हुई है। श्री बैज ने सुशासन सरकार का दावा करने और तंज कसते हुए सवाल किया है कि क्या यही है यूपीएससी पैटर्न वाली मोदी की गारंटी?

पीसीसी चीफ का कहना है कि (Congress Taunts BJP)वनरक्षक, पुलिस आरक्षक, आरआई प्रमोशन घोटाले के बाद अब पीडब्ल्यूडी इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला प्रकाश में आ रहा है। उनका कहना है 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के युवाओं से वादा किया था कि छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों में भर्ती की परीक्षाएं यूपीएससी की पैटर्न पर किया जाएगा।

(Congress Taunts BJP)लेकिन किए उल्टा जो जिस व्यक्ति पर पूरे देश में नीट की परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप है, जिसके रहते लाखों मेडिकल छात्रों का भविष्य खराब हुआ, देश की बदनामी हुई उसे लाकर छत्तीसगढ़ राज्य सेवा आयोग के ऊपर बैठा दिया गया। पिछले डेढ़ साल में कोई भी भर्ती परीक्षा बिना गड़बड़ी के संपन्न नहीं हुई है, तथ्यों के साथ आरोप लगे, पर निष्पक्ष जांच अब तक नहीं की गई। इस सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग के समान है।

पीसीसी चीफ बैज का सरकार पर ये आरोप

0 वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक नाप जोख और फिजिकल के अंकों में हेरफेर
0 राजनांदगांव पुलिस आरक्षक भर्ती घोटाला सर्वविदित है
0 आरआई प्रमोशन घोटाले के बाद अब पीडब्ल्यूडी इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल
0 सरकारी नौकरियों को बेचने का पूरा खेल सत्ता के संरक्षण में
0 भर्ती के दौरान डिजिटल सिस्टम का झांसा देकर हैदराबाद की आईटी कंपनी भी शामिल
0 ऐन वक्त पर डिजिटल सिस्टम को ऑफ लाइन करवा दिया गया

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Jal Jeevan Mission Scheme : सदन में जल जीवन मिशन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तकरार https://shaharsatta.com/2025/07/15/jal-jeevan-mission-scheme-conflict-between-the-ruling-party-and-the-opposition-in-the-house-regarding-jal-jeevan-mission/ https://shaharsatta.com/2025/07/15/jal-jeevan-mission-scheme-conflict-between-the-ruling-party-and-the-opposition-in-the-house-regarding-jal-jeevan-mission/#respond Tue, 15 Jul 2025 15:34:42 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2939 साव ने कहा-कांग्रेस बगैर पानी के नल-टोटी लगाए, विपक्ष ने किया वॉकआउट, पूर्व CM बोले 10 लाख कनेक्शन का आंकड़ा गलत शहर सत्ता/रायपुर। (Jal Jeevan Mission Scheme) पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश…

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साव ने कहा-कांग्रेस बगैर पानी के नल-टोटी लगाए, विपक्ष ने किया वॉकआउट, पूर्व CM बोले 10 लाख कनेक्शन का आंकड़ा गलत

शहर सत्ता/रायपुर। (Jal Jeevan Mission Scheme) पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पावस सत्र के दूसरे दिन सत्ता पक्ष से जल जीवन मिशन पर सवाल किया और आरोप भी लगाए। मंत्री अरुण साव ने उनके सवालों का जवाब भी दिया तो बहस तीखी तकरार में तब्दील हो गई और विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।

भूपेश बघेल का सवाल था कि पिछले 3 सालों में कितनी राशि जल जीवन मिशन के लिए खर्च की गई है और कितने घरों के लोगों को सुविधा प्राप्त हुई है।उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 22–23 और 23–24 की अपेक्षा में 24–25 की तुलना में बहुत कम है। इसका कारण क्या है? अपने सवाल को विस्तार देते हुए पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा आंकड़ा सिर्फ 31 लाख में ही पहुंचा जबकि लक्ष्य से बहुत कम है ये तो।

अरुण साव ने जवाब दिया और बताया कि अब तक 15 हजार 45 करोड़ 45% का खर्च हुआ है। योजना 2024 में पूरी हुई थी। हमारी सरकार बनाने के बाद लोगों को पानी पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे है। 31 लाख घरों में पानी नल से पहुंचाया था। सदस्य ने 2 साल लेट से काम शुरू किया…भूपेश बघेल ने पूछा, कि जिलों में राशि कम क्यों हुई और राशि कम आई इसके बारे में बताया ही नहीं?

अरुण साव ने कहा, केंद्र सरकार के पोर्टल में 36 लाख घर में पानी आया दिखाया गया.. जबकि परीक्षण में 21 लाख घरों में ही पानी पाया गया.. 15 लाख घरों में सिर्फ नल कनेक्शन कर दिया गया और पानी नहीं दिया गया..इसलिए परिस्थित बनी है। जल जीवन मिशन के सवाल पर जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकऑउट किया। विपक्ष ने सरकार पर आकडों की बाजीगरी करने का आरोप लगाया।

नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत- 20 महीने की सरकार में सिर्फ 7 प्रतिशत काम हुआ है, जबकि हमने अपनी सरकार के दौरान करीब 74 प्रतिशत काम किया है। फिर ज्यादा काम किसने किया?

