CHATTISGARHJANSAMPARK Archives - शहर सत्ता https://shaharsatta.com/tag/chattisgarhjansampark/ Wed, 23 Jul 2025 08:23:52 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 Accident: केदार कश्यप के भतीजे निखिल कश्यप की दर्दनाक मौत, बुलेट बाइक की रफ्तार बनी जानलेवा https://shaharsatta.com/2025/07/23/accident-kedar-kashyaps-nephew-nikhil-kashyap-dies-a-painful-death-the-speed-of-the-bullet-bike-proved-fatal/ https://shaharsatta.com/2025/07/23/accident-kedar-kashyaps-nephew-nikhil-kashyap-dies-a-painful-death-the-speed-of-the-bullet-bike-proved-fatal/#respond Wed, 23 Jul 2025 08:23:39 +0000 https://shaharsatta.com/?p=3120 शहरसात्ता/रायपुर. (Accident) 23 जुलाई 2025  राजधानी रायपुर में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री केदार कश्यप के भतीजे निखिल कश्यप (उम्र 19 वर्ष) की मौके पर…

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शहरसात्ता/रायपुर. (Accident) 23 जुलाई 2025  राजधानी रायपुर में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री केदार कश्यप के भतीजे निखिल कश्यप (उम्र 19 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में हुआ, जब निखिल तेज रफ्तार बुलेट बाइक से सड़क डिवाइडर से टकरा गया।
Nikhil kashyap

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक की गति अत्यधिक तेज थी, और टक्कर के बाद घटनास्थल पर ही निखिल ने दम तोड़ दिया। वहीं बाइक पर सवार एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे उपचार के लिए सत्य साईं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

Kedar kashyap

निखिल कश्यप पूर्व भाजपा सांसद दिनेश कश्यप के पुत्र थे। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के मर्च्युरी में भेज दिया गया।

हादसे में जिस बुलेट का इस्तेमाल हुआ, उस पर विधानसभा पास भी चिपका हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के वक्त बाइक की रफ्तार 140 किमी प्रति घंटे के आसपास थी। पुलिस ने बुलेट को जब्त कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

यह हादसा एक बार फिर से युवा राइडर्स के बीच स्पीड को लेकर लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े करता है।

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Memorandum To The President & Governor : खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन नाराज https://shaharsatta.com/2025/07/17/memorandum-to-the-president-and-governor-employee-officer-federation-angry-in-khairagarh-chhuikhadan-gandai/ https://shaharsatta.com/2025/07/17/memorandum-to-the-president-and-governor-employee-officer-federation-angry-in-khairagarh-chhuikhadan-gandai/#respond Thu, 17 Jul 2025 08:17:54 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2995 0 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भी दी चेतावनी, आज से केम्पस 02 प्रशासनिक भवन के गेट पर धरने में बैठे कर्मचारी शहर सत्ता/खैरागढ़/रायपुर। (Memorandum To The President & Governor)छत्तीसगढ़…

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0 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भी दी चेतावनी, आज से केम्पस 02 प्रशासनिक भवन के गेट पर धरने में बैठे कर्मचारी

शहर सत्ता/खैरागढ़/रायपुर। (Memorandum To The President & Governor)छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) इकाई ने बुधवार को दो अलग-अलग ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपे। पहला ज्ञापन इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो (डॉ.) लवली शर्मा द्वारा गैर-शिक्षक कर्मचारियों पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम दिया गया।। वहीं दूसरा ज्ञापन मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम 11 सूत्रीय लंबित मांगों के निराकरण को लेकर सौंपा गया।।

फेडरेशन के जिला संयोजक ने कहा कि कुलपति जैसे गरिमामयी पद पर बैठे व्यक्ति को अपने अधीनस्थ सभी कर्मचारियों का सम्मान करना चाहिए।।(Memorandum To The President & Governor) “हमने अब तक अपने चरणबद्ध आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखा है।।संघ के किसी भी सदस्य ने कुलपति या विश्वविद्यालय के विरुद्ध कोई अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं किया।। लेकिन कुलपति प्रो (डॉ) लवली शर्मा के द्वारा हमें ‘अभिशाप’ कहना अत्यंत निंदनीय है।। यदि वे सार्वजनिक रूप से क्षमा नहीं मांगतीं, तो हम ऐसी कुलपति को बर्दाश्त नहीं करेंगे।।”

फेडरेशन के जिला महासचिव व ब्लाक शिक्षा अधिकारी छुईखदान रमेंद्र कुमार डड़सेना ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भी (Memorandum To The President & Governor)ज्ञापन सौंपा गया है।। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी मांगों की अनदेखी की गई, तो संघ 22 अगस्त से प्रदेशव्यापी जंगी आंदोलन के लिए बाध्य होगा।। ज्ञापन में कुलपति प्रो (डॉ) लवली शर्मा के बयान को न सिर्फ कर्मचारियों का अपमान बताया गया।। बल्कि इसे छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध भी करार दिया गया है।

