सिंहदेव पूर्व में बयान दे चुके वे संगठन में किसी भी जिम्मेदारी को लेने के लिए तैयार हैं, कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलती है तो वो भी वे लेने को तैयार हैं
शहर सत्ता/रायपुर। Congress has decided the new PCC chief : पूर्व उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता (TS Singhdev)टीएस सिंहदेव पार्टी की सुबाई सियासत में कोई मुकाम हासिल करने बेक़रार हैं। उन्होंने हालिया बयान में भी अपनी ख्वाहिश जाहिर करने वाला बयान दिए थे कि वे संगठन में किसी भी जिम्मेदारी को लेने के लिए तैयार हैं। जैसी चर्चा है, अगर उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलती है तो वो भी वे लेने को तैयार हैं। टीएस सिंहदेव के नाम पर मुहर लगने का हल्ला हो गया है लेकिन इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि कांग्रेस की अहम् बैठकों से सिंहदेव ने दूरी बढ़ा ली थी। हार के बाद से ही पार्टी और पार्टी नेताओं से भी वे छिटके-छिटके नजर आते थे।
बुधवार की शाम से ही सरगुजा से लेकर राजधानी रायपुर तक में कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बीच (TS Singhdev)उनके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाये जाने की चर्चा थी। उनके करीबी नेता भी मिडिया से पुष्टि करने और अध्यक्ष बनने की खबर तस्दीक करते रहे। परंतु तत्संबंध में श्री सिंहदेव की कोई टिप्पणी नहीं आई। उनकी इस ख़ामोशी को लेकर और उनके ही करीबियों द्वारा पूछताछ से कहा जा सकता है कि उनकी भूमिका पार्टी हाई कमान ने मुकर्रर कर दिया है।

फ़िलहाल प्रदेश की सियासत से एक तरह से किनाराकश किये बैठे श्री सिंहदेव चंद मतों से विधानसभा चुनाव में शिकस्त के बाद से ही अपने को दायरे में समेट लिए थे। उनका कहना है कि पार्टीगत बदलाव कब होगा यह पार्टी हाईकमान तय करेगा। लेकिन अचानक ही दुर्ग से रायपुर के बीच पूर्व निर्धारित न्याय यात्रा रद्द किये जाने के बाद से ही श्री सिंहदेव के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाये जाने के कयास लगने लगे थे।
न्याय यात्रा इसलिए हुई रद्द
जानकारी के मुताबिक प्रदेश में बढ़ते अपराध और खासकर दुर्ग में मासूम बच्ची का चाचा द्वारा शोषण और हत्या के बाद पुलिस जांच को मुद्दा बनाते हुए प्रदेश कांग्रेस न्याय यात्रा निकलने वाली थी। दुर्ग से राजधानी रायपुर तक होने वाली इस न्याय यात्रा को अचानक ही रद्द कर दिया गया। तभी से पीसीसी अध्यक्ष के बदलाव की हवा सत्ता के गलियारों में चलने लगी थी। हालांकि मासूम बच्ची की मां के चाचा को निर्दोष बताने के बाद पुलिस की जांच में आरोपी चाचा स्पर्म रिपोर्ट मैच होने के बाद यात्रा ख़ारिज कर दी गई।

नए पीसीसी चीफ सम्हालेंगे मोर्चा
कांग्रेस के भीतरखानों में चर्चा है कि (Former Chief Minister Bhupesh Baghel) पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश के ही नहीं अब AICC में भी बड़े नेताओं में शुमार हैं। फ़िलहाल टीएस बाबा ही बिना सिंहासन के राजा हैं। इधर प्रदेश कांग्रेस की कमान उन्हें सौंपने की ख़बरें ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री की तरह उड़ाई गई पर PCC CHIFE दीपक बैज बरक़रार हैं। दिल्ली में फैसला सिहंदेव के नाम होता उससे पहले अमरजीत भगत और शिव डहरिया भी दावेदारों की फेहरिस्त में दखल दे चुके हैं। एक तरफ आज-कल में नए प्रदेश अध्यक्ष का नाम फाइनल होने के अंदेशे और पद को लेकर गुटबाजी-दावेदारी में उलझी पीसीसी सुशासन को घेरने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं बना प् रही है।







