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छत्तीसगढ़ में थायरम पाउडर की खरीदी में भारी अनियमितता
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पथर्रा-धरमपुरा में ही 200 बोरी थायरम पाउडर की हेरा-फेरी
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वर्ष 2022-23 में मुंगेली-बेमेतरा बीज प्रबंधक ने किया खेल
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बीज प्रबंधक आकाश सोलंकी पर गड़बड़ियों का गंभीर आरोप
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जांच कमेटी की रिपोर्ट में दोषी बताने के बाद भी कार्रवाई नहीं
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कृषि मंत्री नेताम और सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी बेखबर
यह कहानी सिर्फ फंगीसाइड कैमिकल यानी थायरम पाउडर की नहीं है, बल्कि इस खतरनाक फंगीसाइड पाउडर की खरीदी में किये गए सनसनीखेज घोटाले की भी है। खासकर छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विभाग के अधीनस्थ बीज निगम द्वारा हजारों बोरी थायरम पाउडर की अफरातफरी करने की है। अकेले बेमेतरा और मुंगेली जिले में ही तक़रीबन 200 बोरी थायरम पाउडर खरीदी कागजों में कर ली गई। इस हेराफेरी में बीज निगम के अंतर्गत बीज प्रबंधकों ने लाखों रूपये कमाया भी। सुशासन की छाती में मुंग डालने वाले ऐसे आरोपी बीज प्रबंधकों को कृषि विभाग के आला अफसरों और बीज निगम के जिम्मेदारों का पूरा प्रश्रय मिला हुआ है। थायरम पाउडर ऐसे प्रशासकीय फैसलों से जुड़ा हुआ है जो सीधे राज्य की खाद्य सुरक्षा, किसानों की जिंदगी और आम लोगों की सेहत से सरोकार रखते है।
शहर सत्ता/रायपुर। खेती और किसानी के नाम पर छत्तीसगढ़ में घोटालेबाज अधिकारी जमकर भ्रष्टाचार की फसल ऊगा रहे हैं। मजे की बात यह है कि खतरनाक जहरीले फंगीसाइड कैमिकल यानी थायरम पाउडर की खरीद-फरोख्त में भी अफसरों के लालच ने सारी हदें पार कर दी हैं। मामला छत्तीसगढ़ के धरमपुरा जिला मुंगेली और पथर्रा जिला बेमेतरा के बीज केंद्र का है। कांग्रेस शासन कल की रवानगी और सुशासन की आमद यानि कि वर्ष 2022-23 का है।
जानकारी के मुताबिक फर्जी चालान(चालान नंबर 138318DT 23 /09/2021 को वाहन क्रमांक सीजी-9286 में 200 बोरी थायरम पाउडर लोड कर प्रक्रिया केंद्र पथर्रा बेमेतरा भेजा जाना बताया गया।
लेकिन प्रक्रिया केंद्र पथर्रा से प्राप्त चालान, सील, हस्ताक्षर और रिसीविंग लेटर को मूल चालान बुक में चस्पा कर दिया गया। लेकिन जोगी राम द्वारा सील-हस्ताक्षर फर्जी पाए जाने की बुनियाद पर निरस्त कर दिया गया था। लेकिन जब मामले की पड़ताल के लिए बीज प्रबंधक पथर्रा में RTI तब इस पुरे घोटाले और इसे अंजाम देने वाले बीज प्रबंधक आकाश सोलंकी का नाम उजागर हो गया। आकाश के खिलाफ जांच समिति गठित की गई थी उनकी जांच में भी आकाश सोलंकी को स्पष्टतः 200 बोरी थायरम घोटाले का किंगपिन मन गया। परंतु जांच समिति की रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करने के बाद भी आज तलक आकाश सोलंकी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तो दूर मुख्यालय रायपुर में पदस्थ कर दिया गया। जबकि जांच समिति की रिपोर्ट में आकाश सोलंकी को दोषी और अधिकारीयों के करीबी होने का लाभ मिलना बताया गया है।
बीज निगम में घोटालेबाजों का सिंडिकेट
