इजराइल-ईरान जंग के बीच इम्पोर्ट रूट बंद, सरकार नए सप्लायर्स तलाश रही
शहर सत्ता/न्यूज़ डेस्क/रायपुर। (Israel-Iran War)होर्मुज रूट के बंद होने से दुनिया के कई देशों की तेल सप्लाई पर प्रभाव पड़ेगा, जिसमें भारत समेत एशियाई देशों पर सबसे ज्यादा असर होगा। इस रूट के बंद होने कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें भी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं। अभी ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 5.58% बढ़कर 80.41 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है।

सोमवार को केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी तेल कंपनियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की थी। इस बैठक में कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई स्थिति की समीक्षा की गई। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि वे बदलती परिस्थितियों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

कांग्रेस ने पूछा- 74 दिन का तेल किसने चुराया
(Israel-Iran War)आंकड़े सामने आने के बाद कांग्रेस ने सरकार से पूछा कि हमारा तेल किसने चुराया? केरल कांग्रेस ने X पर लिखा कि 9 फरवरी को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में बताया था कि हमारे पास 74 दिनों का पेट्रोलियम रिजर्व है और चिंता की कोई बात नहीं है। आज, सरकार कहती है कि हमारे पास सिर्फ 25 दिनों का स्टॉक है। जंग 28 फरवरी को शुरू हुई थी और जंग शुरू हुए सिर्फ चार दिन हुए हैं। तो लॉजिकली, आज से हमारे पास 70 दिनों का पेट्रोलियम रिजर्व होना चाहिए। कांग्रेस ने सवाल किया- हमारे लाखों बैरल तेल रिज़र्व किसने चुराए, जो 45 दिनों के लिए काफी हैं – मोदी के दोस्त? या हरदीप सिंह पुरी पार्लियामेंट में झूठ बोल रहे थे? हरदीप पुरी इसका जवाब दें और इस्तीफा दें।

कतर से होने वाली नेचुरल गैस की सप्लाई में कटौती हुई
इस बीच कतर ने भारत को होने वाली नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई में भारी कटौती कर दी है। ईरान के ड्रोन हमलों के बाद कतर ने ‘फोर्स मेजर’ घोषित करते हुए प्रोडक्शन रोक दिया। इसका सीधा असर भारतीय इंडस्ट्रीज पर पड़ा है, जिन्हें होने वाली सप्लाई में 10 से 40% तक की कमी आई है। कतर भारत का सबसे बड़ा गैस सप्लायर है और सालाना करीब 40% गैस वहीं से आती है।






