जमीन आवंटन से लेकर गलत तरीके से जमीन की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगने के बाद उपायुक्त सहकारिता एवं उप-पंजीयक, सहकारी संस्थाएं जिला रायपुर की पूर्णिमा सिंह ने किया प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त
शहर सत्ता/रायपुर। (Capital Journalists’ Housing Society Dissolved)मीडिया सिटी में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमित्ताओं की जांच अब आकांक्षा यादव को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस बार 15 अगस्त को राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति में अध्यक्ष/उपाध्यक्ष या संचालक मंडल की जगह प्राधिकृत अधिकारी आकांक्षा यादव ने तिरंगा फहराया।

सरकार ने पत्रकार कॉलोनी के निदेशक मंडल को वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद भंग करके वरिष्ठ निरीक्षक सहकारिता आकांक्षा यादव को प्रशासक नियुक्त किया है। इतना ही नहीं राज्य के पत्रकारों की सबसे समृद्ध रिहायशगाहों में से एक राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित, रायपुर पंजीयन क्रमांक – 253 में व्याप्त गंभीर अनियमित्ताओं के मद्देनजर कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं जिला रायपुर छत्तीसगढ़ ने जांच के आदेश भी दिए हैं।

दिनांक 14 अगस्त 2026 को छग.सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 53(1) के तहत उपयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं जिला रायपुर की पूर्णिमा सिंह ने श्रीमती आकांक्षा यादव, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक को 6 माह के भीतर नियमानुसार निर्वाचन करवाने के लिए निर्देशित भी किया है। इसके साथ ही राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित, रायपुर पंजीयन क्रमांक -253 अध्यक्ष/उपाध्यक्ष समेत संचालक मंडल के समस्त 9 सदस्यों को भी संस्थागत अनियमित्ताओं के लिए नामजद कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

वरिष्ठ पत्रकार सुनील नामदेव की शिकायत पर कार्रवाई

सुनील नामदेव सदस्य राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित, रायपुर पंजीयन क्रमांक – 253 के द्वारा की गई शिकायत के जांच प्रतिवेदन (अंतरिम)में निम्नांकित आरोप लगाए गए हैं। अध्यक्ष प्रेम पाठक ने आरोपों का जवाब देने के लिए 30 अगस्त तक का वक्त मांगा है। हालांकि अध्यक्ष श्री पाठक को 13 अगस्त तक का समय दिया गया था। लेकिन समयावधि में और व्यावहारिक दिक्कतों की वजह से वे दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए हैं।
पत्रकार कॉलोनी का निदेशक मंडल नहीं दे पाया कोई जवाब

पूर्व उपाध्यक्ष श्रीमती सुनीता तिवारी ने जवाब तो प्रस्तुत किया लेकिन उन्होंने संचालक मंडल पर लगाए गए आरोपों के खंडन ठोस दस्तावेज, साक्ष्य जांच अधिकारी को प्रस्तुत नहीं कर पाई हैं। ऐसे में राजधानी पत्रकारों की सबसे प्रतिष्ठित रिहायशी कॉलोनी में आर्थिक अनियमित्ता से लेकर आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि संचालक मंडल के सभी 9 सदस्य वरिष्ठ पत्रकार हैं और उनमें से अधिकांश ने अब तक सोसायटी में अनियमित्ता की जांच कर रहे अधिकारी को या समिति को अपना जवाब प्रस्तुत नहीं किया है।






