दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, नारोटिक्स अमित कुमार ने कहा कि नारकोटिक्स के प्रकरणों में अपराधियों को सजा दिलाये जाने और उनकी परिसंपत्तियों को जप्त कर वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रभावी विवेचना की आवश्यकता
शहर सत्ता/रायपुर। (Training Workshop at PHQ)पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर छत्तीसगढ़ में नारकोटिक्स के दर्ज प्रकरणों की फायनेंसियल इन्वेस्टिगेशन के संबंध में एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, नारोटिक्स अमित कुमार ने कहा कि नारकोटिक्स के प्रकरणों में अपराधियों को सजा दिलाये जाने और उनकी परिसंपत्तियों को जप्त कर वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रभावी विवेचना की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आज के इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। नारकोटिक्स सब्सटेंस कौन लेने जा रहा है एवं कौन देने जा रहा है, इसका फारवर्ड एवं बैकवर्ड लिंक स्थापित करते हुए फायनेसियल इंवेस्टिगेशन किये जाने से निश्चित ही फायनेंशियल लिंक को ध्वस्त किया जा सकता है।

उप पुलिस महानिरीक्षक, नारकोटिक्स पारूल माथुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि एनडीपीएस के प्रकरणों की विवेचना में विभिन्न संबंधित एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसमें अपराधियों द्वारा नशे के कारोबार से अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की पहचान एवं उसके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जाना शामिल है। इसे दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधिकारियों को एनडीपीएस के प्रकरणों की फायनेंसियल इन्वेस्टिगेशन की दिशा में सेसंटाइज किये जाने हेतु आज के इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होने नारकोटिक्स सब्सटेंस के सप्लाई रिडक्शन, डिमांड रिडक्शन, हार्म रिडक्शन व रिहेबिलिटेशन में होलेस्टिक एप्रोच की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में इनकम टैक्स, इन्वेस्टिगेशन विंग, रायपुर के डिप्टी डायरेक्टर श्री प्रकाश चंद्र चौहान द्वारा व्यापक प्रस्तुतिकरण देते हुए नारकोटिक्स के प्रकरणों में फायनेंसियल इन्वेस्टिगेशन के माध्यम से अवैध पैसा कहां से आ रहा है एवं उसे कहां इन्वेस्ट किया जा रहा है, की जानकारी कैसे प्राप्त की जा सकती है, इस पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यशाला के द्वितीय सत्र में नेशनल एकेडमी ऑफ कस्टम्स, इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड नारकोटिक्स, रायपुर में पदस्थ एडिशनल अस्सिटेंट डायरेक्टर सलमान इम्तियाज हुसैनी ने जीएसटी का विश्लेषण कर किस प्रकार अवैध धन का पता लगाया जा सकता है, इस संबंध मंे विस्तृत जानकारी दी गई।कार्यशाला में राज्यभर के उप पुलिस अधीक्षक से सहायक उप निरीक्षक स्तर के कुल 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय के अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनामिका जैन ने किया।






