राज्य में भी भाजपा की सरकार है, उड़ीसा में भी भाजपा सरकार है, केन्द्र में भी भाजपा सरकार है फिर भी नहीं सुलझा इंद्रावती नदी जल बंटवारा
शहर सत्ता/रायपुर। State Congress President Deepak Baij : (PCC Chief Deepak Baij)पीसीसी चीफ दीपक बैज ने रायपुर में मिडिया को बयान जारी करते हुए साय सुशासन और बीजेपी की डबल इंजन (BJP’s double engine government) सरकार पर तंज कसा है। बैज मिडिया से बोले; डबल इंजिन सरकार फेल हो गई है और बस्तर की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। उन्होंने कहा, राज्य में भी भाजपा की सरकार है, उड़ीसा में भी भाजपा सरकार है, केन्द्र में भी भाजपा सरकार है तो फिर भी इंद्रावती नदी जल बंटवारा क्यों नहीं सुलझा।

श्री बैज के मुताबिक आज बस्तर की प्राणदायिनी इंद्रावती नदी (Indravati River) पूरी तरह से सूख चुकी है, पिछले कई दिनों से इंद्रावती से सटे किसान इंद्रावती नदी में पानी की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं, परंतु डबल इंजन की सरकार किसानों की मांग को अनसुना कर इंद्रावती नदी में पानी के लिए उड़ीसा सरकार से चर्चा तक नहीं कर रही है। यह भारतीय जनता पार्टी की उदासीनता का ही नतीजा है, बस्तर के लोग बस्तर की प्राणदायनी इंद्रावती नदी को तिल-तिल मारता हुआ देखने को मजबूर है।
(PCC Chief Deepak Baij)पीसीसी चीफ का कहना है कि साय सरकार ने इंद्रावती नदी(Indravati River) क पानी रोकने कोई पहल नहीं की जिसके चलते (Central Water Commission)केन्द्रीय जल आयोग, राष्ट्रीय विकास जल अभिकरण और तेलंगाना सरकार 148 टीएमसी पानी छत्तीसगढ़ के बस्तर को देने की बजाए तेलंगाना सरकार को देने की बात भी कर रहे हैं। कांग्रेस बस्तरवासियों को सरकार के हाल पर नहीं छोड़ सकती। हम बस्तर की प्राणदायिनी इंद्रावती को सूखते नहीं देख सकते। सरकार शीघ्र उड़ीसा सरकार के बात नहीं करती इस समस्या का समाधान नहीं करती तो हम आंदोलन को मजबूर होंगे।
बस्तर की बहुमूल्य खदानों और संसाधनों का दोहन
छत्तीसगढ़ को एक बार फिर कॉरपोरेट घरानों का चारागाह बना दिया है। बस्तर की चार बड़ी लौह अयस्क खदानें निजी पूंजी पतियों को इसमें से 2 खदानें बैलाडीला 1। और बैलाडीला 1ठ की खदान आर्सेलर मित्तल को 50 साल के लिए लीज पर दे दिया। बैलाडीला 1ब् खदान रूंगटा स्टील को 50 सालों के लिए दिया गया। कांकेर जिले के हाहालादी खदान सागर स्टोन को 50 साल के लिए दे दिया गया है।
विरोध के बावजूद भारत सरकार का सरकारी उपक्रम फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड भिलाई स्थित यूनिट को मात्र 320 करोड़ में बेच दिया, जो कभी घाटे में नहीं रही बल्कि लगभग 100 करोड़ प्रति वर्ष का मुनाफा कमा रहा थी। मोदी और अमित शाह ने बस्तर की जनता से वादा किया था कि नगरनार नहीं बिकेगा लेकिन बेचने की प्रक्रिया आज भी जारी है। बस्तर के नगरनार में 20 हजार करोड़ से अधिक के सार्वजनिक क्षेत्र एनएमडीसी के प्लांट को बेचने के लिए केंद्र की मोदी सरकार विनिवेशीकरण की सरकारी साइट ‘‘दीपम’’ पर सेल लगाकर रखी है।