किसी सिंडिकेट की तरह संचालित कृषि विभाग के अधीनस्थ छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड में ऐसे घोटालेबाज अफसर, बीज प्रबंधक और स्टाफ बेख़ौफ़ कार्यरत हैं। घोटालेबाजी का अंदाज़ इसी से लगाया जा सकता है कि 3 साल पहले के 200 बोरी थायरम पाउडर खरीद की गड़बड़ी करने वाले अब एमडी और अध्यक्ष के करीबी हैं।

सजा के बदले मिला अफसरों का दुलार
जांच समिति अध्यक्ष डीडीए एल आर जुर्री, बीज प्रबंधक जोरा पायल अग्रवाल, बीज प्रबंधक धरमपुरा प्यार सोनकर, संदीप सोनकर बीज प्रबंधक पथर्रा जिला बेमेतरा जांच समिति में थे। इन्हों ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट शब्दों में कहा है आरोपी आकाश सोलंकी को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछतछ किया जाना चाहिए। रिपोर्ट में तीन बार बयान और दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया था। पत्र क्रमांक 2023-24 /392/दिनांक 17,01.2024 को लिखित बयान दस्तावेज पक्ष में प्रस्तुत करने कहा गया था। लेकिन आरोपी आकाश सोलंकी ने आज तक किसी भी प्रकार के साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। फ़िलहाल आकाश एमडी का पीए बना दिया गया।
40 हजार क्विंटल थायरम पाउडर घोटाला
जानकारी के मुताबिक थायरम पाउडर की कीमत प्रति क्विंटल 16,525 रु.है। ऐसे में महज एक ही बीज केंद्र से अगर तकरीबन 200 बोरी की गड़बड़ी मिलती है तो अंदाज लगाया जा सकता है कि प्रदेश के समस्त बीज केंद्रों में ये आंकड़े तक़रीबन 40 हजार क्विंटल को पार करते हैं। प्रति बोरी कीमत 16 हजार 500 रूपये है तो 40 हजार क्विंटल का तकरीबन 3 करोड़ 20 लाख रु होता है।
जांच कमिटी ने माना आरोपी को सरंक्षण प्राप्त
आरोपी द्वारा आरोपों का लिखित बयान दर्ज नहीं करवाने का मुख्या कारण मुख्यालय में पदस्थी के साथ मुख्यालय के एमडी का पीए होने की बात सामने आई। तथा मुख्यालय बीज निगम रायपुर के एमडी का पीए बनकर प्रभाव का दुरूपयोग करना है। उच्चाधिकारियों के साथ और शाह पर काम करना एवं आरोपी को वरिष्ठ अधिकारीयों से संरक्षण का भी उल्लेख जाँच समिति ने किया। निर्देशों का पालन नहीं किये इसलिए स्पष्टतः वो दोषी हैं। जाँच समिति के सदस्यों संदीप सोनकर, पायल अग्रवाल ने जाँच प्रतिवेदन में हस्ताक्षर करने जब आरोपी को बोले तो उल्टा आरोपी ने समिति को भ्रष्ट और 50 हजार रूपये मांगने का आरोप लगाया।
मई ने जांच प्रतिवेदन में कार्रवाई के लिए लिखा था
जांच समिति अध्यक्ष एलआर जुर्री का कहना है उन्हों ने सख्त कार्रवाई की अनुशंसा बीज निगम अध्यक्ष, कृषि विकास निगम लिमिटेड मुख्यालय और कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय तथा प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम , मुख्या सचिव विकासशील, पुलिस अधीक्षक रायपुर , मुंगेली कलेक्टर, थाना तेलीबांधा को जाँच समिति ने कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भी भेज दिया है। फिर भी विभागीय ख़ामोशी यह बताती है कि कृषि विभाग और इसके अधीनस्थ बीज निगम और मंडी बोर्ड में सिंडिकेट हावी है।
निगम में श्रमिक सम्मान निधि भी देना बंद
भूपेश सरकार के वक्त श्रमिक सम्मान निधि मिल रही थी। साय सरकार में भी यह मिलती रही। लेकिन बीज निगम में अजय अग्रवाल के एमडी बनते ही सम्मान निधि देना अगस्त से बंद कर दिया गया है। बता दें की तकरीबन 4500 रूपये श्रमिक सम्मान राशि मिलने से छोटे कर्मचारियों और दैनिक वेतन भोगी के लिए बहुत बड़ा सहारा होता था। लेकिन अचानक ही में यह राशि नहीं दी जा रही है।






