गांव-गांव में सौम्य मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जनचौपाल, लौटी बस्तर की मुस्कान…’सुशासन तिहार’
शहर सत्ता/रायपुर। (Chief Minister’s ‘Jan Chaupal’ In Bastar)भाजपा की डबल इंजिन की सरकार ने छत्तीसगढ़ खासकर बस्तर में वह कर दिखाया जो पूरवर्ती सरकारों को असंभव लगता था। नक्सलियों की दहशत के कारण जहां पहुंचना मुश्किल था वहां के दूरस्थ गांव-गांव में सौम्य मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जनचौपाल लग रही है। राज्य सरकार सब के द्वार पहुंचकर सुशासन तिहार को बेहतरीन स्वरुप देने में लगी है।
नक्सलमुक्त बस्तर में मंगलवार को पहला मौका था, जब कोई मुख्यमंत्री इंद्रावती नदी के उस पार बसने वाले अबूझमाड़िया लोगों के पास पहुंचे। जन चौपाल लगाकर उनकी समस्या, शिकायतें सुनीं और समाधान का भरोसा भी दिलाया। मौका था सुशासन तिहार के तहत सीएम विष्णुदेव साय के बस्तर दौरे का। मंगलवार को दौरे के दूसरे दिन सीएम सुकमा से विशेष विमान के जरिए सुबह 9 बजे बीजापुर के कोंडापल्ली गांव पहुंच गए थे।

यहां जनचौपाल में लोगों की समस्याएं सुनने के बाद सीएम दोपहर में दंतेवाड़ा जिले के चेरपाल गांव पहुंचे। अबूझमाड़ का यह इलाका इंद्रावती नदी के उस पार है, जहां कभी नक्सलियों की तूती बोलती थी। सीएम ने यहां करीब एक घंटे बिताए और लोगों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने इस दौरान सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका से जुड़ी मांगें रखी।
सीएम ने मंच से ही अफसरों को निर्देश दिया कि ग्रामीण इलाकों से आए आवेदनों और समस्याओं का निपटारा प्राथमिकता से करें। योजनाएं तभी सार्थक हैं, जब सही व्यक्ति को उसका लाभ सही वक्त पर मिले। सीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य ही शासन और जनता के बीच की दूरियां खत्म करना है।
हितग्राहियों को योजनाओं के तहत लाभ मिले
वनाधिकार मान्यता पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र दिए गए। पीएम आवास योजना से जुड़े लाभ दिए गए। श्रम कार्ड दिए गए। किसान हितग्राही योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों से चर्चा हुई। इस दौरान सीएम के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार, विशेष सचिव और आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल, जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, जनपद अध्यक्ष पूर्णिमा तेलम, कलेक्टर विश्वदीप, एसपी डॉ जितेन्द्र यादव, सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे, अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
पहले विस्थापन, फिर बोधघाट प्रोजेक्ट
बोधघाट प्रोजेक्ट में तकरीबन 57 गांव डुबान क्षेत्र में आएंगे और 20 से 25 हजार आदिवासी इससे प्रभावित हो सकते हैं। भास्कर में छपे इस मुद्दे पर सीएम का कहना था, पहले प्रभावित गांवों के लोगों का विस्थापन होगा। विस्थापन की प्रक्रिया अच्छे से पूरी की जाएगी। प्रभावितों से संवाद होगा। इसके बाद ही परियोजना का काम शुरू होगा। उन्होंने कहा यह पुरानी परियोजना है। सिंचाई, बिजली उत्पादन, मछली पालन के हिसाब से यह बहुत अच्छी परियोजना है।
मातृ वंदन में गड़बड़ी पर जांच जारी
गर्भवती और शिशुवती माताओं के पोषण के नाम पर दंतेवाड़ा में 60 लाख के फर्जीवाड़े का खुलासा भी हाल ही में दैनिक भास्कर में किया गया था। इसमें 1400 गर्भवतियों और शिशुवतियों की फर्जी सूची बनाकर पैसे मंजूर कराए गए। इस पर सीएम ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। जांच चल रही है। इसमें पता चल जाएगा कि क्या गड़बड़ी हुई है। तबादला होने के बाद भी महिला बाल विकास के बाबू के नहीं जाने पर सीएम ने कहा, ट्रांसफर हुआ है तो रिलीव भी कर दिया जाएगा।
लखपति दीदियों को करोड़पति बनाएंगे, अस्पताल भी खोलेंगे
दौरे के दौरान सीएम ने लखपति दीदियों से भी बातचीत की। उनसे कहा कि अब उन्हें करोड़पति दीदियां बनना है। कौर के सरपंच ब्रजेश ने सीएम से कहा कि गांव में बहुत समस्या है। इस पर सीएम ने समाधान का भरोसा दिलाया। शिविर में उस समय ठहाके गूंज उठे, जब छोटे कद के युवा सरपंच ब्रजेश कडती माइक पर बोलने पहुंचे। पोडियम पर खड़े होने के बाद भी वे लोगों को नजर नहीं आ रहे थे। मुख्यमंत्री ने माइक पर कहा, आप सामने आ जाएं, जिससे कि मैं और बाकी लोग आपको देख सकें। सरपंच ने गांव की समस्याएं बताईं। पोटाकेबिन की मांग रखी।