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PM Janman Yojana : मंत्री नेताम ने दी अफसरों को हिदायतें जनजातियों को करें संतृप्त https://shaharsatta.com/2025/07/15/pm-janman-yojana-minister-netam-instructed-officers-to-saturate-the-tribes/ https://shaharsatta.com/2025/07/15/pm-janman-yojana-minister-netam-instructed-officers-to-saturate-the-tribes/#respond Tue, 15 Jul 2025 14:52:49 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2933 0 जनजातियों के संस्कृति, परंपरा और परिवेश के अनुरूप ग्रामीण शैली में हो पीएम आवास का निर्माण शहर सत्ता/रायपुर। (PM Janman Yojana)आदिम जाति और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम…

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0 जनजातियों के संस्कृति, परंपरा और परिवेश के अनुरूप ग्रामीण शैली में हो पीएम आवास का निर्माण

शहर सत्ता/रायपुर। (PM Janman Yojana)आदिम जाति और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्य समिति कक्ष में प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (PM Janman Yojana) योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनजातीय समुदायों तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ज़मीनी चुनौतियों और आगामी रणनीति पर अधिकारीयों को जरुरी हिदायतें दी। उन्होंने विद्युत व्यवस्था, आश्रम-छात्रावासों के निर्माण, मोबाईल टॉवर की स्थापना, बहुउद्देशीय केन्द्रों का निर्माण, वन धन विकास केन्द्रों की स्थापना तथा व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा की प्रगति की भी समीक्षा की।

मंत्री श्री नेताम ने समीक्षा बैठक और अधिकारीयों से चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनजातियों के हित में अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। यह केन्द्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में से एक है। हमें पीएम जनमन (PM Janman Yojana)योजना के लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए प्राथमिकता के साथ योजनाओं को मूर्त रूप देना होगा। किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरती जाये।

मंत्री ने अफसरों से की यह चर्चा

1. पीएम आवास को उनकी संस्कृति, परंपरा और परिवेश के अनुरूप तैयार किया जाए।
2. पीएम जनमन योजना सड़क, पुल, पुलिया मात्र बनाने का नहीं बल्कि यह एक मिशन है।
3. पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए 33 हजार 132 आवासों की स्वीकृति दी गई है।
4. 14 हजार से अधिक आवास निर्माण के लिए तीसरी किस्त भी जारी की जा चुकी है।
5. छत्तीसगढ़ में अबुझमाड़िया, बैगा, बिरहोर, कमार और पहाड़ी कोरवा प्रमुख जनजाति।
6. योजना के लिए प्रदेश के 18 जिलों के 53 विकासखंड के 1541 ग्राम पंचायत चिन्हाकिंत।
7. विशेष पिछड़ी जनजातियों के 56 हजार 569 परिवारों में 2 लाख 12 हजार 688 की संख्या।

बैठक में इन अफसरों की उपस्थिति

(PM Janman Yojana)बैठक में आदिम जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, आदिम जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग विकास विभाग के आयुक्त डॉ सारांश मित्तर, आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संचालक जगदीश सोनकर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा सहित सभी संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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Bollywood: रोल छिना, आत्मसम्मान टूटा,लेकिन हारा नहीं, बॉलीवुड एक्टर नवीन पंडिता… https://shaharsatta.com/2025/07/15/bollywood-role-taken-away-self-esteem-broken-but-did-not-give-up-bollywood-actor-naveen-pandita/ https://shaharsatta.com/2025/07/15/bollywood-role-taken-away-self-esteem-broken-but-did-not-give-up-bollywood-actor-naveen-pandita/#respond Tue, 15 Jul 2025 14:43:44 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2924 पहली ‘हाँ’ और ‘ना’ ने सिखाया क्या करना है. नविन पंडिता की शरसत्ता से एक्सक्लूसिव बातचीत. मैंने अपने Bollywoodकरियर की पहली ‘हाँ’ से सीखा कि मुझे क्या नहीं करना है,…

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पहली ‘हाँ’ और ‘ना’ ने सिखाया क्या करना है.

नविन पंडिता की शरसत्ता से एक्सक्लूसिव बातचीत.

मैंने अपने Bollywoodकरियर की पहली ‘हाँ’ से सीखा कि मुझे क्या नहीं करना है, और पहली ‘ना’ से सीखा कि मुझे क्या करना है,कुछ इसी अंदाज़ में अपनी सफर की शुरुआत पर बात करते हैं बॉलीवुड एक्टर नवीन पंडिता, जो अपने हर फैसले को सीख में बदलना जानते हैं।

Actor Naveen pandita

फिटनेस फ्रीक माने जाने वाले नवीन बताते हैं, मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि फिट दिखूं, कपड़े मुझ पर सूट करें और स्क्रीन पर अच्छा दिखूं। लेकिन एक बार मुझे एक शॉर्ट फिल्म के लिए थोड़ा अनफिट लुक अपनाना था, पेट बाहर निकालना पड़ा। मैं तैयार था, लेकिन शूट के वक़्त मुझे लुक की वजह से रिप्लेस कर दिया गया।शायद मैं उस फ्रेम में फिट नहीं बैठा पर मैंने पूरी कोशिश की थी।

