Central Vista Project : क्या टूटेगी दिल्ली की 114 साल पुरानी कदीमी मस्जिद

सरकार ने कहा था- कोई मस्जिद नहीं हटेगी, लेकिन सेंट्रल विस्टा के नक्शे से गायब

शहर सत्ता/न्यूज़ डेस्क। (Central Vista Project)करीब 114 साल पुरानी छोटी सी ये मस्जिद कृषि भवन के कैंपस में है। मस्जिद राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक 3 किमी एरिया के रिडेवलपमेंट वाले सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में आ रही है, इसलिए इसके हटाए जाने की आशंका है। दिल्ली में संसद भवन से करीब डेढ़ किमी दूर कदीमी मस्जिद है। करीब 114 साल पुरानी छोटी सी ये मस्जिद कृषि भवन के कैंपस में है। वक्फ की प्रॉपर्टी के तौर पर रजिस्टर्ड है। हाई सिक्योरिटी एरिया होने की वजह से आम लोग इसमें नहीं जा सकते, यहां ज्यादातर सरकारी कर्मचारी नमाज पढ़ते हैं।

(ये दिल्ली की सुनहरी बाग मस्जिद है। इसके एक तरफ उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का गेट और गवर्नमेंट ऑफिस हैं। सुनहरी बाग मस्जिद ऐतिहासिक स्मारक ग्रेड-3 लिस्ट में है और वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी है।)

Central Vista Projectसरकार ने इसके सुरक्षित रहने का भरोसा दिया है। फिर भी वक्फ बोर्ड से जुड़े लोगों को यकीन नहीं है, क्योंकि पहले भी सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के लिए तीन मजारें और एक मस्जिद तोड़ी जा चुकी है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के निर्माण पथ पर आने वाली 6 मस्जिदों की हिफाजत के लिए सबसे पहले हाई कोर्ट जाने वाले एडवोकेट मशरूर खान से जब मिडिया ने पूछा कि क्या मस्जिदें सुरक्षित हैं? उन्होंने जवाब दिया, ‘नहीं।

(ये कृषि भवन में बनी कदीमी मस्जिद है। 1970 के गजट में इसे वक्फ की प्रॉपर्टी बताया गया था।)

एडवोकेट मशरूर कहते हैं डगमगाने लगी है उम्मीद

कदीमी मस्जिद के बारे हमने खबरें पढ़ीं तो एक बार फिर कोर्ट के दिए भरोसे और भारत सरकार से लगाई उम्मीद डगमगाने लगी है। हम इस मस्जिद से जुड़े कागजात इकट्ठे कर रहे हैं, ताकि अगर इसे गिराने की कोशिश की जाए, तो दावा ठोक सकें। ‘ये मस्जिद सिर्फ इस्लामिक ढांचा नहीं, हैरिटेज प्रॉपर्टी है। ब्रिटिश सरकार ने लुटियंस दिल्ली बनाई, तब भी इसे नहीं गिराया। पहली बार भारत सरकार बनी, तब भी ये इमारत सुरक्षित रही। इससे अगर छेड़छाड़ होगी, तो हम कोर्ट जाएंगे।’ बड़े सर्किल में सुनहरी मस्जिद है। इसे भी तोड़ा जाना था, लेकिन हमने इसे बचा लिया। हमें सही वक्त पर उसे गिराए जाने की सूचना मिल गई थी। लेकिन उपराष्ट्रपति भवन की मस्जिद हटा दी गई, इससे तो यही लगता है। न कोई सूचना, न कॉन्टैक्ट किया गया।

नई बिल्डिंग के नक्शे में मस्जिद का जिक्र नहीं

CPWD ने कृषि भवन और शास्त्री भवन के रीडेवलपमेंट के लिए टेंडर जारी किया है। इसके तहत मौजूदा बिल्डिंग की जगह कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग्स 4 और 5 बनना है। इस प्रोजेक्ट पर करीब तीन हजार करोड़ रुपए खर्च होने हैं। नए प्लान में कृषि भवन परिसर में बनी कदीमी मस्जिद शामिल नहीं है।

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