सीएम साय ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह, 2036 पौधों के रोपण से ओलंपिक मेजबानी के संकल्प को दी नई ऊर्जा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर नवा रायपुर के ग्राम पलोद में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित वृक्षारोपण एवं खिलाड़ी सम्मान समारोह में शामिल होकर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए खेल और पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र निर्माण के दो महत्वपूर्ण आधार बताया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का दावा प्रस्तुत किया है। इसी राष्ट्रीय संकल्प और आकांक्षा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए कार्यक्रम में 2036 पौधों का रोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, हरित और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है ताकि युवा अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन कर सकें।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है। वहीं बस्तर ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजन ने दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दी है। इस वर्ष बस्तर ओलंपिक में लाखों युवाओं ने भाग लेकर अपनी क्षमता का परिचय दिया है, जो प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह का प्रमाण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल क्षेत्र में विशेष बजट प्रावधान कर रही है। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानजनक प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे अधिक आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा वन विभाग के खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में खेलो इंडिया जैसी योजनाओं ने देश में खेल संस्कृति को नई पहचान दी है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अपार प्रतिभा है और सरकार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी युवाओं को नई दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय, बीएसएफ के आईजी संजय पंत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • SUKANT RAJPUT

    जन्म 13 अगस्त 1973 को राजधानी रायपुर में हुआ। मेरी जड़ें उत्तर प्रदेश ग्राम चौरंग, कुंडा जिला प्रतापगढ़ से जुडी हैं। मुझे शिक्षक माता-पिता, विख्यात सर्प विशेषज्ञ डॉ अर्जुन सिंह रंगीला का पौत्र और छत्तीसगढ़ राजिम-धमतरी क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर राम पाल सिंह बिसेन का नाती होने का गौरव प्राप्त है। स्कूल से लेकर कॉलेज MA(PUB.ADD.) BJMC तक की शिक्षा रायपुर में ही ग्रहण किया। एनसीसी एयर विंग से 'ए' 'बी' और 'सी' सर्टिफिकेट तीन नेशनल कैंप का तत्कालीन मध्य प्रदेश में रायपुर, भोपाल और इंदौर का नेतृत्व किया। रायपुर थ्री एमपी (अब सीजी) एयर स्क्वॉर्डर्न से सर्वाधिक ग्लाइडिंग फ़्लाइंग की शॉर्टिज करके 1995 में ग्लाइडर पायलट यतेंद्र सिंह राणा सर की कमान में सोलो फ़्लाइंग किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में मातृ संसथान दैनिक हरिभूमि में वर्ष 2000 में डेस्क में विज्ञप्ति बनाने से शुरुआत हुई। लगभग 15 साल हरिभूमि, फिर इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल स्टैंडर्ड वर्ल्ड 'वाच' चैनल, पत्रिका, दबंग दुनिया, समवेत शिखर, अमनपथ और जनता से रिश्ता मिड डे अख़बार में भी विभिन्न पदों पर कार्यरत था। वर्तमान में शहर सत्ता साप्ताहिक अख़बार में बतौर प्रधान संपादक हूं।

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