Actor Naveen pandita

वो आगे कहते हैं, जिस तरह का आर्टिस्ट मैं बनना चाहता हूं, उसमें लुक बदलना, फिजिक बदलना, ये सब मेरी आर्टिस्ट्री का हिस्सा है। उनके लिए शरीर भी एक कलाकार का माध्यम है, चाहे पतले का रोल हो या हट्टे-कट्टे का।

Actor Naveen pandita

आउटसाइडर होने पर नवीन बेझिझक बोलते हैं,

ये एक माइंडसेट की बात है। अगर काम आता है, सीखने की इच्छा है, तो इंडस्ट्री में बहुत काम है।वो कहते हैं कि सुशांत सिंह राजपूत और कार्तिक आर्यन जैसे स्टार्स की सक्सेस इस बात का सबूत है कि टैलेंट और मेहनत अपना रास्ता बना ही लेते हैं। हालांकि, कुछ तजुर्बे कड़वे भी रहे। एक टीवी रोल के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि सेट पर ट्रीटमेंट वैसा ही मिलता है जैसा आपका रोल होता है।

Actor Naveen pandita

“मेरा सेल्फ-एस्टीम डाउन हो गया था। उसे दोबारा गेन करने में वक्त लगा।पर सीख यहीं से मिली,बहुत सोच समझ कर ‘हाँ’ बोलिए, और अपने गट इंस्टिंक्ट की सुनिए। नवीन मानते हैं कि आर्टिस्ट के लिए इंस्टिंक्ट सबसे बड़ा गाइड होता है, अच्छा, बुरा, सही, गलत सब वही बताता है।

Actor Naveen pandita

सुपरस्टार बनने की चाह तो है, लेकिन वो कहते हैं, “पता नहीं बना हूँ या नहीं, पर मैं सिर्फ खुद को बेहतर बनाने में लगा हूं।नवीन हर तरह की फिल्में करना चाहते हैं,मसाला, आर्ट, सब्जेक्ट बेस्ड क्योंकि उनके लिए असली लड़ाई खुद से है, और जीत भी खुद पर ही होनी चाहिए।

और अंत में, वो बड़ी विनम्रता से कहते हैं

मैंने कुछ खोया नहीं, सिर्फ पाया है… क्योंकि नंगे आए थे, धीरे-धीरे पा रहे हैं। और इसके लिए मैं दिल से grateful हूं।

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CHHOLLYWOOD: हीरो को तवज्जो, हीरोइनों की अनदेखी,जब ग्लैमर भारी पड़े टैलेंट पर… https://shaharsatta.com/2025/07/15/chhollywood-heroes-get-importance-heroines-are-ignored-when-glamour-overpowers-talent/ https://shaharsatta.com/2025/07/15/chhollywood-heroes-get-importance-heroines-are-ignored-when-glamour-overpowers-talent/#respond Tue, 15 Jul 2025 06:00:06 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2907 ० छालीवुड में एक भी निर्माता ऐसा नहीं, जो ‘राज़ी’, ‘मॉम’ जैसी महिला प्रधान फिल्में बनाए छत्तीसगढ़ी सिनेमा इंडस्ट्री में औसतन महीने में तीन से चार फिल्में बनती हैं,(CHHOLLYWOOD) बावजूद…

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० छालीवुड में एक भी निर्माता ऐसा नहीं, जो ‘राज़ी’, ‘मॉम’ जैसी महिला प्रधान फिल्में बनाए

छत्तीसगढ़ी सिनेमा इंडस्ट्री में औसतन महीने में तीन से चार फिल्में बनती हैं,(CHHOLLYWOOD) बावजूद इसके अब तक छालीवुड में फीमेल एक्ट्रेस की अनदेखी करते हुए इंडस्ट्री को मेल एक्टर्स के लिए समर्पित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ में बेहतरीन महिला अभिनेत्रियों की न तो कमी है और न ही प्रदेश में महिला प्रधान विषयों की। बावजूद इसके, बॉलीवुड में श्रीदेवी अभिनीत फिल्म मॉम, आलिया भट्ट अभिनीत राज़ी जैसी कई ऐसी फिल्में हैं, जो बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रही हैं। कमोबेश बॉलीवुड की तर्ज पर छालीवुड में भी महिला विषयक फिल्में न बनना यह दर्शाता है कि फिल्म निर्माता मेल एक्टर्स को तरजीह देते हैं और फीमेल एक्टर्स को सिर्फ सुंदर गुलदान में रखे फूल की तरह प्रदर्शित करके अपने काम की इतिश्री कर लेते हैं। इस मामले में छत्तीसगढ़ की कुछ उभरती अभिनेत्रियों से शहर सत्ता के कला समीक्षक पुरन किरी ने चर्चा की। उन्होंने क्या कहा, उनके संपादित अंश यहां प्रस्तुत हैं।

ELSA GOSH ACTREES

एल्सा घोष बोलीं ,मैं शोपीस नहीं, किरदार निभाती हूं.