अरुण साव बोले, हमने 10 लाख नल कनेक्शन पानी के साथ दिया। भूपेश बघेल ने कटाक्ष किया 7 महीने में कितने नल कनेक्शन दिए और कितनी राशि खर्च की। तो अरुण साव ने कहा 10 लाख नल कनेक्शन दिया। विपक्ष के विधायकों ने गलत जानकारी देने की बात कही। इस दौरान विपक्ष और मंत्रियों के बीच बहस होने लगी।

स्पीकर को करना पड़ा हस्तक्षेप

जल जीवन मिशन के मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नारेबाजी सदन में हुई। भारी हंगामे पर स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा। आसंदी ने कहा- प्रश्नकाल को बाधित नहीं किया जाता। लेकिन सत्ता पक्ष के जवाब और आंकड़ों से खफा विपक्षी दाल कांग्रेस सदन से वॉकआउट कर दिए।

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Swachh Survey Awards Ceremony : छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों को मिलेंगे राष्ट्रीय पुरस्कार https://shaharsatta.com/2025/07/12/swachh-survey-awards-ceremony-seven-urban-bodies-of-chhattisgarh-will-receive-national-awards/ https://shaharsatta.com/2025/07/12/swachh-survey-awards-ceremony-seven-urban-bodies-of-chhattisgarh-will-receive-national-awards/#respond Sat, 12 Jul 2025 15:05:07 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2879 0 17 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु करेंगी पुरस्कृत शहर सत्ता/रायपुर। (Swachh Survey Awards Ceremony)राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय…

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0 17 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु करेंगी पुरस्कृत

शहर सत्ता/रायपुर। (Swachh Survey Awards Ceremony)राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों को प्रेसीडेन्ट्स अवार्ड प्रदान करेंगी। स्वच्छता में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बिलासपुर नगर निगम का तीन लाख से दस लाख तक आबादी (Big Cities) की शहरों की श्रेणी में, कुम्हारी नगर पालिका को 20 हजार से 50 हजार जनसंख्या तक (Small Cities) की श्रेणी में और बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी (Very Small Cities) वाले शहरों की श्रेणी में इसके लिए चयनित किया गया है।

राज्य स्तर पर स्वच्छता में अच्छे कार्यों के लिए केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा रायपुर नगर निगम को मिनिस्टरियल अवार्ड (Ministerial Award) प्रदान किया जाएगा। नई दिल्ली में आगामी 17 जुलाई को आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में राज्य के सात नगरीय निकायों को स्वच्छता के पैमानों पर खरे उतरने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ये पुरस्कार प्रदान करेंगी। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी पुरस्कार समारोह में शामिल होंगे।

CM साय और डिप्टी CM साव ने दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयनित सातों नगरीय निकायों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा स्थानीय निकायों द्वारा लगातार किए जा रहे कार्यों का यह सुपरिणाम है। आने वाले समय में राज्य के और भी नगरीय निकायों को स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होंगे। शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र की सरकार शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए कई नवाचारों के साथ सतत काम कर रहे हैं।

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Decisions 0f The Sai Cabinet : छात्र स्टार्टअप नीति मंजूर, पुरानी गाड़ियों के नंबर नए वाहनों में ट्रांसफर https://shaharsatta.com/2025/07/11/decisions-0f-the-sai-cabinet-student-startup-policy-approved-numbers-of-old-vehicles-transferred-to-new-vehicles/ https://shaharsatta.com/2025/07/11/decisions-0f-the-sai-cabinet-student-startup-policy-approved-numbers-of-old-vehicles-transferred-to-new-vehicles/#respond Fri, 11 Jul 2025 17:10:43 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2876 0 राज्य पुलिस सेवा के 2005-2009 बैच को सीनियर सिलेक्शन ग्रेड पे स्केल देने 30 पद स्वीकृत शहर सत्ता/रायपुर। (Decisions 0f The Sai Cabinet)छत्तीसगढ़ विधान सभा के पावस सत्र 2025…

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0 राज्य पुलिस सेवा के 2005-2009 बैच को सीनियर सिलेक्शन ग्रेड पे स्केल देने 30 पद स्वीकृत

शहर सत्ता/रायपुर। (Decisions 0f The Sai Cabinet)छत्तीसगढ़ विधान सभा के पावस सत्र 2025 से पहले शुक्रवार को साय कैबिनेट की बैठक हुई। राज्य पुलिस सेवा के 2005-2009 बैच के अफसरों को सीनियर सिलेक्शन ग्रेड पे स्केल देने 30 पद स्वीकृत किए गए हैं। छत्तीसगढ़ में पुरानी गाड़ियों के नंबर नए वाहनों में ट्रांसफर हो सकेंगे। शासकीय वाहनों पर शुल्क नहीं लगेगा। 100 संस्थानों में 50 हजार छात्रों तक पहुंच बनाना होगा। 150 स्टार्टअप को सपोर्ट मिलेगा।

