शिक्षण उत्सव 2026 कार्यक्रम में शामिल हुए कलेक्टर डॉ गौरव सिंह संकुल स्कूल शिक्षक एवं बीईओ को किया गया सम्मानित, वीबी जीरामजी से स्कूलों में बनाए जाएंगे अतिरिक्त कक्ष एवं गर्ल्स टॉयलेट, केपीआई से होगा शिक्षकों का मूल्यांकन
शहर सत्ता/रायपुर। (Teaching Festival 2026 Program)कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह समग्र शिक्षा अभियान और आचार्य विनोबा भावे फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित शिक्षण उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि “जिस दिन शिक्षक अपने अंदर छिपे गुरु भाव को जागृत कर ले, उस दिन शिक्षा की तस्वीर बदल सकती है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और जिला शिक्षा अधिकारी सतीश नायर उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट पढ़े रायपुर बढ़े रायपुर लिखे रायपुर के तहत अच्छा प्रदर्शन करने वाले संकुल, विकासखण्ड, स्कूल और शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

कलेक्टर डॉ. सिंह ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक का काम सबसे महत्वपूर्ण होता है शिक्षक अपने स्कूलों में ऐसा कार्य करें कि उनके नाम और काम से पूरा स्कूल जाना जाए। उनके शिक्षण कार्य और उनके मार्गदर्शन पर बच्चों का भविष्य निर्भर करता है। उन्होंने प्रोजेक्ट पढ़े रायपुर बढ़े रायपुर लिखे रायपुर और प्रोजेक्ट उत्कर्ष की सराहना करते हुए कहा कि अब जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों का मूल्यांकन केपीआई (Key Performance Indicator) के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही एक अतिरिक्त पैरामीटर ‘पब्लिक ओपीनियन’ भी रखा जाएगा, जिसके तहत जिस क्षेत्र में स्कूल है वहां के नागरिकों से भी फीडबैक लिया जाएगा।

कलेक्टर ने सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि इंग्लिश में केवल टीचर एक शब्द है, लेकिन हिन्दी में इसी शब्द के चार अलग शब्द है। जिसमें पहला शब्द अध्यापक जो केवल अध्यापन कराता है। दूसरा शब्द है शिक्षक जो अध्यापन के साथ-साथ शिक्षा भी देता है। तीसरा शब्द है आचार्य, जो पढ़ाता भी है शिक्षा भी देता है और आचरण पर भी नजर बनाए रखता है और चौथा शब्द है गुरू जो उसकी सम्पूर्ण व्यक्तित्व पर काम करता है।