शहर सत्ता/रायपुर।छत्तीसगढ़ी फिल्मों में काम करने वाली बंगाल की बेटी एल्सा घोष ने महज़ 9 साल की उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था।(CHHOLLYWOOD) तेलुगु, बंगाली, उड़िया और छत्तीसगढ़ी फिल्मों में उन्होंने अपने अभिनय का लोहा मनवाया है। 15 वर्षों के अनुभव में वे 20 से अधिक फिल्मों में नज़र आ चुकी हैं और हर बार उन्होंने दमदार भूमिका निभाई है।
ग्लैमर से आगे अभिनय मैं सिर्फ ग्लैमर का चेहरा नहीं हूं, मैं किरदार में जीती हूं।” एल्सा साफ़ कहती हैं कि वे हमेशा स्पष्ट और ईमानदार काम की प्रक्रिया में विश्वास रखती हैं।
नेपोटिज़्म और राजनीति पर: नेपोटिज़्म हर जगह है, सिर्फ छॉलीवुड में नहीं। लेकिन जीत हमेशा टैलेंट और मेहनत की होती है।”एक्ट्रेस को शोपीस समझे जाने पर: कभी-कभी ऐसा लगता है कि हमें सिर्फ सजावट की चीज़ समझ लिया गया है। गाने और सुंदर कपड़े पहनाने तक ही सीमित कर देते हैं। जबकि एक्ट्रेस उससे कहीं ज़्यादा होती है।छत्तीसगढ़ी सिनेमा की क्वालिटी पर: अगर मुझे पावर मिले, तो सबसे पहले बेहूदी फिल्मों की भीड़ को रोकूंगी। क्वालिटी ज़रूरी है, क्वांटिटी नहीं। 50 खराब फिल्मों के बाद जब कोई अच्छी फिल्म आती है, तब भी लोग नहीं देखते क्योंकि पहले से छवि खराब हो चुकी होती है।पछतावा नहीं, फोकस है: जो हुआ, जैसे हुआ, वह अनुभव था। मैं आज भी सही ट्रैक पर हूं। मैं सिनेमा को सजाने नहीं, संवारने आई हूं।नए कलाकारों के लिए संदेश: सिर्फ काम पर ध्यान दो, पॉलिटिक्स से दूर रहो और मेहनत करते जाओ ,यही रास्ता है आगे बढ़ने का।

ISHIKA YADAV ACTREES

ईशिका यादव का साफ़ कहना ,कॉम्प्रोमाइज़ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं.

छत्तीसगढ़ी फिल्मों की जानी-मानी अदाकारा ईशिका यादव ने इंडस्ट्री में अपने 7 साल पूरे कर लिए हैं। (CHHOLLYWOOD) अब तक उन्होंने 9–10 फिल्मों में अभिनय किया है और हर बार अपनी सादगी और गहराई से दर्शकों को प्रभावित किया है।
आत्मसम्मान सबसे ऊपर: मैं रोल चुनते वक्त आत्म-सम्मान को प्राथमिकता देती हूं। छत्तीसगढ़ का दर्शक सादगी पसंद करता है, इसलिए मैं सोच-समझकर काम करती हूं।
कंप्रोमाइज़ नहीं किया: मैं बहुत स्ट्रिक्ट हूं, इसलिए शायद ही किसी ने कभी कोशिश की हो कि मैं समझौता करूं।
नेपोटिज़्म पर बेबाक राय: यहां काम की कद्र होती है, रिश्तों की नहीं। जो अच्छा करता है, उसे ज़रूर मौका मिलता है।
ग्लैमर डॉल की छवि पर: मैं हमेशा से महिला-केंद्रित फिल्म करना चाहती थी, लेकिन शायद निर्माता रिस्क लेने से डरते हैं।
पछतावे भरे पल: अभिनेत्री बनने के बाद सबसे बड़ा नुकसान ये रहा कि मैं अपने परिवार और संस्कारों से दूर हो गई।
अगर प्रोड्यूसर होतीं तो:लोग सोचते हैं कि प्रोड्यूसर के पास बहुत पावर होती है, पर सच यह है कि सब कुछ उनके हाथ में नहीं होता।
नए कलाकारों को सलाह: बोलो जो सही है, ईमानदारी से काम करो और बेशरम बनो , वरना इंडस्ट्री तुम्हें कमजोर समझेगी।
आख़िरी बात: मैं अपने काम से प्यार करती हूं। किसी को परेशान नहीं किया। बस इतना चाहती हूं कि लोग जुड़ें, लेकिन परेशान न करें। हमारी इंडस्ट्री बहुत अच्छी है ,बस आपसी जलन और खींचतान खत्म करनी होगी।

RAAYA DINGORIYA ACTREES

राया डिंगोरिया ने कहा ,मुझे एक्टिंग से प्यार नहीं, लत है.