अब मनपसंद नंबर का दोबारा उपयोग संभव

राज्य सरकार ने आम नागरिकों को एक और महत्वपूर्ण सुविधा का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में एक अहम निर्णय लेते हुए यह सुविधा प्रदान की गई है कि अब वाहन मालिक अपने पुराने वाहन के मनपसंद या च्वाईस नंबर का उपयोग नए वाहन में भी कर सकेंगे। परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश एवं परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि इस संबंध में विभाग द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस नई व्यवस्था से आमजन को सुविधा मिलेगी और उनकी पसंद के नंबर को फिर से उपयोग में लाने का अवसर मिलेगा। यह निर्णय न केवल जनता की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि परिवहन विभाग की सेवाओं को और अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाएगा।

पिछली बैठक के निर्णय

– कृषक उन्नति योजना का दायरा बढ़ा
– अब धान की बजाय दलहन, तिलहन, मक्का की फसल लगाने वाले किसानों को भी आदान सहायता राशि मिलेगी।
– छत्तीसगढ़ पेंशन फंड का गठन
– सेवानिवृत्ति के समय पेंशन भुगतान के बेहतर प्रबंधन के लिए पेंशन फंड बनाने का फैसला।
– छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड
– राज्य की अर्थव्यवस्था को स्थिर और मजबूत रखने के लिए यह फंड बनेगा।
– लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 का अनुमोदन
– छत्तीसगढ़ को लॉजिस्टिक हब बनाने, भंडारण क्षमता बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने की योजना।
– ड्राई पोर्ट और कंटेनर डिपो बनाने को प्रोत्साहन मिलेगा।
– युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
– जन विश्वास विधेयक-2025
– कुछ कानूनों को गैर-अपराध की श्रेणी में लाने का फैसला।
– अनावश्यक केस कम होंगे और कारोबार करना आसान होगा।
– रि-डेवलपमेंट योजना

अनुपयोगी जमीन के विकास की 7 योजनाएं मंजूर

पुराने और जर्जर सरकारी भवनों और सरकारी जमीनों में विकास योजना मंजूर की गई है। शांति नगर रायपुर, बीटीआई शंकर नगर रायपुर, कैलाश नगर राजनांदगांव, चांदनी चौक फेस-2 जगदलपुर, सिविल लाइन कांकेर, क्लब पारा महासमुंद, कटघोरा कोरबा जमीनें चिन्हांकित की गई है।

पदोन्नति की न्यूनतम सेवा में छूट

उच्च श्रेणी पंजीयन लिपिक से उप पंजीयक पद पर प्रमोशन के लिए 5 साल की जगह 2 साल की न्यूनतम सेवा तय (केवल एक बार के लिए)।

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Criminals Under Police Protection : लहूलुहान कारोबारी के हमलावरों को मुजगहन थाना पुलिस ने छोड़ा ! https://shaharsatta.com/2025/07/03/criminals-under-police-protection-muzgahan-police-station-released-the-attackers-of-the-bleeding-businessman/ https://shaharsatta.com/2025/07/03/criminals-under-police-protection-muzgahan-police-station-released-the-attackers-of-the-bleeding-businessman/#respond Thu, 03 Jul 2025 08:50:37 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2784 0 मुझगहन थाना क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, बोरियाकला में 2 जुलाई की दोपहर नशेड़ियों ने किया कपड़ा व्यवसायी पर हमला शहर सत्ता/रायपुर। (Criminals Under Police Protection)रायपुर के मुझगहन थाना…

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0 मुझगहन थाना क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, बोरियाकला में 2 जुलाई की दोपहर नशेड़ियों ने किया कपड़ा व्यवसायी पर हमला

शहर सत्ता/रायपुर। (Criminals Under Police Protection)रायपुर के मुझगहन थाना क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, बोरियाकला में 2 जुलाई की दोपहर एक कपड़ा व्यवसायी अशफाक खान पर तीन युवकों द्वारा पत्थर, लाठी डंडे से हमला किया गया। नशे में धुत्त एक आरोपी कार्तिक ने अपने साथियों के साथ अशफाक से विवाद किया। दिनदहाड़े हुई इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात के बाद स्थानीय लोग कहने लगे हैं कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी इलाका अब अपराध और नशे का अड्डा बन गया है।

चौंकाने वाली बात यह मामला बढ़ता उससे पहले ही मुजगहन थाना पुलिस को मदद की सुचना दी गई थी। लेकिन थाना स्टाफ और मदद जब तक आती नशेड़ियों ने कारोबारी अशफाक को लहूलुहान कर दिया था। हमलावर शराब के नशे में थे और उन्होंने व्यापारी के साथ मारपीट करने के साथ-साथ सांप्रदायिक गालियाँ और धमकियाँ भी दीं। स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो भी बनाया है जिसमें अपराधियों के पुलिस के सामने बुलंद हौसले दिख रहे हैं।

 

कार्रवाई के बदले थाने में समझौता !

