शहर सत्ता/रायपुर। Decision of the cabinet meeting : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा; सरकार आर्थिक संसाधनों की कमी की पूर्ति करने के लिए तैयार है और सरकार बचे हुए धान की नीलामी करेगी।
डिप्टी CM अरुण साव ने कहा, नई औद्योगिक नीति और इनवेस्टर्स मीट का सकारात्मक असर हुआ है। देश के औद्योगिक घरानों का छत्तीसगढ़ के प्रति आकर्षण भी बढ़ा रहा है जो कि सुशासन दर्शाता है। उन्होंने कहा साय सरकार ने किसानों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाई है, कांग्रेस को किसानों की चिंता नहीं थी।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर निवास में कहा कि, राज्य की विष्णु देव साय सरकार ने किसानों के हित में ऐतिहासिक कार्य किया है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए में खरीदी की है। सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए यह निर्णय लिया है। वहीं उपयोग के बाद जो धान बचे है, उसकी नीलामी की जाएगी।
ई ऑफिस सिस्टम पर श्री साव ने कहा कि, मंत्रालय में ई ऑफिस लागू कर कार्य किया जा रहा है। वहीं नया काम धीरे धीरे क्रमशः शुरू होता है। आगामी समय में इस काम को और आगे बढ़ाएंगे। प्रदेश में विष्णु का सुशासन है। किसानों की तरक्की और बेहतरी के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नए सत्र की पहली कैबिनेट बैठक।
जन्म 13 अगस्त 1973 को राजधानी रायपुर में हुआ। मेरी जड़ें उत्तर प्रदेश ग्राम चौरंग, कुंडा जिला प्रतापगढ़ से जुडी हैं। मुझे शिक्षक माता-पिता, विख्यात सर्प विशेषज्ञ डॉ अर्जुन सिंह रंगीला का पौत्र और छत्तीसगढ़ राजिम-धमतरी क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर राम पाल सिंह बिसेन का नाती होने का गौरव प्राप्त है। स्कूल से लेकर कॉलेज MA(PUB.ADD.) BJMC तक की शिक्षा रायपुर में ही ग्रहण किया। एनसीसी एयर विंग से 'ए' 'बी' और 'सी' सर्टिफिकेट तीन नेशनल कैंप का तत्कालीन मध्य प्रदेश में रायपुर, भोपाल और इंदौर का नेतृत्व किया। रायपुर थ्री एमपी (अब सीजी) एयर स्क्वॉर्डर्न से सर्वाधिक ग्लाइडिंग फ़्लाइंग की शॉर्टिज करके 1995 में ग्लाइडर पायलट यतेंद्र सिंह राणा सर की कमान में सोलो फ़्लाइंग किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में मातृ संसथान दैनिक हरिभूमि में वर्ष 2000 में डेस्क में विज्ञप्ति बनाने से शुरुआत हुई। लगभग 15 साल हरिभूमि, फिर इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल स्टैंडर्ड वर्ल्ड 'वाच' चैनल, पत्रिका, दबंग दुनिया, समवेत शिखर, अमनपथ और जनता से रिश्ता मिड डे अख़बार में भी विभिन्न पदों पर कार्यरत था। वर्तमान में शहर सत्ता साप्ताहिक अख़बार में बतौर प्रधान संपादक हूं।