2250 से ज्यादा कड़े, 30 से ज्यादा चाकू व कैंची जब्त, झांकी देखने उमड़ी 5 लाख लोगों की भीड़, 2 हजार पुलिस थी तैनात
शहर सत्ता/रायपुर। (changed The Trend of Crime)राजधानी रायपुर के गुंडा तत्वों के लिए ‘कड़ा’ अब उपयुक्त हथियार बन गया है। सिख धर्म की पांच पवित्र निशानियों में से एक ‘कड़ा’ को असामाजिक तत्व अब बतौर हथियार प्रयोग कर रहे हैं। धारधार और नुकिले हथियार रखने पर क़ानूनी धारा के साथ आसानी से पुलिस के टारगेट में आने का खतरा भांपते हुए गुंडे-बदमाश ‘कड़े’ को अपना विकल्प बना रहे हैं।

राजधानी रायपुर में मारपीट की ऐसी कई घटनाओं में आरोपियों द्वारा मोटे, धारधार और भारी कड़ों को हथियार की तरह इस्तेमाल किया है। ऐसा करने से उनपर आर्म्स एक्ट की गंभीर धारा भी नहीं लग रही और मारने वाले को भी एक हद में ही चोट पहुँचती है। हालांकि रायपुर पुलिस आयुक्त की टीम अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के इस हथकंडे को वक्त रहते समझ ली है। नतीजतन इस वर्ष गणेशोत्सव पंडालों से लेकर विसर्जन झांकी तक ‘कड़ेबाज’ और चाक़ूबाजों के लिए पुलिस पहले से ही मुस्तैद थी।

झांकी वाली रात 9 बजे से तलाशी शुरू हुई तो चाकू-कैंची के साथ एक खौफनाक पैटर्न सामने आया। बड़ी संख्या में युवक साइकिल की चेन वाले चक्के जैसे आकार के नुकीले कड़े पहनकर झांकी में पहुंच रहे थे।
गणेशोत्सव से पूर्व धारधार हथियार रखने वालों को दो महीने से धरपकड़ करके कार्रवाई की जाती रही। झांकी से पूर्व ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात पुलिस स्टाफ मोठे, धारधार और घातक चोट पहुँचाने वाले ऐसे कड़ा पहनने वालों पर कार्रवाई की। पुलिस कमिश्नर, रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला के मुताबिक गणेशोत्सव रायपुर के लिए बड़ा त्योहार है। इसे देखते हुए करीब दो माह पहले से ही सुरक्षा की तैयारी शुरू कर दी गई थी। ऑफिस स्टाफ को भी सुरक्षा ड्यूटी में लगाया गया था। बेहतर तैयारी और सतर्कता की वजह से इस बार कोई बड़ी घटना नहीं हुई।

प्रमुख मार्गों और झांकी के दिन सभी ने की एक्स्ट्रा ड्यूटी
रायपुर थाना पुलिस से लेकर टेबल वर्क करने वाले आरक्षक संवर्ग से लेकर निरीक्षक तक ने तैनाती ड्यूटी के बाद भी एक्स्ट्रा ड्यूटी दिए हैं। सिर्फ गणेशोत्सव शांतिपूर्वक रखने के लिए पुलिस आयुक्त के निर्देशानुसार रायपुर पुलिस के हर जवान और अधिकारीयों की शिद्दत से की गई ड्यूटी का ही नतीजा है कि पहली बार गणेश झांकी में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। एक भी चाकूबाजी या गंभीर मारपीट रोकने के लिए इस बार खाखी मुस्तैद थी।

2250 से ज्यादा कड़े, 30 से ज्यादा चाकू व कैंची जब्त
झांकी वाली रात 9 बजे से तलाशी शुरू हुई तो चाकू-कैंची के साथ एक खौफनाक पैटर्न सामने आया। बड़ी संख्या में युवक साइकिल की चेन वाले चक्के जैसे आकार के नुकीले कड़े पहनकर झांकी में पहुंच रहे थे। तलाशी में 2250 से ज्यादा ऐसे कड़े और 30 से ज्यादा चाकू-कैंची बरामद हुए। कई लोग शराब की बोतल लेकर झांकी में पहुंचे थे। ऐसे 55 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया।
25 साल में पहली बार नहीं हुई चाकूबाजी की घटना
झांकी रूट में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की जांच का फैसला लिया गया। इसलिए पुलिस का दावा है कि कमिश्नरी लागू होने के बाद 25 साल में पहली बार झांकी के दौरान चाकूबाजी की घटना नहीं हुई। इस बार झांकियां देखने 5 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। पुलिस-प्रशासन के अनुसार पिछले साल के मुकाबले भीड़ 35 से 40 फीसदी ज्यादा थी।