अब कानून व्यवस्था, राजनीतिक प्रभाव और पुलिस निष्क्रियता का जीवंत उदाहरण बन चुका है। पहले आरोपियों ने अशफाक को खुनाखुन कर दिया और जातिगत गलियां देकर उकसाने की कोशिश किये। पुलिस भी आई और पीड़ित को ही गाड़ी में बिठाकर ले गई। बाद में पुलिस थाना में ही दोनों पक्षों का कथित तौर पर समझौता भी करवा दिया गया। घटना के बाद आरोपियों ने थाने में पहुंचने पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का नाम लिया, जिससे थाने में तनावपूर्ण माहौल बन गया। इसके साथ ही कुछ स्थानीय छुटभैये नेता भी वहाँ पहुँचे, जिन्होंने खुलकर राजनीतिक दबाव बनाते हुए मामले को एफआईआर के बजाय ‘समझौते’ में तब्दील करवा दिया।

पूरा हमला मोबाइल कैमरे में कैद

– घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाया है
– युवक दुकान में घुसकर मारपीट करते हैं
– व्यापारी के सिर पर वार किया जाता है
– गाली-गलौज और सांप्रदायिक टिप्पणी की जाती है
– लोग मदद के लिए चिल्लाते हैं
– पुलिस काफी देर बाद मौके पर पहुँचती है
– ठोस कार्रवाई नहीं की जाती

पुलिस की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में

– थाने में कोई लैंडलाइन नंबर नहीं है
– थाना प्रभारी का मोबाइल बंद या अनुपलब्ध रहा
– पुलिस घंटों बाद पहुँची, और हमलावरों से मुर्रवत
– पीड़ित की शिकायत पर कोई गिरफ्तारी या FIR दर्ज नहीं

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी नशे का अड्डा

– गांजा, शराब और जुएं के कारोबार का केंद्र बनी कॉलोनी
– आए दिन मारपीट और झगड़ों की घटनाएँ होती हैं
– असामाजिक तत्वों को पुलिस और राजनीतिक शह

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Chhattisgarh State Civil Supplies Corporation : CGSCSC में 96 कर्मचारी 10 साल से एक ही जगह पदस्थ https://shaharsatta.com/2025/07/03/chhattisgarh-state-civil-supplies-corporation-96-employees-in-cgscsc-are-posted-at-the-same-place-for-10-years/ https://shaharsatta.com/2025/07/03/chhattisgarh-state-civil-supplies-corporation-96-employees-in-cgscsc-are-posted-at-the-same-place-for-10-years/#respond Thu, 03 Jul 2025 08:05:26 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2776 0 छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में ट्रान्सफर नियम का उल्लंघन, राईस मिलर्स से गहरे संबंध शहर सत्ता/रायपुर। Chhattisgarh State Civil Supplies Corporation(CG SCSC)में कार्यरत 96 से अधिक कर्मचारी ऐसे…

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0 छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में ट्रान्सफर नियम का उल्लंघन, राईस मिलर्स से गहरे संबंध

शहर सत्ता/रायपुर। Chhattisgarh State Civil Supplies Corporation(CG SCSC)में कार्यरत 96 से अधिक कर्मचारी ऐसे चिन्हित किए गए हैं जो 10 वर्षों से भी अधिक समय से एक ही स्थान और पद पर पदस्थ हैं। यह स्थिति न केवल विभागीय स्थानांतरण नीति का उल्लंघन है, बल्कि यह बढ़ते हुए भ्रष्टाचार का भी एक प्रमुख कारण बनती जा रही है। लंबे समय से टिके कर्मचारियों ने स्थानीय चावल मिलर्स (rice millers) से गहरे संबंध बना लिए हैं। जो कर्मचारी एक ही कार्यालय में वर्षों से पदस्थ हैं, उन्होंने वहां ‘संपर्क और साम्राज्य’ स्थापित कर लिया है।

वर्षों से छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में मठाधीश बने बैठे ऐसे लोगों की वजह से ही कई मामलों में कमीशन, हेराफेरी और रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसी गतिविधियों की भी शिकायतें सामने आई हैं। कई स्थानों से भंडारण, धान की उठाव प्रक्रिया और चावल मिलिंग में गड़बड़ियों की शिकायतें भी मिली हैं, जिनमें इन्हीं कर्मचारियों की संलिप्तता का संदेह है।

तबादला नीति की अनदेखी

विभाग की ट्रांसफर पॉलिसी का उद्देश्य ही यही होता है कि कोई भी कर्मचारी किसी स्थान विशेष पर अपनी पकड़ न बना पाए, लेकिन जब ट्रांसफर होते ही नहीं, तो पूरे सिस्टम पर कब्जा कर लिया जाता है। जानकारों का मानना है कि यह स्थिति संस्थागत भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है। स्थानीय कार्यालयों में बैठे कुछ लोग खुद को सिस्टम से ऊपर मानने लगे हैं।

