Editorial by Sukant Rajput : बंद करें विष वमन….

प्रधान संपादक/शहर सत्ता – सुकान्त राजपूत

(Editorial by Sukant Rajput)देश की दंड व्यवस्था के तहत जहां ‘हेट स्पीच’ या बिगडे़ बोल को नये सिरे से परिभाषित करने की आवश्यकता है। उससे कहीं ज्यादा राष्ट्रीय चरित्र एवं राजनीतिक चरित्र निर्माण के लिए नेताओं और उनके दलों को आचार संहिता के बंधन में बांधना ही होगा। तभी ”राजनीतिक सिस्टम“ की रोग मुक्ति, स्वस्थ समाज एवं राष्ट्र का आधार बनेगा। बड़ा प्रश्न है कि क्या धर्म और जाति के नाम पर वोट के लिए सेना और सेना से जुड़ी बेटियों के सम्मान को चोट पहुंचाई जाना उचित है? चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष वाणी का संयम अपेक्षित है। भारतीय राजनीति में बिगड़े बोल, असंयमित भाषा एवं कड़ावपन की मानसिकता चिन्ताजनक है। ऐसा लगता है ऊपर से नीचे तक सड़कछाप भाषा ने अपनी बड़ी जगह बना ली है। यह ऐसा समय है जब शब्द सहमे हुए हैं, क्योंकि उनके दुरूपयोग की घटनाएं लगातार जारी हैं।

हमारा देश पाकिस्तान से बदला लेने की शौर्य की महत्वपूर्ण घटना के मोड़ पर खड़ा है, तब कुछ नेताओं के बिगड़े बोल बहुत दुखद और निंदनीय हैं। मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के एक मंत्री विजय शाह एवं समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव के खिलाफ जनता का गुस्सा स्वाभाविक है।(Editorial by Sukant Rajput)विजय शाह को राज्य मंत्रिमंडल से हटाने की मांग तेज हो गई है। कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ विजय शाह की विवादास्पद टिप्पणी एक ऐसा दाग है, जिसे आसानी से नजरंदाज नहीं किया जा सकता। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा और मामला भी दर्ज हो तो आश्चर्य नहीं। देश के नेताओं व मंत्रियों को ऐसी हल्की और स्तरहीन बातों से परहेज करना चाहिए।

यह सही है कि शब्द आवाज नहीं करते, पर इनके घाव बहुत गहरे होते हैं और इनका असर भी दूर तक पहुंचता है और देर तक रहता है। इस बात को राजनेता भी अच्छी तरह जानते हैं इसके बावजूद जुबान से जहरीले बोल और शाब्दिक विष वमन सामने आते ही रहते हैं।(Editorial by Sukant Rajput)देश अभी-अभी एक संघर्ष से निकला है। यह एकजुटता और परस्पर समन्वय बढ़ाने के लिए संभलकर बोलने का समय है। राष्ट्रीय एकता एवं राजनीतिक ताने-बाने को ध्वस्त कर रहे जहरीले बोल की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। संकीर्णता एवं राजनीति का उन्माद एवं ‘हेट स्पीच’ के कारण न केवल विकास बाधित हो रहा है, सेना का मनोबल प्रभावित हो रहा है, बल्कि देश की एकता एवं अखण्डता भी खण्ड-खण्ड होने के कगार पर पहुंच गयी है।

pradeep chandravanshi

जिला कवर्धा के ग्राम रुसे में जन्म लिया। खेती-किसानी के साथ शिक्षा और खेल में भी संतोषजनक सफलता मिली। वर्तमान में शहर सत्ता के लिए ख़बरों और प्रबंधन की महती जिम्मेदारी प्राप्त है। रायपुर प्रेस क्लब का विगत 9 वर्षों से सक्रीय सदस्य भी हूं।

Related Posts

Mahanadi Water Dispute : जल्द होगी छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की बैठक

जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से की मुलाकात; केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की पहल पर जगी उम्मीद शहर सत्ता/रायपुर न्यूज़ डेस्क। (Mahanadi Water Dispute)केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य…

Decision taken by the Chhattisgarh Cabinet : अग्निवीरों को पुलिस, वन रक्षक और प्रहरी भर्ती में मिलेगा 10% आरक्षण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट की बैठक; राज्य में उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंत्रियों की उप समिति बनेगी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें

Mahanadi Water Dispute : जल्द होगी छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की बैठक

Mahanadi Water Dispute : जल्द होगी छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की बैठक

Decision taken by the Chhattisgarh Cabinet : अग्निवीरों को पुलिस, वन रक्षक और प्रहरी भर्ती में मिलेगा 10% आरक्षण

Chhattisgarh State GST Department : 53 करोड़ की फर्जी बिलिंग का मुख्य आरोपी विजय कुमार यादव अरेस्ट

Chhattisgarh State GST Department : 53 करोड़ की फर्जी बिलिंग का मुख्य आरोपी विजय कुमार यादव अरेस्ट

Congress & BJP Staged Protests In Raipur :16 पुलिस वाले घायल, 12 प्रदर्शनकारियों लोगों पर केस दर्ज

Congress & BJP Staged Protests In Raipur :16 पुलिस वाले घायल, 12 प्रदर्शनकारियों लोगों पर केस दर्ज

Bastar Chitrakote Waterfall : पीपीपीएसी की बैठक में हुआ तय तीरथ गांव में बनेगी टेंट सिटी

Bastar Chitrakote Waterfall : पीपीपीएसी की बैठक में हुआ तय तीरथ गांव में बनेगी टेंट सिटी

Monsoon Session of the Lok Sabha : लोकसभा में सांसद बृजमोहन ने उठाया युवा उद्यमिता, नवाचार का मुद्दा

Monsoon Session of the Lok Sabha :  लोकसभा में सांसद बृजमोहन ने उठाया युवा उद्यमिता, नवाचार का मुद्दा