CM Vishnu Deo Sai’s Good Governance : और क्या चाहिए…सम्मान, विश्वास, पक्की छत, सुरक्षा और रोजगार

पहाड़ी कोरवा शिवधर, मोंगरा बाई, जानकी बाई और सुकलु राम निषाद को पक्के आवास और रोजगार की चिंता से अब मुक्ति मिल गई है

शहर सत्ता/रायपुर। (CM Vishnu Deo Sai’s Good Governance)छत्तीसगढ़ के सरल, सीधे और आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे अभावग्रस्त ग्रामीणों को और क्या चाहिए…सम्मान, आत्मविश्वास पक्की छत, सुरक्षा और रोजगार। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शासन के सुशासन में इन सभी दुश्चिंताओं से जरूरतमंदों को निजात मिल रही है।

बारिश में मिट्टी और खपरैल से बने कच्चे मकान की छत से टपकता पानी, दीवारों की सीलन और हर साल मरम्मत की परेशानी परिवार की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी थी। इन सभी समस्याओं से पहाड़ी कोरवा शिवधर, मोंगरा बाई, जानकी बाई और सुकलु राम निषाद को अब मुक्ति मिल गई है। केंद्रीय क्षेत्रीय योजना से सभी लाभार्थियों को टपकती छत से और बेरोजगारी से रहत मिल गई है। सभी के परिवार को अब पक्के घर में सुकून के साथ मनरेगा में 90 दिन का रोजगार भी मिल रहा है।

शिवधर को केंद्रीय क्षेत्रीय योजना से मिला आवास और रोजगार

कभी बारिश की हर रात श्री शिवधर के परिवार के लिए सीलन और दुश्चिंता लेकर आती थी। मिट्टी की दीवारों और कच्ची छत वाले घर में पानी टपकता, फर्श भीग जाता और बच्चों के साथ रात गुजारना मुश्किल हो जाता था। आज उसी परिवार के पास दो कमरों का पक्का घर है, जहां बारिश की चिंता के बिना सुरक्षित छत के नीचे सुकून से रहा जा सकता है। केंद्रीय क्षेत्रीय योजना से सिर्फ आवास ही नहीं बलकि पहाड़ी कोरवा शिवधर को मनरेगा में 90 दिन का रोजगार भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में मिल रहा है।

पक्की छत से मिला सुरक्षा, सम्मान और बढ़ा आत्मविश्वास

राज्य सरकार की ’सेवा संकल्प’ भावना और जन-कल्याणकारी नीतियों का सीधा असर अब ग्रामीण अंचल की अंतिम पंक्ति तक दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण दुर्ग जिले की महिलाओं के जीवन में खुशहाली और स्थायित्व का नया आधार बन रही है। दुर्ग जिले के ग्राम पुरई की श्रीमती मोंगरा बाई और ग्राम कुटेलाभाठा की श्रीमती किरण ढहरिया को पति के निधन के बाद विकट आर्थिक परिस्थितियों और कच्चे मकान की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

शासन की सेवा संकल्प की नीति के तहत योजना का लाभ मिलने से न केवल उनका पक्का घर बनकर तैयार हुआ, बल्कि मोंगरा बाई को आवास निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए तथा मनरेगा से 23,490 रुपए की मजदूरी भी मिली। इसी तरह ग्राम पुरई की प्रमिला बाई और जानकी बाई का भी अपने पक्के घर का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ।

PM आवास योजना बनी सहारा, वर्षों की परेशानी से मिली मुक्ति

मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले की ग्राम पंचायत चमाराटोला निवासी सुकलु राम निषाद का परिवार लंबे समय से कच्चे मकान में रह रहा था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए आसान नहीं था। बरसात में छत से पानी टपकने लगता तो परिवार को घर के सामान को सुरक्षित रखने की चिंता सताती। दीवारों में सीलन और खपरैल की बार-बार मरम्मत पर होने वाला खर्च भी परिवार के लिए बड़ी परेशानी का सबब था। लेकिन साय के सुशासन में ग्रामीणों को इस चिंता से निरंतर मुक्ति मिल रही है।

SUKANT RAJPUT

जन्म 13 अगस्त 1973 को राजधानी रायपुर में हुआ। मेरी जड़ें उत्तर प्रदेश ग्राम चौरंग, कुंडा जिला प्रतापगढ़ से जुडी हैं। मुझे शिक्षक माता-पिता, विख्यात सर्प विशेषज्ञ डॉ अर्जुन सिंह रंगीला का पौत्र और छत्तीसगढ़ राजिम-धमतरी क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर राम पाल सिंह बिसेन का नाती होने का गौरव प्राप्त है। स्कूल से लेकर कॉलेज MA(PUB.ADD.) BJMC तक की शिक्षा रायपुर में ही ग्रहण किया। एनसीसी एयर विंग से 'ए' 'बी' और 'सी' सर्टिफिकेट तीन नेशनल कैंप का तत्कालीन मध्य प्रदेश में रायपुर, भोपाल और इंदौर का नेतृत्व किया। रायपुर थ्री एमपी (अब सीजी) एयर स्क्वॉर्डर्न से सर्वाधिक ग्लाइडिंग फ़्लाइंग की शॉर्टिज करके 1995 में ग्लाइडर पायलट यतेंद्र सिंह राणा सर की कमान में सोलो फ़्लाइंग किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में मातृ संसथान दैनिक हरिभूमि में वर्ष 2000 में डेस्क में विज्ञप्ति बनाने से शुरुआत हुई। लगभग 15 साल हरिभूमि, फिर इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल स्टैंडर्ड वर्ल्ड 'वाच' चैनल, पत्रिका, दबंग दुनिया, समवेत शिखर, अमनपथ और जनता से रिश्ता मिड डे अख़बार में भी विभिन्न पदों पर कार्यरत था। वर्तमान में शहर सत्ता साप्ताहिक अख़बार में बतौर प्रधान संपादक हूं।

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