महकमे की साख पर लगा रहे बट्टा

SCSC में 96 से अधिक कर्मियों का एक ही स्थान पर वर्षों से पदस्थ रहना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह व्यापक भ्रष्टाचार का पोषण भी कर रहा है। अगर समय रहते इसपर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति विभाग की साख और जनहित दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है।

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Publication In Chhattisgarh Gazette : राज्य के अफसर और कर्मचारियों के लिए इंट्रा-डे ट्रेडिंग गैरकानूनी https://shaharsatta.com/2025/07/03/publication-in-chhattisgarh-gazette-intra-day-trading-is-illegal-for-state-officers-and-employees/ https://shaharsatta.com/2025/07/03/publication-in-chhattisgarh-gazette-intra-day-trading-is-illegal-for-state-officers-and-employees/#respond Thu, 03 Jul 2025 06:40:41 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2771 0 शेयर-डिबेंचर, म्यूच्यूअल फंड, क्रिप्टो और सिक्योरिटीज में इंट्रा-डे ट्रेडिंग रोज़ ख़रीदी-बिक्री अवचार की श्रेणी में रखा गया शहर सत्ता/रायपुर। (Publication In Chhattisgarh Gazette)छत्तीसगढ़ राज्य शासन सामान्य प्रशासन विभाग ने…

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0 शेयर-डिबेंचर, म्यूच्यूअल फंड, क्रिप्टो और सिक्योरिटीज में इंट्रा-डे ट्रेडिंग रोज़ ख़रीदी-बिक्री अवचार की श्रेणी में रखा गया

शहर सत्ता/रायपुर। (Publication In Chhattisgarh Gazette)छत्तीसगढ़ राज्य शासन सामान्य प्रशासन विभाग ने आला प्रशासनिक अधिकारीयों और कर्मचारियों के लिए फरमान जारी किया है। छत्तीसगढ़ के अफसर-कर्मी अब शेयर-म्यूचुअल फंड्स के साथ-साथ क्रिप्टो करेंसी में पैसे नहीं लगा सकेंगे। तत्संबंध में आदेश जारी होने के बाद से ही प्रशासन स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि कि शेयर ट्रेडिंग और म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करने वाले सरकारी अफसर-कर्मचारियों की बहुत बड़ी संख्या है। काफ़ी लोग इंट्राडे ट्रेडिंग यानी बार-बार खरीदी बिक्री भी कर रहे हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत बंसल ने इस आशय का आदेश जारी किया है, जिसका छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशन भी कर दिया गया। छत्तीसगढ़ शासन ने सरकारी कर्मचारियों के ऐसी किसी भी इंट्रा-डे ट्रेडिंग को अवचार (मिसकंडक्ट) मानते हुए भ्रष्टाचार की श्रेणी में ला दिया है। इसका आशय यह भी है कि महीने-दो महीने में एकाध बार नार्मल इन्वेस्टमेंट को मिसकंडक्ट के दायरे में नहीं लाया गया है।

 

राज्य के आला और मझोले अफसरों ने लगाया पैसा

छत्तीसगढ़ के तक़रीबन 5 लाख सरकारी अफसर-कर्मी अब वे शेयर और डिबेंचर ट्रेडिंग, क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग और म्यूचुअल फंड्स में इन्वेस्टमेंट नहीं कर पाएंगे। क्योंकि ऐसी तमाम intraday tradings अर्थात् बार-बार ख़रीदी बिक्री राज्य सरकार के अमले के लिए बैन कर दी गई हैं। इसकी नाफरमानी भ्रष्टाचार की श्रेणी में गिना जायेगा। छत्तीसगढ़ शासन ने सरकारी कर्मचारियों के ऐसी किसी भी इंट्रा-डे ट्रेडिंग को अवचार (मिसकंडक्ट) मानते हुए भ्रष्टाचार की श्रेणी में ला दिया है।

आदेश में यह भी किया गया है आशय स्पष्ट

इस आदेश का आशय यह बिल्कुल नहीं है कि सरकारी अफसर-कर्मचारी इस तरह का निवेश नहीं कर पाएंगे। बल्कि, जैसा कि केंद्र सरकार में लागू है, उसी के अनुरूप ही / securities/ debentures / mutual funds को allow किया गया है। केवल speculative ट्रेडिंग यानी intra-day, BTST, F&O, Crypto जो की *स्पष्टीकरण* में है, वही अनुमति नहीं है।

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Editorial by Sukant Rajput : सच बोलो, झूठ से लड़ो… शहर सत्ता साप्ताहिक समाचार पत्र https://shaharsatta.com/2025/06/02/editorial-by-sukant-rajput-speak-the-truth-fight-lies-shahar-satta-weekly-newspaper/ https://shaharsatta.com/2025/06/02/editorial-by-sukant-rajput-speak-the-truth-fight-lies-shahar-satta-weekly-newspaper/#respond Mon, 02 Jun 2025 17:08:24 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2561 संपादकीय – सुकांत राजपूत (Editorial by Sukant Rajput)हिंदी पत्रकारिता एक सिर्फ भाषा का चयन नहीं है, यह एक जनपक्षधर घोषणा है। “हम उस भारत के साथ खड़े हैं, जिसे मुख्यधारा…

