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मनमानी ड्यूटी, डीजल-पेट्रोल पर्ची में गोलमाल के लिए आरक्षक चालकों पर दबाव
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गुप्तवार्ता की वाहन शाखा में आरआई और एमटीओ से ज्यादा इमानदार हैं चालक
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एसबीएमटी पुल के आरक्षक चालकों के वाट्सएप ग्रुप में असंतोष और शिकायत आम
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एडीजी, डीआईजी, एआईजी इंट के दरबार में पुरे घोटाले का काला सच्च बताने सब तैयार
पुलिस वाहन शाखा के हवलदार और आरक्षक चालक बड़ी शिद्दत से बड़े साहब के दरबार की बात जोह रहे हैं। वजह साफ़ है साहब, पूरी ईमानदारी से ड्यूटी करना और एसबीएमटी पुल में पदस्थ डीएसपी, आरआई और एमटीओ द्वारा दबाव पूर्वक किये जा रहे बर्ताव की शिकायत करना। पुलिस के छोटे कर्मचारियों में अफसर को लेकर यदा-कदा गुस्सा खतरनाक तरीके से फुट पड़ता है। ऐसे कई जानलेवा उधारण रायपुर पुलिस के जेहन में ताज़ा हैं। कमोबेश यही आलम पुलिस लाइन रायपुर स्थित एसबीएमटी पुल का है। गंभीर अनियमित्ता और शासकीय वाहनों के नाम से हजारों लीटर डीजल-पेट्रोल का गोलमाल कर जेब भरने वाले अफसरों के दबाव में है आरक्षक चालक संवर्ग।
शहर सत्ता/रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस की गुप्तवार्ता के मातहत एसबीएमटी पुल में पुरे सिस्टम की बजी पड़ी है। वहान शाखा के अफसर आरक्षक चालकों को करप्शन करने बोलते हैं। बात नहीं मानने पर गन्दी गालियां देते हैं। जो गलियों का करता है उन्हें सुबह से रात तक ड्यूटी के नाम पर बुलाकर पुरे समय बिठाये रखते हैं। अगर किसी की मुख्यालय से छुट्टी स्वीकृत हो भी गई तो अफसर उन्हें छोड़ते ही नहीं। चौंकाने वाली बात यह कि खड़ी सरकारी गाड़ियों के नाम पर डीजल पर्ची और पेट्रोल के नाम पर अपनी निजी गाड़ियों में फ्यूल डालने मजबूर करते हैं। विशेष शिक्षा के आरक्षक चालकों से अपने घर की गाड़ी चलने और बीवी-बच्चों की ड्यूटी लिए दबाव डालते हैं।
सरकारी पैसों से लेकर विभागीय नियमों की धज्जियाँ उड़ने वालों की अगर कोई शिकायत करना चाहता है तो उसके लिए कोई सिस्टम नहीं है। आरक्षक चालकों के मुताबिक हमें सीधे मुख्यालय के अधिकारीयों से शिकायत पत्र देने के लिए भी इन्हीं अफसरों के माध्यम से जाना पड़ता है। इसलिए इन सब से तंग आकर एसबीएमटी पुल के आरक्षक चालक अपने वाट्सएप ग्रुप में ही भड़ास निकाल रहे हैं। एक दूसरे को समझाने से लेकर एडीजी गुप्तवार्ता अमित कुमार या फिर डीआईजी आजातशत्रु बहादुर सिंह से मिलकर अपनी व्यथा बयान करना चाहते हैं।
सब की सुनवाई होती है तो इनकी भी एक बार सुन लीजिये
शासन-प्रशासन के लिए पुलिस का गुप्तवार्ता ऐसा इदारा है जिसके कन्धों पर महती है। सरकार की आंख-नाक और कान कहलाने वाले इस महकमे ने अपने ही विभागीय स्टाफ से ऐसे मुंह मोड़ लिया है इसलिए मझोले अधिकारी निरंकुश हो गए हैं। एटीएस, एसबी, एसआईबी और एसबीएमटी पुल के अलावा वीआईपी सुरक्षा की महती जिम्मेदारी है इन पर। लेकिन सबसे राहत भरी बात है प्रदेश से नक्सलवाद के खात्मे के बाद गुप्तवार्ता में छोटे अफसर-कर्मचारी से आला अधिकारीयों ने मुंह मोड़ लिया है। जबकि माओवाद के चरम पर और वीआईपी आगमन पर पूरा स्टाफ मिलकर काम करता रहा है। महकमे के मातहत चाहते हैं एडीजी इंट अमित कुमार विभागीय दरबार लगाएं और हमारे सुख-दुःख को बांटे।
