पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में विभिन्न चरणों में कैबिनेट उप-समिति ने 100 से अधिक राजनीतिक प्रकरणों को वापस लेने की अनुशंसा गृह विभाग को भेजी थी, साय सरकार में प्रकरण वापसी समिति की बैठक हुई
शहर सत्ता/रायपुर। (Meeting of the Case Withdrawal Committee) पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शासनकाल में दर्ज राजनीतिक प्रकरणों की वापसी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। बुधवार को मंत्रालय में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में प्रकरण वापसी समिति की बैठक हुई। राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े मामलों की वापसी को लेकर राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दर्ज राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 16 प्रकरणों की प्रकरणवार समीक्षा की गई।
9 प्रकरणों को वापस लेने की अनुशंसा की गई है। बैठक में 8 लंबित प्रकरण भी रखे गए। समिति ने 2 प्रकरणों को पुनर्विचार के लिए संबंधित जिलों को भेजने का निर्णय लिया। वहीं, शेष प्रकरणों की समीक्षा के बाद समिति ने पाया कि वे राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित नहीं हैं। ऐसे प्रकरणों को समिति ने अस्वीकार कर दिया। समिति ने पूर्व में अनुशंसित, लेकिन अब तक लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी ली।
भूपेश शासनकाल में 100 से अधिक मामले वापस
साय सरकार ने इससे पहले मार्च 2026 में 13 राजनीतिक प्रकरणों की वापसी को मंजूरी दी थी। वहीं, पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में विभिन्न चरणों में कैबिनेट उप-समिति ने 100 से अधिक राजनीतिक, किसान आंदोलनों और धरने-प्रदर्शनों से जुड़े प्रकरणों को वापस लेने की अनुशंसा गृह विभाग को भेजी थी। यानी राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े मामलों की वापसी की प्रक्रिया पिछली सरकार के कार्यकाल से भी जारी रही है। वर्तमान सरकार में भी ऐसे मामलों की प्रकरणवार समीक्षा कर नियमानुसार वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।