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Sukant Rajput (Editor in Chief)

संपादकीय – सुकांत राजपूत

(Editorial by Sukant Rajput)हिंदी पत्रकारिता एक सिर्फ भाषा का चयन नहीं है, यह एक जनपक्षधर घोषणा है। “हम उस भारत के साथ खड़े हैं, जिसे मुख्यधारा ने हाशिये पर फेंक दिया!” सच्ची और अच्छी पत्रकारिता का मतलब है, आदिवासी का दर्द लिखना, मज़दूर की चीख को हेडलाइन बनाना, खदान की धूल से सत्ता का पर्दा साफ करना। जिसने ‘उदंत मार्तंड’ छापा था, उसके पास ना पैसा था, ना संसाधन; सिर्फ एक आग थी, और वही आग आज फिर चाहिए।

जब लोकतंत्र घायल होता है, तब हिंदी पत्रकारिता सत्ता की गोद में सोई हुई नहीं रहती ! 30 मई को सिर्फ माल्यार्पण करने वालों से गुजारिश है, सच बोलो, झूठ से लड़ो और बिकी हुई मीडिया को ललकारो। ताकि हमारी पीढ़ी यह न कहे पत्रकार अब सत्य का सिपाही नहीं, बल्कि पैकेज का पुजारी है। चैनल अब न्यूज़ रूम नहीं, ‘वॉर रूम’ हैं; विपक्ष को गाली देने वालों का अड्डा है। हमें बोलना था जनता की तरफ से, लेकिन अब बोल रहे है मालिक के इशारे पर।

जिस अंग्रेज़ी हुकूमत की छाती पर हिंदी पत्रकारिता ने पहला सवाल दागा था। फिरंगियों और देश के गद्दारों की छाती पर मूंग दला था आज वही पत्रकारिता सत्ता की जूतियाँ पॉलिश कर रही है। कॉर्पोरेट की गोदी में बैठकर TRP का च्यवनप्राश चाट रही है। जनता मर रही है, पत्रकार चुप है। आदिवासी उजड़ रहे हैं, लेकिन हिंदी मीडिया को धर्म और ड्रामा दिखाना है। किसान कर्ज़ में डूबे हैं और रोजी-रोटी के लिए आज भी मज़दूर काम की तलाश में पलायन कर रहे हैं।

आज जरुरत है सेल्फी पत्रकार’ की नहीं, निःस्वार्थ पत्रकारिता की, PR टाइप एजेंट नहीं, जनप्रतिनिधि पत्रकार चाहिए। जनता को ‘चाटुकार एंकर’ नहीं, सत्ता से सवाल करने वाले ‘छावा’ चाहिए। अगर सच बोलने की कीमत मौत है, तो मौत मंज़ूर है पर चुप्पी नहीं। याद रखिये पत्रकारिता सत्ता से डरने लगे, तो वो पत्रकारिता नहीं, चारण है। सत्ता, निजाम बदलते ही रंग बदलू पत्रकारिता करने वाले गिरगिटों की तादात तो बढ़ी है। लेकिन, अब भी चंद स्वशासी पत्रकारिता पसंदों से उम्मीद बंधी है क्योंकि सवाल पूछना अब बगावत हो गया है और बगावत अब पत्रकारिता की आखिरी उम्मीद है।

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Raipur bouncers & journalists Conflict : अस्पताल और डॉक्टर्स की हिफाज़त पहलवानों के जिम्मे क्यों ? https://shaharsatta.com/2025/05/28/raipur-bouncers-journalists-conflict-why-is-the-protection-of-hospital-and-doctors-in-the-hands-of-wrestlers/ https://shaharsatta.com/2025/05/28/raipur-bouncers-journalists-conflict-why-is-the-protection-of-hospital-and-doctors-in-the-hands-of-wrestlers/#respond Wed, 28 May 2025 08:56:23 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2499 0 बाउंसर्स और रायपुर के पत्रकारों के बीच बढ़ा विवाद, आरोपी पहलवानों के समर्थन में जूनियर डॉक्टर्स तो पत्रकारों के पक्ष में उतरे वकील शहरसात्ता/रायपुर। Raipur bouncers & journalists Conflict…

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0 बाउंसर्स और रायपुर के पत्रकारों के बीच बढ़ा विवाद, आरोपी पहलवानों के समर्थन में जूनियर डॉक्टर्स तो पत्रकारों के पक्ष में उतरे वकील

