छत्तीसगढ़ में आला अफसरों को अब सोशल मिडिया में भी संभालना होगा मोर्चा, जनसम्पर्क निगरानी प्रकोष्ठ करेगा विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को भ्रामक ख़बरें वाट्सअप, अफसरों को एक्शन टेकन रिपोर्ट के आधार पर तय होगी रैंकिंग
शहर सत्ता/रायपुर। छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार के आला अफसरों को अब सोशल मीडिया में भी प्रॉम्ट और एक्टिव रहना होगा। जेन-जी आंदोलन बाद विभागों और जिला प्रशासनिक कार्यों से सम्बंधिन नेगेटिव-पॉज़िटिव ख़बरों पर तत्काल निर्धारित समय पर पुख्ता प्रतिक्रिया देना पड़ेगा। अधिकारीयों की सोशल मिडिया में सक्रियता और जवाबदेही के मद्देनजर उनकी रैंकिंग भी निर्धारित होगी। इसके लिए सचिव से लेकर कलेक्टर स्तर के अधिकारीयों को बोनस मार्क्स भी मिलेगा। गूगल फार्म के जरिये अफसरों की सोशल मीडिया में एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) से उनकी पदोन्नति-तबादला का मानक तैयार किया जायेगा।
वभागीय सूत्रों और मिडिया की ख़बरों के मुताबिक इसके लिए बाकायदा डेल्टा मार्किंग सिस्टम तय किया गया है। इसके तहत एक्टिव अधिकारीयों को 100 नंबर औसत निर्धारित है। अधिकारी प्रिंट और सोशल मीडिया में चल रही नकारात्मक ही नहीं सकारात्मक ख़बरों के लिए भी अपना पक्ष या तत्काल जवाब देंगे। ऐसा करने वाले अफसरों की ट्रैकिंग के लिए जनसंपर्क विभाग का निगरानी प्रकोष्ठ एक्टिव-प्रॉम्ट अफसरों पर विशेष गूगल फार्म के जरिये तय 100 मार्क्स में से पूर्व निर्धारित अंक भी देगा जिसकी मासिक रिपोर्ट भी बनेगी।
ऐसे मिलेंगे बोनस अंक
अफसरों को डेल्टा मार्किंग प्रणाली के आधार पर 15 अंक प्रेस रिलीज, 15 मार्क्स सक्सेस स्टोरी, 30 अंक सोशल मीडिया और 40 नंबर एक्शन टेकन रिपोर्ट के लिए निर्धारित है। अधिकारीयों और विभागाध्यक्षों को बस सोशल मीडिया में शासन-प्रशासन से संबंधित ख़बरों के लिए जवाबदेह और जिम्मेदार बनाने के लिए यह प्रयोग है। यह माना जा रहा है कि जेन-जी आंदोलन के बाद किसी भी गलत गुमानी को तत्काल जवाब देने के लिए इसे प्रभावी किया जा रहा है।
6 घंटे में जवाब के 40 अंक
ट्रैकिंग सिस्टम के जरिये जनसंपर्क निगरानी प्रकोष्ठ विभागीय ख़बरों को संबंधित अधिकारी को वाट्सअप करेगा। सोशल या प्रिंट मीडिया की खबरों की जानकारी मिलते ही अफसर को उसी दिन जवाब देना होगा। इसके लिए समय भी निर्धारित है। जानकारी के मुताबिक महज 6 घंटे में प्रतिक्रिया देने वाले को 40 अंक मिलेंगे। इससे ज्यादा वक्त बाद जवाब देने का कोई बोनस अंक मिलना तो दूर स्कोरिंग ही नहीं होगी। सोशल मिडिया की तीनों प्लेटफार्म की संयुक्त पोस्ट संख्या दर्ज की जाएगी। लेटलतीफी से जवाब पर रिपोर्ट भी बनेगी।






