खुरचन- मैं हूँ रावण… जलेगा पर मरेगा नहीं साला..!
द्वारा -हरिदास हर साल विजयदशमी आती है। रामलीला होती है। राम तीर चलाते हैं। रावण धू-धूकर जलता है। पटाखे फूटते हैं। तालियां बजती हैं। लोग खुश होते हैं कि सत्य…
द्वारा -हरिदास हर साल विजयदशमी आती है। रामलीला होती है। राम तीर चलाते हैं। रावण धू-धूकर जलता है। पटाखे फूटते हैं। तालियां बजती हैं। लोग खुश होते हैं कि सत्य…
