शासन को आबकारी से मिले 10 हजार 7 सौ करोड़, अंग्रेजी शराब के लिए नए रेट ऑफर का अनुमोदन, बीयर के शौकीनों को हर बोतल पर करीब 10 रुपए ज्यादा देने होंगे
शहर सत्ता/रायपुर। (Changes In Liquor & Beer Prices In CG )वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में विदेशी मदिरा की आपूर्ति के लिए विदेशी मदिरा के विनिर्माता या प्रदायकर्ता इकाइयों द्वारा रेट ऑफर में प्रस्तुत किये गये (लैंडिंग प्राईस) एवं सीएसबीसीएल क्रय दर का प्रशासकीय अनुमोदन किया गया है। इससे पहले आबकारी विभाग ने एक ग्लोबल टेंडर निकालकर शराब निर्माताओं और सप्लायरों को यहां शराब बेचने के लिए आमंत्रित किया था। इन कंपनियों से रेट ऑफर बुलाए गए थे। इन रेट ऑफर पर निगोसिएशन के बाद जो प्रस्तावित दरें सामने आई थी उनका अनुमोदन विभागीय मंत्री से लिया गया है और अब इसे जारी कर दिया गया है, ये दरें अगले साल 31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी।
ऑल इंडिया ब्रांड में आंशिक वृद्धि, 314 ब्रांड में रेट वही
आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि भारत स्तर पर बिकने वाले ऑल इंडिया ब्रांड में आंशिक वृद्धि हुई है। जबकि 314 ब्रांड में रेट यथावत है। 83 अन्य ब्रांड में रेट कम हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि रेट ऑफर में चार कंपनियों को लंबित रखा गया है। उनसे मोलभाव के बाद उनके रेट सामने आएंगे। तीन लेबल को निरस्त किया गया है।

बीयर की हर बोतल पर 10 रुपए ज्यादा देना होगा
राज्य में 1 अप्रैल से बिकने वाली बीयर की हर बोतल पर 10 रुपए अधिक देने होंगे। बीयर के शौकीनों के लिए 30-40 ब्रांड उपलब्ध हैं। इसके साथ ही प्रीमियम क्वालिटी की शराब के कुछ ब्रांड भी महंगे होंगे। बताया गया है कि जिन ब्रांड के रेट बढ़े हैं वह इस तरह है कि जो ब्रांड पहले साढ़े तीन हजार में बिकते थे, अब वहीं करीब पांच हजार या उसके आसपास हो सकते हैं। इसके साथ ही ये भी बताया गया है कि कुछ प्रीमियम ब्रांड के रेट कम हुए हैं। साथ ही सामान्य स्तर के शराब जो चलन में ज्यादा है उनके रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
शासन को आबकारी से मिले 10 हजार 7 सौ करोड़
राज्य सरकार को आबकारी से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 10 हजार 700 करोड़ रुपयों का राजस्व मिला है। हालांकि राज्य सरकार ने इस वर्ष के लिए 12 हजार 500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। लेकिन इसके विपरीत एक और तथ्य अहम है। वह ये कि राज्य में शराब और बीयर की खपत पिछले साल के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक बढ़ी है।





