Editorial By Sukant Rajput : सहाफ़ी हो गुंडे नहीं…

सुकांत राजपूत (9827181979)

एक वक्त था जब तालिबान और हिंदुस्तान के रिश्ते खतरनाक थे। खुशकिस्मती से आज दोनों गलबहियां पा रहे हैं। दुनियाबी रिश्तों का एक वाक़या फ़िलहाल सहाफ़ी और नौकरशाहों के बीच तल्खियां बढ़ा रहा हैं। सूबा-ए-नौकरशाही में सहाफ़ी की मुश्कें अफसर के हाथों और अफसर के गिरेबान तक सहाफ़ी का शिकंजा कस्ते देखा जा सकता है। खबर नवीसों की गर्दन से लेकर रोजी-रोटी तक फ़िलहाल सरकार के एक महकमा-ऐ-खास के रहमो करम पर है। एक वक्त था जब दोनों के रिश्ते बेहद पाक-साफ़ थे। कमोबेश पूरा महकमा बना ही खबर नवीसों के लिए था। दोनों साथ बैठते थे, घूमते थे, खाते-पीते भी थे। हालांकि ये सब अब भी होता है लेकिन महकमे को गुमान हो गया है और सहाफियों की जगह अब अखबार के मालिक और चंद नामचीन संपादकों से उनका राफ्ता है।

बिरादरी से रंग भेद मिटा तो ऊंच-नीच का पैमाना अब लबरेज होकर छलकने लगा है। फ़िलहाल सहाफ़ी भी जबरदस्ती में उतारू हैं तो नौकरशाह भी खुद को कंट्रोल नहीं कर पा रहे। तुर्रा यह कि खुद को रहमते देने वाला समझने का मुग़ालता पाले अफसर किसी से मां तो किसी से मौसी वाली मोहब्बतें कर रहे हैं। छोटे-बड़े की खाइयां इतनी गहराती जा रही हैं कि जैसे उनकी जेब से वो खर्च रहे हैं। नियम, कायदे और नवाज़िशों की बौछार करने वाले नौकरशाहों को यह गलत गुमानी है कि अख़बार और सहाफी छोटे-बड़े होते हैं।

वैसे ही खुशफ़हमी अख़बार मालिक, खबर नवीसों को भी हैं कि उनका लिखा ब्रम्ह वाक्य है। रोजी-रोटी और दादागिरी के इस तमाशे में एक सच्चाई जरूर सामने आई है कि रोजी-रोटी की जद्दोजहद में नौबत हाथापाई तक आ पहुंची है। हालांकि सरकार इससे ख़बरदार है। नौकरशाही का पलड़ा भी भारी है और अख़बार वाले की माज़ी में की गई हरकत उसके खिलाफ है। महकमें में चल रहे दलाल स्ट्रीट की भी खबरें हैं और माथा देख कर तिलक लगाने वाले अफसरों की चर्चा भी है। अब पूरी सहाफ़ी बिरादरी और अख़बारों पर अपनी नवाज़िशों की बारिश करने वाले नौकरशाहों को यह इल्म हो जाना चाहिए कि दोनों एक साथ चलेंगे या यूं ही लोफ़री करते रहेंगे।

pradeep chandravanshi

जिला कवर्धा के ग्राम रुसे में जन्म लिया। खेती-किसानी के साथ शिक्षा और खेल में भी संतोषजनक सफलता मिली। वर्तमान में शहर सत्ता के लिए ख़बरों और प्रबंधन की महती जिम्मेदारी प्राप्त है। रायपुर प्रेस क्लब का विगत 9 वर्षों से सक्रीय सदस्य भी हूं।

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