कवर्धा-बेमेतरा-सिमगा को रायपुर से जोड़ने की योजना का डीपीआर भी जल्द, वर्तमान में रायपुर से भोपाल तक 15-16 घंटे का समय लगता है, इसके बनने से 8 घंटे से भी कम समय लगेगा
शहर सत्ता/रायपुर। (Proposed Six-Lane Corridor Expressway)प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे भोपाल से शुरू होकर सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा तक पहुंचेगा। इसके बाद इसे कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा के रास्ते रायपुर से जोड़ा जाएगा। सिक्सलेन कॉरिडोर बनने से मौजूदा सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। रायपुर से भोपाल का सड़क सफर आधा हो सकता है। मध्यप्रदेश सरकार भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा तक सिक्सलेन सड़क की करीब 15 हजार करोड़ रुपए की योजना तैयार कर रही है। इसे छत्तीसगढ़ में कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा होते हुए रायपुर से जोड़ने की योजना है।
वर्तमान में रायपुर से भोपाल तक 15-16 घंटे का समय लगता है। इस कॉरिडोर के बनने से समय कम लगेगा। वहीं रायपुर-जबलपुर की यात्रा के दौरान 8 घंटे से भी कम समय लगेगा। योजना के लिए डीपीआर तैयार करने के साथ जमीन अधिग्रहण और निर्माण एजेंसी के चयन समेत आगे की प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इनके बाद परियोजना की लागत, सड़क का अंतिम अलाइनमेंट और निर्माण की समय-सीमा स्पष्ट होगी।
2500 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान
भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के साथ जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा तक मौजूदा सड़क को सिक्सलेन में अपग्रेड करने की योजना है। चिल्फी घाट के रास्ते वाले इस हिस्से पर करीब 2500 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
कॉरिडोर बनने बढ़ेगा कारोबार और पर्यटन
इसके बनने से रायपुर और जबलपुर के बीच आवाजाही तेज होगी। व्यापार के साथ पर्यटन को भी फायदा नया कॉरिडोर बनने से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच माल परिवहन तेज होगा और व्यापार को फायदा मिलने की उम्मीद है। रायपुर समेत आसपास के जिलों से कान्हा-किसली जाना भी आसान होगा। वहीं भोपाल और जबलपुर से छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों के लिए सड़क संपर्क बेहतर होगा।






