माना बाल सम्प्रेक्षण गृह में डांस, योगा, सब्ज़ी की क्यारी में बीता रहे एक आम बच्चों सा वक्त
शहर सत्ता/रायपुर। (ISIS Dgital Module In Chhattisgarh)छत्तीसगढ़ के 2 नाबालिगों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का मैप ISIS को भेजा था। माना बाल सम्प्रेक्षण गृह में डांस, योगा, सब्जी की क्यारी करने और सब्जी की क्यारी लगाने में मशगूल हैं। जानकारी के मुताबिक दोनों ने पाकिस्तानी हैंडलर्स से डार्क-वेब की ट्रेनिंग ली, ग्रुप बनाया और बताते हैं कि एक इशारे पर दोनों नाबालिग हथियार उठाने को भी तैयार थे। सूत्रों के मुताबिक एक का पिता CRPF में तो दूसरे का ऑटो रिक्शा चलाता है।
ATS ने रायपुर और भिलाई से 2 नाबालिगों को पकड़ा है, जो ISIS हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे। दोनों ही 10वीं-12वीं क्लास के स्टूडेंट हैं। ATS ने रायपुर और भिलाई से पकड़े गए 2 नाबालिगों को लगभग डेढ़ साल तक ह्यूमन सर्विलांस और साइबर ट्रैकिंग के जरिए चुपचाप मॉनिटर किया। साइबर टीम ने जब चैट, ग्रुप लिंक और कंटेंट को खंगाला, तब पता चला कि 2 भारतीय नाबालिग लगातार उसी प्रतिबंधित ग्रुप में एक्टिव हैं, जहां पाकिस्तानी हैंडलर्स कट्टरपंथी कंटेंट डाल रहे थे। इन दोनों ISIS के हौलनाक मासूमों के संपर्क में 4 अन्य नाबालिग भी आ गए थे। फ़िलहाल पूछताछ के बाद दोनों नाबालिग रायपुर के माना स्थित बाल सम्प्रेक्षण गृह में देखरेख में हैं।
एक नजर
0 ATS ने जब दोनों बच्चों की चैट, ग्रुप स्क्रीनशॉट, फर्जी आईडी, हिंसक कंटेंट और हैंडलर्स के साथ हुई बातचीत के सबूत परिवारों को दिखाए। परिजन ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें अंदाजा तक नहीं था कि उनके बच्चे फोन में किस तरह की दुनिया में फंस चुके हैं।
0 ATS के अधिकारियों ने बताया कि दोनों नाबालिग हैं, इसलिए पूरी जांच जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के नियमों के मुताबिक चल रही है। पूछताछ भी परिवार की मौजूदगी में ही की जा रही है, ताकि किसी तरह का मानसिक दबाव न बने।
0 इसके साथ ही दोनों को साइकोलॉजिकल काउंसलिंग भी दी जा रही है, ताकि वे इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सही स्थिति में रहें। परिजन ने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। हर स्टेप पर मौजूद रहकर ATS की प्रक्रिया में साथ दे रहे हैं।







