साव ने कहा-कांग्रेस बगैर पानी के नल-टोटी लगाए, विपक्ष ने किया वॉकआउट, पूर्व CM बोले 10 लाख कनेक्शन का आंकड़ा गलत
शहर सत्ता/रायपुर। (Jal Jeevan Mission Scheme) पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पावस सत्र के दूसरे दिन सत्ता पक्ष से जल जीवन मिशन पर सवाल किया और आरोप भी लगाए। मंत्री अरुण साव ने उनके सवालों का जवाब भी दिया तो बहस तीखी तकरार में तब्दील हो गई और विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।
भूपेश बघेल का सवाल था कि पिछले 3 सालों में कितनी राशि जल जीवन मिशन के लिए खर्च की गई है और कितने घरों के लोगों को सुविधा प्राप्त हुई है।उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 22–23 और 23–24 की अपेक्षा में 24–25 की तुलना में बहुत कम है। इसका कारण क्या है? अपने सवाल को विस्तार देते हुए पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा आंकड़ा सिर्फ 31 लाख में ही पहुंचा जबकि लक्ष्य से बहुत कम है ये तो।

अरुण साव ने जवाब दिया और बताया कि अब तक 15 हजार 45 करोड़ 45% का खर्च हुआ है। योजना 2024 में पूरी हुई थी। हमारी सरकार बनाने के बाद लोगों को पानी पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे है। 31 लाख घरों में पानी नल से पहुंचाया था। सदस्य ने 2 साल लेट से काम शुरू किया…भूपेश बघेल ने पूछा, कि जिलों में राशि कम क्यों हुई और राशि कम आई इसके बारे में बताया ही नहीं?
अरुण साव ने कहा, केंद्र सरकार के पोर्टल में 36 लाख घर में पानी आया दिखाया गया.. जबकि परीक्षण में 21 लाख घरों में ही पानी पाया गया.. 15 लाख घरों में सिर्फ नल कनेक्शन कर दिया गया और पानी नहीं दिया गया..इसलिए परिस्थित बनी है। जल जीवन मिशन के सवाल पर जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकऑउट किया। विपक्ष ने सरकार पर आकडों की बाजीगरी करने का आरोप लगाया।

नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत- 20 महीने की सरकार में सिर्फ 7 प्रतिशत काम हुआ है, जबकि हमने अपनी सरकार के दौरान करीब 74 प्रतिशत काम किया है। फिर ज्यादा काम किसने किया?
अरुण साव बोले, हमने 10 लाख नल कनेक्शन पानी के साथ दिया। भूपेश बघेल ने कटाक्ष किया 7 महीने में कितने नल कनेक्शन दिए और कितनी राशि खर्च की। तो अरुण साव ने कहा 10 लाख नल कनेक्शन दिया। विपक्ष के विधायकों ने गलत जानकारी देने की बात कही। इस दौरान विपक्ष और मंत्रियों के बीच बहस होने लगी।

स्पीकर को करना पड़ा हस्तक्षेप
जल जीवन मिशन के मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नारेबाजी सदन में हुई। भारी हंगामे पर स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा। आसंदी ने कहा- प्रश्नकाल को बाधित नहीं किया जाता। लेकिन सत्ता पक्ष के जवाब और आंकड़ों से खफा विपक्षी दाल कांग्रेस सदन से वॉकआउट कर दिए।