प्रमुख बिंदु
- पुलिस लाइन स्थित पुराने एमटी वर्क शॉप में संचालित एसबी-एमटी पुल अंतर्गत CM हॉउस, एसीबी, एसबी, प्रदेश के समस्त वीआईपी वाहनों और रिजर्व कोटे(40 गाड़ियां) की गाड़ियों को मिलाकर सैकड़ों डीजल-पेट्रोल वहान हैं। पेट्रोल-डीजल वाहनों की आपूर्ति एसबी-एमटी पुल से होती है। रायपुर एसबी-एमटी पुल से इनके लिए रोजाना औसतन 50 गाड़ियों में फ्यूल के लिए पर्ची आरआई एसबी-एमटी पुल प्रभारी सौरभ चंद्राकर जारी करते है।
- 40 से 50 वाहनों के लिए जारी होने वाला पेट्रोल डीजल का प्रतिदिन का कोटा औसतन प्रति गाड़ी 40 से 50 लीटर या आवश्यकता अनुसार पर्ची जारी की जाती है। अगर 50 से गुणित करें तो आंकड़ा प्रतिदिन 2000 लीटर होता है। वाहनों में नवा रायपुर स्थित एक निजी पेट्रोल पंप और रायपुर के मिनोचा पेट्रोल पंप से फ्यूल भरवाया जाता है।

केस -1
ऐसे कई साक्ष्य और SB/MT पुल में अनियमताओं की खबरें भरी पड़ी हैं। जैसे हाल ही में दिनांक 28-7-2026 को CG 03 5921 सूमो वाहन के नाम से पर्ची कटी और कवर्धा ड्यूटी थी। इसी गाड़ी के नंबर से डीएसपी की प्राइवेट स्कॉर्पियो में 25 लीटर डीजल डाला गया।
केस- 2
खड़ी बुलेट प्रुफ गाड़ी भी पी गई 25 लीटर
एसबी एमटी पुल में खड़ी बुलेट प्रुफ स्कार्पियो क्रमांक सीजी- 03- 6207 में 30 मई को 25 लीटर डीजल पर्ची जारी हुई। बता दें इस वहां का चालक आनंद जगन है लेकिन स्कॉर्पियो पुल से निकली ही नहीं फिर भी आरआई सौरभ चंद्राकर ने खड़ी गाड़ी के नाम पर 25 लीटर की पर्ची जारी किया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि एसबी-एमटी पुल में एडीजी अमित कुमार की नाक के नीचे उनके मातहत कितनी भर्राशाही कर रहे हैं।
गुप्तवार्ता के सभी अफसरों को शिकायत
एडीजी गुप्त वार्ता अमित कुमार, डीआईजी एमएल कोटवानी समेत एआईजी इंट ज्ञानेंद्र कुमार अवस्थी को भी एसबी-एमटी पुल रायपुर में चल रही अनियमितताओं की लिखित और मौखिक शिकायतें की गई हैं। फ़िलहाल महकमे के आला अफसर मामले पर जांच कर रहे हैं। लेकिन आरोपियों से पूछताछ और कार्रवाई अब तक सिफर है।
रोजाना 200 लीटर फ्यूल की अफरा-तफरी
पुलिस विभाग में एसबी-एमटी पुल में गोपनीय कार्य के नाम पर, नवा रायपुर पीएचक्यू आने-जाने और एसबी-एसआईबी, सीएम हॉउस के अलावा वीआईपी ड्यूटी के नाम पर धड़ल्ले से चल रहा पेट्रोल-डीजल घोटाले का यह खेल रोजाना 50 गाड़ियों में तकरीबन 2000 लीटर डीजल-पेट्रोल का 1 लाख 90 हजार रूपये होता है। ऐसे में प्रति गाड़ी वाहन चालक को 40 या उससे अधिक फ्यूल पर्ची जारी करने के 200 रूपये कमीशन वसूली के अलावा पंप से प्रति लीटर 5 रूपये बतौर कमीशन लिए जाने की खबर है।
एसबीएमटी पुल के जिम्मेदार ये कहते हैं
डीएसपी एसबी शाखा मणिशंकर चंद्रा से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। वाट्सएप में भी उनसे उनका पक्ष जानना चाहा पर समाचार लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया था। आरआई एसबीएमटी पुल प्रभारी सौरभ चंद्राकर का कहना है आरोप झूठा बेबुनियाद है। आप को जो भी जानकारी चाहिए एमटी पुल आइये वहीँ बात करेंगे। एमटीओ प्रेमकांत त्रिवेदी से जब फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।





