ऑपरेशन सिंदूर और कारगिल वॉर में अहम् भूमिका निभाए, 3 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाएगा, सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ से भी सम्मानित, पत्नी सरिता सिंह एयरफोर्स वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष रही हैं
शहर सत्ता/न्यूज़ डेस्क। (First CEO Ayodhya Ram Mandir)भगवान राम में गहरी आस्था रखने वाले पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को महज 125 दिनों के भीतर राम मंदिर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नई जिम्मेदारी मिल गई है। जीतेंद्र मिश्रा देवरिया के बनकटा ब्लॉक के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। परिवार में पत्नी सरिता सिंह और एक बेटा और एक बेटी हैं। सरिता सिंह एयरफोर्स वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AFWWA) की अध्यक्ष रही हैं। पिता नथुनी मिश्रा देवरिया के एक कॉलेज में लेक्चरर थे।
सैलरी और भत्ते आपसी सहमति से तय किए जाएंगे। अधिकारी के लंबे प्रशासनिक अनुभव और योग्यता के आधार पर उनका मासिक वेतन निर्धारित होगा। अधिकारी को 3 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाएगा। इस दौरान उन्हें रहने के लिए आवास, सरकारी वाहन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य वीआईपी सुविधाएं सीधे राम मंदिर ट्रस्ट फंड से दी जाएंगी। चंपत राय की जगह गोविंद देव गिरि महासचिव बने; ट्रस्ट में 3 नए सदस्य शामिल किये गए हैं।

39 वर्षों की सेवा में कई उपलब्धियां
0 जीतेंद्र मिश्रा 6 दिसंबर 1986 को असम के तेजपुर में वायुसेना के लड़ाकू विमान के पायलट ऑफिसर के पद पर नियुक्त हुए। पुणे में सुखोई-30 एमकेआई ऑपरेटिंग एयरबेस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर भी रह चुके हैं और 18 से ज्यादा तरह के लड़ाकू और परिवहन विमान, हेलिकॉप्टर उड़ाए हैं।
0 मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया। उनकी रणनीति के कारण भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के रडार नेटवर्क, एयर डिफेंस और कमांड सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचाया।
0 कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 विमानों पर लेजर गाइडेड बम को संचालित करने वाली टीम में अहम भूमिका निभाई थी। बेहतरीन फाइटर कॉम्बैट लीडर और टेस्ट पायलट रहे।

0 उनके पास 3,000 घंटे से अधिक के उड़ान का अनुभव है। पठानकोट और बरेली जैसे अग्रिम एयरबेस की कमान संभालने के साथ-साथ एकीकृत रक्षा स्टाफ (IDS) में उप प्रमुख (ऑपरेशन) जैसे कई पदों पर काम किया।
इसलिए बनाये गए राम मंदिर के CEO
1. ऑपरेशन सिंदूर में शामिल रहे
जीतेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे। उन्हें इस भूमिका के लिए सर्वोच्च युद्ध सेवा मेडल (SYSM) भी मिला। इसी साल 30 अप्रैल को रिटायर हुए।
2. यूपी से कनेक्शन
वे देवरिया, उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। यानी राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की नियुक्ति में उनका यूपी कनेक्शन भी है। यूपी में करीब 13% आबादी ब्राह्मणों की है। जीतेंद्र मिश्रा इसी वर्ग से आते हैं।

3. वायुसेना के अनुभव का इस्तेमाल
करीब 40 साल वायुसेना में रहे और कई महत्वपूर्ण कमांड संभाले। ऐसे में मंदिर के बढ़ते प्रशासन, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और बड़े स्तर के ऑपरेशनल कामकाज के लिए उनका सैन्य प्रशासनिक अनुभव महत्वपूर्ण माना जा सकता है।