शहरसात्ता/रायपुर। Raipur bouncers & journalists Conflict : “बाउंसर” एक ऐसा शब्द जो हमें सुरक्षा, शक्ति और नियंत्रण की याद दिलाता है। इनकी तैनाती इसलिए की जाती है ताकि ये सेलिब्रिटी, राजनेता, और खास शख्सियतों को अनचाही भीड़ या संभावित खतरों से हिफाज़त कर सकें। लेकिन जब यही सुरक्षा के रक्षक, हिंसा के प्रतीक बनने लगें, तो सवाल उठना लाज़मी है। क्या किसी ने उन्हें पीटने, मारने या धमकाने का अधिकार दिया है कि वो ‘सुरक्षा’ के नाम पर आम नागरिक या किसी को भी पीटें? क्या “सुरक्षा” की परिभाषा में लात-घूंसे और घसीटकर मारना शामिल है? राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ और अन्य मेट्रो सिटीज़ में बाउंसर्स तैनाती स्टेटस सिंबॉल से कारोबार में तब्दील हो चूका है।

छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल डॉ भीमराव अम्बेडकर (मेकाहारा) में अस्पताल प्रबंधन द्वारा बाउंसर्स की तैनाती और पत्रकार बिरादरी का विवाद चर्चा में है। पुलिस चौकी अस्पताल में है, सिक्युरिटी गार्ड्स भी हैं फिर भी महंगे बाउंसर्स को अस्पताल और डॉक्टर्स की हिफाज़त में तैनात किया जाना अपने आप में कई सवालों को पैदा करता है। दो दिन पूर्व हुए पत्रकार और बाउंसर्स के बीच विवाद हाथापाई और सड़क तक पहुंच गई थी

मामला शांत होने की बजाये (bouncers & journalists Conflict)न्यायलय और समर्थन में उतरे वकील और डॉक्टर्स के दोनों पक्षों को सहीं बताने की प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है। जिनियर डॉक्टर्स संघ का कहना है कुछ पहलवान और बाउंसर्स टाइप के पत्रकारों ने विवाद पैदा किया और अस्पताल में नियम विरुद्ध घुसकर घटना को विवादित किये हैं। जबकि पत्रकार और वकील बाउंसर्स और अस्पताल प्रबंधन को इसका दोष दे रहे हैं। हालांकि पुलिस ने आरोपी बाउंसर्स का मुंडन करके जुलुस निकल भी दिया है। पत्रकारों का कहना है कि उनको कवरेज से रोका गया और हिंसात्मक रवैया बाउंसर्स ने अख्तियार कर रखा था।

‘संयम’ से सुरक्षा करना है ‘हिंसा’ से नहीं

बाउंसरों की ड्यूटी है भीड़ को कंट्रोल करना, स्थिति को संभालना, न कि विवाद को और बढ़ाना। लेकिन कई बार आयोजनों, क्लबों और राजनीतिक रैलियों में, मामूली विवादों पर बाउंसरों द्वारा की गई मारपीट सामने आती है। और तब सवाल उठता है क्या उन्हें आदेश दिया गया था यह करने या ये उनकी अपनी मनमानी थी? अगर नहीं, तो फिर इन बाउंसरों की ट्रेनिंग, जवाबदेही और सीमा तय कौन कर रहा है।

समाचारों के अपडेट्स के लिए ये भी देखें SHAHAR SATTA (26 May to 01 June 2025)

कानून से ऊपर नहीं है बाउंसर्स

बाउंसर कोई न्यायाधीश या पुलिस नहीं हैं, जो मौके पर फैसला सुना सकें। उनके हाथों में ताकत जरूर है, लेकिन कानून का पालन करना उनकी भी उतनी ही जिम्मेदारी है जितनी किसी आम नागरिक की। अगर विपरीत परिस्थितियां निर्मित भी हों तब भी कानून को बिना हाथ में लिए एक दायरा तैयार कर बाउंसर्स को उक्त संस्थान और शख्सियतों की रक्षा करना है। बात बिगड़ने पर इन्हें हायर करने वाली संस्थान या व्यक्ति या फिर एजेंसी भी जिम्मेदार होगी।

जब ताकत बेकाबू हो जाती है तो…

कई घटनाओं में देखने को मिला है कि किसी क्लब में एंट्री ना देने की बात पर, बाउंसरों ने ग्राहक को बेरहमी से पीटा है। किसी शादी या इवेंट में हंगामा हुआ – तो मेहमानों को जबरदस्ती धकेला गया। सवाल उठता है कि क्या ये ‘सुरक्षा’ है या ‘शक्ति प्रदर्शन’? बाउंसर को एक हद तक सुरक्षा के लिए रखा जाता है, डर फैलाने के लिए नहीं। उनका काम है संवेदनशीलता और संयम के साथ स्थिति को संभालना ना कि ताकत के नशे में लोगों की इज्जत और शरीर दोनों को घायल करना। समय आ गया है जब बाउंसरों की भूमिका, अधिकार और ज़िम्मेदारी पर एक खुली और स्पष्ट नीति बनें। ताकि सुरक्षा की आड़ में हिंसा को कोई और नाम ना दिया जा सके।

सुलगते सवाल

1. क्या बाउंसरों को उचित ट्रेनिंग मिल रही है?
2. क्या उनके काम की सीमाएं तय हैं?
3. अगर कोई घटना घटती है, तो जिम्मेदारों की भूमिका ?
4. बाउंसरों की कार्रवाई की निगरानी कौन करेगा ?
5. क्या मामले बिगड़ने पर सिर्फ बाउंसर ही दोषी होगा?