बॉलीवुड और छॉलीवुड(CHHOLLYWOOD) की चमकती अदाकारा राया डिंगोरिया का फिल्मी सफर  सिर्फ ग्लैमर नहीं, बल्कि ज़िद, जुनून और खुद पर भरोसे का उदाहरण है।
सपना नहीं था, आज पैशन है: राया बताती हैं कि उन्होंने कभी एक्टिंग का सपना नहीं देखा था। परिवार की सख़्ती के बीच जब उन्हें पहला विज्ञापन मिला, तो किस्मत ने दरवाज़ा खोला। उसके बाद ‘कुंडली भाग्य’, ‘प्रोफेसर पांडे के पांच परिवार’ जैसे टीवी शो और वेब सीरीज़ के ज़रिए अभिनय की शुरुआत हुई और फिर छत्तीसगढ़ी सिनेमा में कदम रखा। आज वे अपनी तीसरी फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं।
कहानी मायने रखती है, नहीं कि कैसे दिख रही हूं: मैं वही रोल चुनती हूं जो मुझे भीतर से चुनौती दे। किरदार में डूबना मेरे लिए सबसे ज़रूरी है।
कंप्रोमाइज़ से दूरी: अब तक कभी कंप्रोमाइज़ नहीं किया। मैं कम लेकिन दमदार प्रोजेक्ट चुनती हूं, सतर्क रहती हूं।
नेपोटिज़्म पर राय: हर सेक्टर में नेपोटिज़्म है। लेकिन मुझे जो भी मिला, वह या तो ऑडिशन या काम देखकर मिला।
ग्लैमर डॉल टैग से दूरी: छॉलीवुड में मुझे जो रोल मिले, वे सशक्त किरदारों पर आधारित रहे हैं। मुझे कभी शोपीस नहीं बनाया गया।
अंतिम मंत्र: मेहनत करो और इतनी ज़िद रखो कि खुद भगवान भी न रोक सकें। सफलता का शॉर्टकट नहीं होता। जो लोग सफर को एंजॉय करते हैं, मंज़िल उन्हीं को मिलती है।
पहचान क्या चाहती हैं: मैं चाहती हूं कि लोग मुझे एक बेहतरीन कलाकार और एक अच्छे इंसान के रूप में याद करें। क्योंकि अच्छा इंसान बनना सबसे ज़रूरी है , बाकी सब पीछे पीछे आता है।

 

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Swachh Survey Awards Ceremony : छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों को मिलेंगे राष्ट्रीय पुरस्कार https://shaharsatta.com/2025/07/12/swachh-survey-awards-ceremony-seven-urban-bodies-of-chhattisgarh-will-receive-national-awards/ https://shaharsatta.com/2025/07/12/swachh-survey-awards-ceremony-seven-urban-bodies-of-chhattisgarh-will-receive-national-awards/#respond Sat, 12 Jul 2025 15:05:07 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2879 0 17 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु करेंगी पुरस्कृत शहर सत्ता/रायपुर। (Swachh Survey Awards Ceremony)राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय…

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0 17 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु करेंगी पुरस्कृत

शहर सत्ता/रायपुर। (Swachh Survey Awards Ceremony)राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों को प्रेसीडेन्ट्स अवार्ड प्रदान करेंगी। स्वच्छता में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बिलासपुर नगर निगम का तीन लाख से दस लाख तक आबादी (Big Cities) की शहरों की श्रेणी में, कुम्हारी नगर पालिका को 20 हजार से 50 हजार जनसंख्या तक (Small Cities) की श्रेणी में और बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी (Very Small Cities) वाले शहरों की श्रेणी में इसके लिए चयनित किया गया है।

राज्य स्तर पर स्वच्छता में अच्छे कार्यों के लिए केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा रायपुर नगर निगम को मिनिस्टरियल अवार्ड (Ministerial Award) प्रदान किया जाएगा। नई दिल्ली में आगामी 17 जुलाई को आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में राज्य के सात नगरीय निकायों को स्वच्छता के पैमानों पर खरे उतरने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ये पुरस्कार प्रदान करेंगी। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी पुरस्कार समारोह में शामिल होंगे।

CM साय और डिप्टी CM साव ने दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयनित सातों नगरीय निकायों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा स्थानीय निकायों द्वारा लगातार किए जा रहे कार्यों का यह सुपरिणाम है। आने वाले समय में राज्य के और भी नगरीय निकायों को स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होंगे। शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र की सरकार शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए कई नवाचारों के साथ सतत काम कर रहे हैं।

