यूनिपोल घोटाला भी ठंडा, अब निगम के गार्डन ठेके को लेकर उठे सवाल,17 लाख के ठेके पर विवाद, उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों पर मनमानी के आरोप
शहर सत्ता/रायपुर। मीनल चौबे यानि कि ‘मिंटी दीदी’ महापौर रायपुर नगर निगम के कार्यकाल में गड़बड़ियों, अनियमितताओं की जांच तो चल रही है लेकिन एक भी मामले में किसी भी दोषियों पर जांच की आंच नहीं पड़ी है। यूनिपोल घोटाला, अवैध होर्डिंग, निगम के गार्डनों में पेड़-पौधों से लेकर घास लगाने तक और इनके मेंटेनेंस ठेका अब भी विवादग्रस्त हैं। महापौर रायपुर मीनल छगन चौबे का एक ही जवाब है “पूरे मामले की जांच की जा रही है।”

समता कॉलोनी और चंगोराभाठा स्थित गार्डनों के रखरखाव का करीब 17 लाख रुपए का ठेका दिए जाने के मामले में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। पूरे मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सवाल उठाए हैं। दावा किया जा रहा है कि ठेका प्रक्रिया की जानकारी निगम के जनप्रतिनिधियों और विभागीय MIC सदस्यों तक को नहीं दी गई। वहीं महापौर मीनल चौबे ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।

खीर खा रहा राजस्व और उद्द्यानिकी विभाग
नगर निगम रायपुर के आधा दर्जन गार्डनों में सिर्फ ठेका संबंधी विवाद ही नहीं हैं। अपितु गार्डन का रखरखाव, पानी टैंकर से छिड़काव और राजधानी के गार्डनों में अवैध कब्जे जिम्मेदारों की शह पर हुए हैं। उड्डयानिकी विभाग के साथ साथ निगम का राजस्व अमला भी सिर्फ गरीबों से वसूली और उनकी रोजी-रोटी छीनने में लगा है। जबकि अमीरजादों की कॉलोनियों में निगम की सड़कों और पार्क में अवैध कब्ज़ा-निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से अफसर घबराते हैं।
पार्षद वसूल रहे ठेले-खोमचों से किराया-भाड़ा
वैध गुमटियों और दुकानदारों पर निगम का कब्जा खाली करवाने वाला अमला बेरहमी से कार्रवाई और जुर्माना वसूली करता है। लेकिन दूसरी तरफ वार्ड पार्षदों द्वारा अपने क्षेत्र में सरेआम अवैध ठेला-खोमचे वालों से किराया वसूली कर रहे हैं। ट्रैफिक जाम करते ऐसे ठेलों-खोमचों से शंकर नगर, टैगोर नगर, पुजारी कॉम्प्लेक्स टिकरापारा रोड, बैजनाथ पारा समेत बैरन बाजार छत्तीसगढ़ कॉलेज के पास संचालित चाय, पान और नाश्ते की गुमटियों से वसूली किये जाने की चर्चा।




