भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के बीच अरुणाचल प्रदेश के चार जिलों में रोमिंग सेवा शुरू

दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के कारण दूरसंचार नेटवर्क में भारी व्यवधान के बाद, दूरसंचार विभाग (डॉट) ने दूरसंचार सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए तुरंत उपाय किये हैं।

आपदाओं के दौरान दूरसंचार की महत्वपूर्ण भूमिका को मानते हुए, दूरसंचार विभाग ने तुरंत अपने आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय किया और सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को अरुणाचल प्रदेश के 4 जिलों – केयी पैन्योर, लोअर सुबनसिरी, अपर सुबनसिरी और पश्चिम सियांग में तीन दिनों की प्रारंभिक अवधि के लिए अंतर-अंचल रोमिंग (आईसीआर) सेवा सक्षम करने के निर्देश जारी किए।

प्रभावित क्षेत्रों में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के बाद दूरसंचार अवसंरचना को व्यापक नुकसान हुआ। क्षेत्र से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, अचानक आई बाढ़ पोसा, यज़ाली में एनईईपीसीओ एक्सचेंज में प्रवेश कर गयी, जिससे एक्सचेंज का काम रुक गया। पोतिन और याज़ाली के बीच कई भूस्खलन ने लगभग 12 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) को नुकसान पहुँचाया, जिससे क्षेत्र में संचार सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। लगातार बारिश, भूस्खलन और वाणिज्यिक बिजली आपूर्ति में व्यवधान से बहाली के प्रयासों में और भी बाधा आयी है।

होज़ में ओएफसी अवसंरचना को हुए नुकसान के कारण सागली, लेम्मी, कंपु और सेप्पा क्षेत्रों में दूरसंचार-संपर्क प्रभावित हुआ। बहाली टीमों को तैनात किया गया है और वे सोपो–होज़ मान मार्ग में दूरसंचार-संपर्क बहाल करने का काम कर रही हैं।

आईसीआर के चालू होने से किसी भी सहभागी टेलिकॉम सेवा प्रदाता के मोबाइल ग्राहक उन जगहों पर अपने होम नेटवर्क के अस्थायी अनुपलब्ध होने पर स्वचालित रूप से किसी अन्य उपलब्ध नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। यह सुविधा उन ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध होगी, जो देश के अन्य हिस्सों से इन जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस उपाय से प्रभावित निवासियों, आपदा प्रतिक्रिया टीमों, स्वास्थ्यकर्मियों और राहत एवं बचाव कार्यों में लगे सरकारी एजेंसियों के लिए संचार की उपलब्धता में काफी सुधार आने की उम्मीद है।

दूरसंचार विभाग अपनी क्षेत्रीय इकाईयों के माध्यम से स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की जल्दी बहाली के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय कर रहा है।

आईसीआर क्या है और इसे कैसे इस्तेमाल करें:

अंतर-अंचल रोमिंग (आईसीआर) एक दूरसंचार व्यवस्था है जहाँ एक मोबाइल ग्राहक एक ही दूरसंचार अंचल (क्षेत्र) के भीतर दूसरे सेवा प्रदाता के नेटवर्क से जुड़ता है। इससे उपयोगकर्ताओं को मोबाइल सेवाओं का उपयोग करने का फायदा मिलता है, भले ही उनके अपने सेवा प्रदाता का उस क्षेत्र में कोई कवरेज न हो। प्राकृतिक आपदाओं के समय जब मोबाइल अवसंरचना को नुकसान पहुँचता है, तो यह सुविधा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आपदा के समय, यदि किसी क्षेत्र में मोबाइल अवसंरचना को नुकसान पहुंचता है, तो दूरसंचार विभाग दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को आईसीआर लागू करने के निर्देश जारी करता है।

 

आईसीआर के ठीक से काम करने के लिए, निम्न कार्य सुनिश्चित करें:

 

अपने फ़ोन की सेटिंग्स में “आटोमेटिक नेटवर्क सिलेक्शन” को सक्षम करें।
अगर ऑटोमैटिक कनेक्शन काम न करे, तो:
सेटिंग > मोबाइल नेटवर्क्स> नेटवर्क ऑपरेटर पर जाएं।
स्वयं से कोई दूसरा उपलब्ध नेटवर्क चुनें

  • SUKANT RAJPUT

    जन्म 13 अगस्त 1973 को राजधानी रायपुर में हुआ। मेरी जड़ें उत्तर प्रदेश ग्राम चौरंग, कुंडा जिला प्रतापगढ़ से जुडी हैं। मुझे शिक्षक माता-पिता, विख्यात सर्प विशेषज्ञ डॉ अर्जुन सिंह रंगीला का पौत्र और छत्तीसगढ़ राजिम-धमतरी क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर राम पाल सिंह बिसेन का नाती होने का गौरव प्राप्त है। स्कूल से लेकर कॉलेज MA(PUB.ADD.) BJMC तक की शिक्षा रायपुर में ही ग्रहण किया। एनसीसी एयर विंग से 'ए' 'बी' और 'सी' सर्टिफिकेट तीन नेशनल कैंप का तत्कालीन मध्य प्रदेश में रायपुर, भोपाल और इंदौर का नेतृत्व किया। रायपुर थ्री एमपी (अब सीजी) एयर स्क्वॉर्डर्न से सर्वाधिक ग्लाइडिंग फ़्लाइंग की शॉर्टिज करके 1995 में ग्लाइडर पायलट यतेंद्र सिंह राणा सर की कमान में सोलो फ़्लाइंग किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में मातृ संसथान दैनिक हरिभूमि में वर्ष 2000 में डेस्क में विज्ञप्ति बनाने से शुरुआत हुई। लगभग 15 साल हरिभूमि, फिर इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल स्टैंडर्ड वर्ल्ड 'वाच' चैनल, पत्रिका, दबंग दुनिया, समवेत शिखर, अमनपथ और जनता से रिश्ता मिड डे अख़बार में भी विभिन्न पदों पर कार्यरत था। वर्तमान में शहर सत्ता साप्ताहिक अख़बार में बतौर प्रधान संपादक हूं।

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