चन्नी खेमा लगातार विरोध कर रहा था और पंजाब में रैलियों के दौरान भूपेश बघेल गो बैक के नारे लगाए गए, दिल्ली मीटिंग में चन्नी गुट ने बघेल को हटाने की मांग रखी थी
शहर सत्ता/रायपुर। (Bhupesh Removed From Punjab)भूपेश बघेल को पंजाब से हटा कर असम की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह विदाई से सवाल उठने लगा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और भूपेश बघेल का आखिरकार विरोध क्यों शुरू हुआ। भूपेश पंजाब कांग्रेस को क्यों एकजुट नहीं कर पाए? इस बदलाव की रुपरेखा हर बूथ, कांग्रेस मजबूत मुहिम के दौरान ही हो गया था। पंजाब में गुटबाजी को भी भूपेश बघेल ख़त्म करने में नाकाम रहे और आखिरकार दिल्ली में हुई बैठक के बाद चन्नी गुट अपनी बात पार्टी हाईकमान से मनवाने में कामयाब हुए।

3 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल, राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा समेत अन्य नेताओं की बैठक राहुल गांधी की टीम से मीटिंग हुई थी। सूत्रों के अनुसार, इस मीटिंग में पंजाब में चल रही गुटबाजी पर चर्चा हुई। जिसके बाद टीम ने राहुल गांधी को गुटबाजी की रिपोर्ट दी। भूपेश बघेल को लेकर चन्नी खेमा लगातार विरोध कर रहा था और पंजाब में रैलियों के दौरान भूपेश बघेल गो बैक के नारे लगाए गए। चन्नी खेमे ने भूपेश बघेल को बदलने की मांग रखी थी इसके बाद 4 सितंबर को भी दिल्ली में संगठन की मीटिंग हुई। इसमें चन्नी गुट के राणा गुरजीत भी शामिल हुए थे। इस दौरान उनकी मुलाकात केसी वेणुगोपाल के साथ भी भी हुई थी। उसके बाद राणा गुरजीत ने भी सचिन पायलट के साथ मुलाकात की।

हर बूथ, कांग्रेस मजबूत मुहिम हुआ था हंगामा
पंजाब कांग्रेस के ‘हर बूथ, कांग्रेस मजबूत’ अभियान 31 जुलाई से 8 अगस्त के बीच चलाया था। इस दौरान चरणजीत सिंह चन्नी गुट ने भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का जमकर विरोध किया था।
भूपेश समझ नहीं पाए विरोध की हवा
– 6 अगस्त 2026 लुधियाना की संगठनात्मक बैठक में अंतर्कलह सबसे उग्र रूप में सामने आई ‘भूपेश बघेल गो बैक’ लिखी टी-शर्ट पहने थे
– 2 से 5 अगस्त 2026 मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला में दौरों के दौरान जगह-जगह विरोध ‘भूपेश बघेल गो बैक’ के पोस्टर लगे
– 31 जुलाई 2026 फतेहगढ़ साहिब में हर बूथ, कांग्रेस मजबूत मुहिम से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गट दूर रहे
– 1 अगस्त 2026 संगरूर और पटियाला में बघेल के सामने ही राजा वडिंग के खिलाफ व चन्नी के समर्थन में नारे लगे धक्का-मुक्की की नौबत थी








