पीएम गतिशक्ति एक राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा नियोजन पहल से विकसित होकर एक व्यापक डिजिटल नियोजन इकोसिस्टम बन गया है, मंत्रालयों, राज्यों, जिलों और बुनियादी ढांचा के नए क्षेत्रों में इसके विस्तार से भारत की अगली पीढ़ी का बुनियादी ढांचे के नियोजन के लिए एकीकृत दृष्टिकोण विकसित हुआ है
शहर सत्ता/रायपुर। (PM GatiShakti National Master Plan)प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएम गतिशक्ति के पाँच वर्ष भारत की बुनियादी ढांचा योजना में परिवर्तनकारी बदलाव के रूप में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस-एनएमपी) एक राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा मानचित्रण प्लेटफॉर्म से धीरे-धीरे विकसित होकर एक व्यापक नियोजन ढाँचे के रूप में उभरा है। यह जीआईएस आधारित मंच के माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों और बुनियादी ढांचा नेटवर्कों को एक साथ जोड़ता है, ताकि एकीकृत योजनाएं बनाने और परियोजनाओं के समन्वय में सहायता मिल सके। वर्तमान में इसके दायरे में 58 केन्द्रीय मंत्रालय और विभाग तथा सभी 36 राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश शामिल हैं।

इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए 13 अक्टूबर 2021 को पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत की गई। इसके तहत विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के आँकड़ों को एक साझा भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया। पीएम गतिशक्ति योजनाकारों को बुनियादी ढांचा, भौगोलिक विशेषताओं, आर्थिक क्षेत्रों और अन्य संबंधित महत्वपूर्ण आँकड़ों को एक साथ देखने में मदद करता है, जिससे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए आँकड़ों पर आधारित योजना बनाने और निर्णय लेने में सहायता मिलती है। पाँच वर्षों में यह दृष्टिकोण एक राष्ट्रव्यापी नियोजन ढाँचे के रूप में विकसित हो चुका है।

एक नजर में पीएम गतिशक्ति
पीएम गतिशक्ति के मार्गदर्शन के लिए छह सिद्धांत निर्धारित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य बुनियादी ढांचा नियोजन को अधिक एकीकृत, कुशल और समन्वित बनाना है। इनमें एकीकृत विकास, मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचा, अंतिम छोर तक संपर्क की सुविधा, भूमि अधिग्रहण में तेजी, मंजूरियों की संख्या में कमी तथा पारिस्थितिक प्रभाव को कम करना शामिल है।

गतिशक्ति के 6 प्रमुख सिद्धांत
* सात बुनियादी ढांचा इंजन: सड़कें, रेलवे, बंदरगाह, जलमार्ग, हवाई अड्डे, सार्वजनिक परिवहन और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचा इस योजना के प्रमुख क्षेत्र हैं।
* समग्र सरकारी नियोजन: राष्ट्रीय मास्टर प्लान में 58 केन्द्रीय मंत्रालयों और विभागों तथा सभी 36 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में अवसंरचना संबंधी प्रस्तावों की योजना बनाने और उनका आकलन करने में मदद मिलती है।
* एकीकृत डिजिटल नियोजन: राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बुनियादी ढांचा और भू-स्थानिक जानकारी को एक साझा जीआईएस आधारित मंच पर एकत्रित किया गया है, जिससे स्थानिक नियोजन और निर्णय लेने की प्रक्रिया को सहायता मिलती है।
* डेटा तक व्यापक पहुँच: पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेटफॉर्म 230 अनुमोदित डेटासेट तक पहुँच प्रदान करता है, जिससे स्थल की उपयुक्तता का विश्लेषण, संपर्क सुविधा का मानचित्रण, मार्ग निर्धारण की योजना और अनुपालन संबंधी जाँच करने में मदद मिलती है।
* डेटा लेयर्स: 12 अक्टूबर 2026 तक 23,493 से अधिक डेटा लेयर्स के माध्यम से बुनियादी ढांचा और अन्य प्रासंगिक जानकारी को साझा जीआईएस आधारित प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है।