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Decisions 0f The Sai Cabinet : छात्र स्टार्टअप नीति मंजूर, पुरानी गाड़ियों के नंबर नए वाहनों में ट्रांसफर https://shaharsatta.com/2025/07/11/decisions-0f-the-sai-cabinet-student-startup-policy-approved-numbers-of-old-vehicles-transferred-to-new-vehicles/ https://shaharsatta.com/2025/07/11/decisions-0f-the-sai-cabinet-student-startup-policy-approved-numbers-of-old-vehicles-transferred-to-new-vehicles/#respond Fri, 11 Jul 2025 17:10:43 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2876 0 राज्य पुलिस सेवा के 2005-2009 बैच को सीनियर सिलेक्शन ग्रेड पे स्केल देने 30 पद स्वीकृत शहर सत्ता/रायपुर। (Decisions 0f The Sai Cabinet)छत्तीसगढ़ विधान सभा के पावस सत्र 2025…

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0 राज्य पुलिस सेवा के 2005-2009 बैच को सीनियर सिलेक्शन ग्रेड पे स्केल देने 30 पद स्वीकृत

शहर सत्ता/रायपुर। (Decisions 0f The Sai Cabinet)छत्तीसगढ़ विधान सभा के पावस सत्र 2025 से पहले शुक्रवार को साय कैबिनेट की बैठक हुई। राज्य पुलिस सेवा के 2005-2009 बैच के अफसरों को सीनियर सिलेक्शन ग्रेड पे स्केल देने 30 पद स्वीकृत किए गए हैं। छत्तीसगढ़ में पुरानी गाड़ियों के नंबर नए वाहनों में ट्रांसफर हो सकेंगे। शासकीय वाहनों पर शुल्क नहीं लगेगा। 100 संस्थानों में 50 हजार छात्रों तक पहुंच बनाना होगा। 150 स्टार्टअप को सपोर्ट मिलेगा।

अब मनपसंद नंबर का दोबारा उपयोग संभव

राज्य सरकार ने आम नागरिकों को एक और महत्वपूर्ण सुविधा का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में एक अहम निर्णय लेते हुए यह सुविधा प्रदान की गई है कि अब वाहन मालिक अपने पुराने वाहन के मनपसंद या च्वाईस नंबर का उपयोग नए वाहन में भी कर सकेंगे। परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश एवं परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि इस संबंध में विभाग द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस नई व्यवस्था से आमजन को सुविधा मिलेगी और उनकी पसंद के नंबर को फिर से उपयोग में लाने का अवसर मिलेगा। यह निर्णय न केवल जनता की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि परिवहन विभाग की सेवाओं को और अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाएगा।

पिछली बैठक के निर्णय

– कृषक उन्नति योजना का दायरा बढ़ा
– अब धान की बजाय दलहन, तिलहन, मक्का की फसल लगाने वाले किसानों को भी आदान सहायता राशि मिलेगी।
– छत्तीसगढ़ पेंशन फंड का गठन
– सेवानिवृत्ति के समय पेंशन भुगतान के बेहतर प्रबंधन के लिए पेंशन फंड बनाने का फैसला।
– छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड
– राज्य की अर्थव्यवस्था को स्थिर और मजबूत रखने के लिए यह फंड बनेगा।
– लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 का अनुमोदन
– छत्तीसगढ़ को लॉजिस्टिक हब बनाने, भंडारण क्षमता बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने की योजना।
– ड्राई पोर्ट और कंटेनर डिपो बनाने को प्रोत्साहन मिलेगा।
– युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
– जन विश्वास विधेयक-2025
– कुछ कानूनों को गैर-अपराध की श्रेणी में लाने का फैसला।
– अनावश्यक केस कम होंगे और कारोबार करना आसान होगा।
– रि-डेवलपमेंट योजना

अनुपयोगी जमीन के विकास की 7 योजनाएं मंजूर

पुराने और जर्जर सरकारी भवनों और सरकारी जमीनों में विकास योजना मंजूर की गई है। शांति नगर रायपुर, बीटीआई शंकर नगर रायपुर, कैलाश नगर राजनांदगांव, चांदनी चौक फेस-2 जगदलपुर, सिविल लाइन कांकेर, क्लब पारा महासमुंद, कटघोरा कोरबा जमीनें चिन्हांकित की गई है।

पदोन्नति की न्यूनतम सेवा में छूट

उच्च श्रेणी पंजीयन लिपिक से उप पंजीयक पद पर प्रमोशन के लिए 5 साल की जगह 2 साल की न्यूनतम सेवा तय (केवल एक बार के लिए)।

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Editorial by sukant rajput: ख़त्म होती पवित्रता  https://shaharsatta.com/2025/07/08/editorial-by-sukant-rajput-purity-is-vanishing/ https://shaharsatta.com/2025/07/08/editorial-by-sukant-rajput-purity-is-vanishing/#respond Tue, 08 Jul 2025 05:50:45 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2845 सम्पादिकी सुकांत राजपूत  शहरसात्ता/ रायपुर. कुछ समय पहले तक यह सोचा भी नहीं जा सकता था कि कोई आईएएस अधिकारी गिरफ्तार हो जाएगा। भारत में अधिकारी गिरफ्तार नहीं होते थे।…

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सम्पादिकी सुकांत राजपूत 
Sukant Rajput (Editor in Chief)

