Raigarh’s 41st Chakradhar Samaroh : महज़ 6 साल की उम्र में ‘अदिशा’ बनीं ‘ओडिसी’ की पहचान

रायपुर की नन्ही परी महज़ 6 साल की ‘अदिशा’ ने ओडिसी शास्त्रीय नृत्य में 41वें चक्रधर समारोह के राष्ट्रीय मंच में बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान, राष्ट्रीय स्तर पर ओडिसी नृत्य में किया शानदार प्रदर्शन

शहर सत्ता/रायपुर/रायगढ़। छत्तीसगढ़ की नन्ही प्रतिभाशाली अदिशा नंदा ने ओडिसी शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। महज 6 वर्ष की उम्र में अदिशा ने 41वें चक्रधर समारोह, रायगढ़ में मंच पर ऐसा नृत्य प्रदर्शन किया कि देशभर से आई प्रतिभाएं भी दांतों तले उंगलियां दबा लिए।

महज 6 वर्ष की उम्र में अदिशा ने 41वें चक्रधर समारोह, रायगढ़ सहित विभिन्न प्रतिष्ठित नृत्य आयोजनों में सहभागिता की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों एवं नृत्य आयोजनों में भाग लेकर अपनी कला का प्रदर्शन किया।

अदिशा पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से ओडिसी नृत्य की विधिवत शिक्षा प्रसिद्ध गुरु आऱ्या नंदे (International Odissi Dancer) के मार्गदर्शन में नित्याश्रीधारा ओडिसी डांस एकेडमी (Nrityashreedhara Odissi Dance Academy)से शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।

कम उम्र में ही अदिशा की नृत्य के प्रति लगन, अनुशासन और मंचीय प्रस्तुति ने उन्हें एक उभरती हुई ओडिसी नृत्यांगना के रूप में पहचान दिलाई है। उनके इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।

परिवार एवं गुरु का विश्वास है कि अदिशा आने वाले वर्षों में ओडिसी नृत्य के क्षेत्र में देश-विदेश में छत्तीसगढ़ का नाम और ऊंचा करेंगी।

SUKANT RAJPUT

जन्म 13 अगस्त 1973 को राजधानी रायपुर में हुआ। मेरी जड़ें उत्तर प्रदेश ग्राम चौरंग, कुंडा जिला प्रतापगढ़ से जुडी हैं। मुझे शिक्षक माता-पिता, विख्यात सर्प विशेषज्ञ डॉ अर्जुन सिंह रंगीला का पौत्र और छत्तीसगढ़ राजिम-धमतरी क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर राम पाल सिंह बिसेन का नाती होने का गौरव प्राप्त है। स्कूल से लेकर कॉलेज MA(PUB.ADD.) BJMC तक की शिक्षा रायपुर में ही ग्रहण किया। एनसीसी एयर विंग से 'ए' 'बी' और 'सी' सर्टिफिकेट तीन नेशनल कैंप का तत्कालीन मध्य प्रदेश में रायपुर, भोपाल और इंदौर का नेतृत्व किया। रायपुर थ्री एमपी (अब सीजी) एयर स्क्वॉर्डर्न से सर्वाधिक ग्लाइडिंग फ़्लाइंग की शॉर्टिज करके 1995 में ग्लाइडर पायलट यतेंद्र सिंह राणा सर की कमान में सोलो फ़्लाइंग किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में मातृ संसथान दैनिक हरिभूमि में वर्ष 2000 में डेस्क में विज्ञप्ति बनाने से शुरुआत हुई। लगभग 15 साल हरिभूमि, फिर इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल स्टैंडर्ड वर्ल्ड 'वाच' चैनल, पत्रिका, दबंग दुनिया, समवेत शिखर, अमनपथ और जनता से रिश्ता मिड डे अख़बार में भी विभिन्न पदों पर कार्यरत था। वर्तमान में शहर सत्ता साप्ताहिक अख़बार में बतौर प्रधान संपादक हूं।

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