छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से फर्जी इलाज, 100 से ज्यादा हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग की रेड, फ़िलहाल किसी की गिरफ़्तारी नहीं
शहर सत्ता/रायपुर। (Fraud in Chhattisgarh hospitals)100 से ज्यादा अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि आयुष्मान कार्ड से फर्जी इलाज किए जाने की शिकायतों के बाद 100 से ज्यादा हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग ने दबिश दी है। छत्तीसगढ़ के 100 से ज्यादा अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा है। इनमें रायपुर समेत कई जिलों के सरकारी और प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम शामिल हैं, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एक साथ छापेमारी की। विभाग की अलग-अलग टीमें अस्पतालों में पहुंची।
टीम ने आयुष्मान कार्ड से किए गए इलाज और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। आयुष्मान कार्ड से कितने मरीजों का इलाज चल रहा है और वास्तव में मरीजों का इलाज किया जा रहा है या डमी पेशेंट के नाम पर इलाज दिखाया गया है, इसकी भी जांच की गई। छत्तीसगढ़ में अब आयुष्मान कार्ड/ई-कार्ड के जरिए रजिस्टर्ड हॉस्पिटलों में योजना के तहत इलाज की सुविधा मिलती है।

0 स्मार्ट कार्ड- छत्तीसगढ़ की पुरानी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में इस्तेमाल होता था। बाद में इसे केंद्र की आयुष्मान योजना के साथ जोड़ा गया।
0 आयुष्मान कार्ड- केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को दिया जाता है।
15 से ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों में जांच
0 रावतपुरा हॉस्पिटल
0 निजी हॉस्पिटल (तेलीबांधा हाईवे)
0 श्री महावीर अस्पताल (मोवा)
0 वरदान हॉस्पिटल (शंकर नगर)
ऐसे करते हैं अस्पतालों में फर्जीवाड़ा
आयुष्मान कार्ड वाले गरीब लोगों को कमीशन का लालच देकर रायपुर लाया जा रहा था। अस्पतालों में बिना गंभीर बीमारी के मरीजों को भर्ती दिखाकर उनके हाथ में कैनुला और पट्टियां लगाई जा रही थीं। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 1 से 2 लाख रुपए तक के क्लेम बनाए जा रहे थे। इस पूरे खेल में दलालों को 10 से 15% तक कमीशन देने की बात भी सामने आई थी।