शहरसात्ता/ रायपुर. कुछ समय पहले तक यह सोचा भी नहीं जा सकता था कि कोई आईएएस अधिकारी गिरफ्तार हो जाएगा। भारत में अधिकारी गिरफ्तार नहीं होते थे। घोटालों में नेता बदनाम होते थे या पकड़े जाते थे। अधिकारी बेदाग रहते थे। बोफोर्स से लेकर चारा घोटाले और संचार से लेकर आदर्श घोटाले तक किसी अधिकारी के पकड़े जाने की शायद ही मिसाल हो। कोयला घोटाले में जरूर एक आईएएस फंसे थे लेकिन अदालत ने उनको भी बरी कर दिया है। परंतु अब आए दिन किसी न किसी अधिकारी के गिरफ्तार होने की खबर आती है। अकेले झारखंड में तीन आईएएस अधिकारी अभी जेल में हैं। विनय चौबे और छवि रंजन कार्यरत आईएएस हैं और अमित प्रकाश रिटायर हैं। ये तीनों किसी न किसी मामले में जेल में बंद हैं। कुछ दिन पहले ही लंबा समय जेल में बिता कर आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल जमानत पर छूटी हैं।

उधर ओडिशा ने 10 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए आईएएस अधिकारी धीमान चकमा को गिरफ्तार किया गया है। उनको घर से 37 लाख रुपए नकद मिले। वे जेल में बंद हैं। ओडिशा में ही राजस्व सेवा के एक अधिकारी जो ईडी के डिप्टी डायरेक्टर थे उनको भी घूस लेते गिरफ्तार किया गया। छत्तीसगढ़ में आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई और रानू साहू को गिरफ्तार किया गया था। दोनों को हाल ही में जमानत मिली है। लेकिन पूर्व आईएएस अभी जेल में बंद हैं उनको जमानत नहीं मिली है। इस बीच रानू साहू को आईएएस पति जयप्रकाश मौर्य को भी कोयला घोटाले में आरोपी बनाया गया है। यह सिर्फ झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल राज्यों का मामला नहीं है। बिहार में भी आईएएस अधिकारी संजीव हंस जेल में बंद हैं। यह बिल्कुल नई परिघटना है। इसका एक नतीजा यह हुआ है कि नेताओं की तरह अधिकारियों की छवि भी आम लोगों की नजर में खराब हो रही है।

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BOLLYWOOD: मुंबई बॉलीवुड कास्टिंग काउच का कड़वा सच: नेहा सिंघानिया ने दिखाई राह, कहा,टैलेंट की कद्र है, समझौते की नहीं! https://shaharsatta.com/2025/07/08/mumbai-the-bitter-truth-of-bollywood-casting-couch-neha-singhania-showed-the-way-said-talent-is-valued-not-compromise/ https://shaharsatta.com/2025/07/08/mumbai-the-bitter-truth-of-bollywood-casting-couch-neha-singhania-showed-the-way-said-talent-is-valued-not-compromise/#respond Tue, 08 Jul 2025 02:49:32 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2823 हर सपना चमकता नहीं, कुछ जले हुए किस्सों से भी भरा होता है… शहरसात्ता/मुंबई. (Bollywood) मुंबई सपनों का शहर, जहाँ हर दिन कोई न कोई लड़की अपने सपनों की गठरी…

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हर सपना चमकता नहीं, कुछ जले हुए किस्सों से भी भरा होता है…

शहरसात्ता/मुंबई. (Bollywood) मुंबई सपनों का शहर, जहाँ हर दिन कोई न कोई लड़की अपने सपनों की गठरी लेकर स्टेशन पर उतरती है। उनमें से एक बनना चाहती है सुपरस्टार, कोई बनना चाहती है रोल मॉडल। लेकिन इस चमकती दुनिया के पीछे एक अंधेरा भी है कास्टिंग काउच।

Casting director /Neha singhania

कास्टिंग डायरेक्टर नेहा सिंघानिया, जो मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में नई प्रतिभाओं को मौका देने के लिए जानी जाती हैं, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक सशक्त वीडियो शेयर करते हुए बताया कि, जब कोई नई लड़की इंडस्ट्री में आती है, तो हम नहीं जानते कि वो किन हालातों से गुज़र कर यहां तक पहुंची है। क्या उसको फैमिली का सपोर्ट है? क्या वो घर से भागकर आई है? क्या वो आर्थिक रूप से सक्षम है? ये हम कभी नहीं जानते.