आवश्यक योग्यता और नियम (Norms)

1. आयु सीमा: आमतौर पर 21–40 वर्ष
2. कद: न्यूनतम 5 फीट 8 इंच (कुछ एजेंसियाँ 6 फीट प्राथमिकता देती हैं)
3. शारीरिक बनावट: बलिष्ठ, फिट और दमदार शरीर
4. स्वास्थ्य: मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट ज़रूरी

समाचारों के अपडेट्स के लिए ये भी देखें SHAHAR SATTA (26 May to 01 June 2025)

शैक्षणिक योग्यता

1.न्यूनतम योग्यता: आमतौर पर 10वीं या 12वीं पास
2. अंग्रेज़ी या स्थानीय भाषा का ज्ञान: क्लब, होटल, इवेंट आदि में संवाद के लिए
प्रशिक्षण (Training)

प्रशिक्षण और यह नियम अनिवार्य

Private Security Agencies Regulation Act (PSARA) के तहत कुछ राज्यों में सुरक्षा गार्ड्स की तरह बाउंसरों के लिए भी प्रशिक्षण और नियम अनिवार्य है।

0 इनकी ट्रेनिंग में शामिल होता है….

1. भीड़ नियंत्रण (Crowd management)
2. आत्मरक्षा (Self-defense)
3. कानून की सामान्य जानकारी (Legal awareness)
4. आपात स्थिति में प्रतिक्रिया (Emergency response)

0 पुलिस वेरिफिकेशन

1. बाउंसर नियुक्त करने से पहले पुलिस सत्यापन (Police Verification) आवश्यक होता है।
2. कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।

0 प्रमाणन / लाइसेंस

1. यदि बाउंसर किसी प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से काम करता है, तो उस एजेंसी के पास PSARA लाइसेंस होना अनिवार्य है।
2. व्यक्तिगत बाउंसरों को आमतौर पर अलग से कोई लाइसेंस नहीं चाहिए, लेकिन क्लब या होटल में काम करते समय ID कार्ड और नियुक्ति पत्र अनिवार्य होता है।

समाचारों के अपडेट्स के लिए ये भी देखें SHAHAR SATTA (26 May to 01 June 2025)

0 व्यवसायिक व्यवहार और प्रशिक्षण

1. बाउंसर को धैर्यवान, संयमित और संयोजक होना चाहिए।
2. गुस्से में या उकसावे पर हिंसा नहीं करनी चाहिए।
3. महिलाओं और बच्चों के प्रति संवेदनशील और सजग व्यवहार अपेक्षित होता है।

0 बाउंसर से जुड़े सुझाव और बदलाव बदलाव

1. कुछ राज्यों में अब यह मांग उठी है कि बाउंसरों की सरकारी मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग होनी चाहिए।
2. CCTV निगरानी और ड्यूटी के समय बॉडी कैमरा लगाने की भी मांग की गई है।
3. क्लब मालिकों और आयोजकों पर भी ज़िम्मेदारी डालने की योजना है।

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Ground Water Augmentation Mission : साय सरकार का भू-जल संरक्षण-संवर्धन के लिए मिशन मोड प्लान https://shaharsatta.com/2025/05/21/ground-water-augmentation-mission-mission-mode-plan-of/ https://shaharsatta.com/2025/05/21/ground-water-augmentation-mission-mission-mode-plan-of/#respond Wed, 21 May 2025 07:54:33 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2429 0 जल संरक्षण पर हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह विशेषज्ञों ने शासन के साथ किया मंथन शहर सत्ता/रायपुर। Ground Water Augmentation Mission : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, जल संवर्धन…

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0 जल संरक्षण पर हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह विशेषज्ञों ने शासन के साथ किया मंथन

शहर सत्ता/रायपुर। Ground Water Augmentation Mission : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, जल संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा भू-जल संवर्धन मिशन। मुख्यमंत्री ने भू-जल संवर्धन मिशन शुभारंभ किया। उन्होंने कहा भू-जल और वर्षा जल संरक्षण पर शहरों में प्रभावी कार्ययोजना बनाकर काम होंगे।

हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों ने(Ground Water Augmentation Mission)जल संरक्षण पर किया मंथन। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, वर्षा जल का संचय और संरक्षण भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने में बेहद अहम साबित होगा।

साय सरकार के मुताबिक प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में(Ground Water Augmentation Mission)भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए मिशन मोड पर काम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में मिशन के ब्रोशर का विमोचन और इस पर तैयार वीडियो भी लॉन्च किया। उन्होंने राज्य के नौ नगरीय निकायों में सेवाकाल के दौरान दिवंगत 18 कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी सौंपा।

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