उमेश पटेल का समर्थन करने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस नेता अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया
शहर सत्ता/रायपुर। (Race for Chhattisgarh PCC President Post )छत्तीसगढ़ PCC अध्यक्ष पद की पोस्ट के लिए पार्टी में एक नाम और लिया जाने लगा है। हालांकि पीसीसी चीफ दीपक बैज के कार्यकाल पूर्णता से पूर्व ही इस महती जिम्मेदारी के लिए टीएस सिंहदेव, अमरजीत भगत, डहरिया के बाद एक और नाम शहीद नंद कुमार पटेल के पुत्र उमेश पटेल के नाम उछलने से विवाद की वजह बन गई है। दिल्ली दौरे से वरिष्ठ नेताओं के लौटने के बाद सोशल मीडिया पर प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब संगठन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस नेता अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ नेता उमेश पटेल के समर्थन में एक पोस्ट साझा की थी। पोस्ट में उन्होंने वरिष्ठ नेता उमेश पटेल के नेतृत्व का समर्थन करते हुए उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की थी। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की।
इसलिए मान रहे अनुशासनहीनता
प्रदेश कांग्रेस संगठन ने सोशल मीडिया पर की गई इस सार्वजनिक पोस्ट को पार्टी अनुशासन के विपरीत माना है। संगठन का कहना है कि इस तरह की पोस्ट पार्टी की आंतरिक प्रक्रिया का उल्लंघन करती है और इससे संगठन की छवि प्रभावित हो सकती है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर प्रभारी महामंत्री ने पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस नेता अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

झीरम कांड के बाद भी उमेश का था नाम
बता दें कि रमन शासनकाल में झीरम हादसे के बाद प्रदेश कांग्रेस सहित दिल्ली के नेताओं के बीच शहीद नंदकुमार पटेल और उनके बड़े बेटे दिनेश पटेल की शहादत के बाद उमेश पटेल को प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने पर भी विचार-विमर्श हुआ था। फिर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में भी उमेश के नाम की संभावना बढ़ी थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के नए पीसीसी अध्यक्ष के लिए पार्टी बैठक बाद टीएस सिंहदेव, अमरजीत भगत, शिवकुमार डहरिया के साथ उमेश पटेल को भी दावेदार बनाने के लिए आवाज बुलंद होने लगी है।