नेहा ने खास तौर पर कास्टिंग काउच जैसे ट्रैप पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि किस तरह लड़कियों को प्राइवेट ऑडिशन के नाम पर होटल रूम में बुलाया जाता है, और वहां उन्हें कहा जाता है

इंडस्ट्री में काम ऐसे ही मिलता है, अगर एडजस्ट नहीं किया, तो चांस नहीं मिलेगा…

लेकिन नेहा सिंघानिया का साफ संदेश है 

“डरो नहीं, रुको नहीं, झुको नहीं! टैलेंट की हमेशा वैल्यू होती है, न कि किसी समझौते की।”

उन्होंने लड़कियों को यह भी सलाह दी 

👉 ऐसे किसी कॉल पर भरोसा न करें जहाँ जगह साफ़ न बताई गई हो।

👉 किसी ऑडिशन या मीटिंग पर अकेले न जाएँ।

👉 किसी भरोसेमंद व्यक्ति को लोकेशन की जानकारी दें।

👉 ज़रूरत पड़े तो पुलिस या महिला आयोग की मदद लेने में हिचकिचाएँ नहीं।

नेहा का यह वीडियो न सिर्फ़ हिम्मत देने वाला है, बल्कि इंडस्ट्री के काले सच को बेनकाब करता है। वह कहती हैं,

यह इंडस्ट्री मेहनत की भूखी है, मजबूरी की नहीं।

अगर आप सपनों के शहर में हैं, तो खुद को टूटने न दें। संघर्ष हर किसी के हिस्से आता है, लेकिन अपनी अस्मिता और आत्म-सम्मान को कभी गिरवी न रखें। ये दुनिया आपकी मेहनत से ही आपको पहचान देगी।

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Editorial by sukant rajput:गैजेट की गुलामी https://shaharsatta.com/2025/07/01/editorial-by-sukant-rajput-slavery-of-gadgets/ https://shaharsatta.com/2025/07/01/editorial-by-sukant-rajput-slavery-of-gadgets/#respond Tue, 01 Jul 2025 15:04:28 +0000 https://shaharsatta.com/?p=2747   संपादकीय•सुकांत राजपूत उपकरणों के द्वारा, टीवी – मोबाइल से पता नहीं कितने विचार रोज हमारे मन तक पहुंच रहे हैं। कुछ विचार हमें निराश कर देते हैं। जो हमें…

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संपादकीय•सुकांत राजपूत

उपकरणों के द्वारा, टीवी – मोबाइल से पता नहीं कितने विचार रोज हमारे मन तक पहुंच रहे हैं। कुछ विचार हमें निराश कर देते हैं। जो हमें निराश कर देते हैं। ऐसे विचारों से बचें। अच्छे विचार हमारे जीवन में दिव्यता ला सकते हैं। (Editorial by sukant rajput) अगर हमारी संगति सकारात्मक और सात्विक है तो जीवन में उन्नति जरूर मिलेगी। खुद की, अपने परिजनों की और मित्रों की उन्नति के लिए बहुत आवश्यक भी है। लेकिन आज की पीढ़ी और उनकी मित्रमंडली उपकरणों से मिल रही ज्यादातर बुरी और कमतर अच्छी विचारधाराओं में उलझकर रह गई है। किशोर मन विचलित हो रहा है और सब कुछ जानने उसे महसूस करने के लिए तत्पर भी है। कोलकाता व्यभिचार में लिप्त आरोपियों की मनोदशा भी उपकरणों की उत्तेजना का ही परिणाम है। यहां संगती और सत्संग भी अहम् भूमिका में है।

हमें अपनी आत्मा पर दो बार काम करना चाहिए- सोने के पहले, उठने के बाद। फिर शरीर पर चार बार काम करना चाहिए- स्नान, पूजन, भोजन, शयन के समय। लेकिन मन पर प्रतिपल काम करना पड़ेगा। मन का मामला ऐसा है कि आपने जरा-सा मौका दिया तो मन काम दिखा जाएगा। सवाल उठता है मन पर प्रतिपल किन बातों का काम किया जाए। मन का संयम और शरीर की सावधानी- इससे आप ठीक हो जाएंगे। लेकिन

के प्रभाव से बीमार हुए तो इलाज आप ही को करना पड़ेगा। क्योंकि मन जो भीतर करता है, ये बाहर किसी को तभी पता चलता है जब घृणित कार्य के बाद परिणाम सामने होता है।

भारत में रात को सोने के पहले 80% लोग उपकरणों का उपयोग करते हैं और जब इलेक्ट्रॉनिक गैजेट हाथ से गिर जाता है, तब सोते हैं। 10 से 11 के बीच सोना सबसे अच्छा है। सोते समय और उठने के तुरंत बाद भी हमें उपकरणों से दूरी बनाए रखना चाहिए। उपकरण हमारे भीतर की जैविक घड़ी को बिगाड़ रहा है। इन्हीं वजहों से तो हम चिड़चिड़े हो रहे हैं। इसको अंग्रेजी में सर्केडियन रिदम कहते हैं। यह अच्छे-अच्छों का बिगड़ा हुआ है। अगर आप देर रात तक जाग रहे हैं, तो आपकी जैविक घड़ी गड़बड़ाएगी। दिनभर हम कामकाज, रिश्तों का दबाव लेते हैं और फिर उपकरणों के ब्लैक होल में समाते जाते हैं। स्वाभिक है ऐसे में रिश्ते और विचार आपके उपकरणीय यंत्रों के स्वादानुसार ही आएंगे।

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