
संपादकीय – सुकांत राजपूत
छत्तीसगढ़ में खनिज माफियाओं के आतंक का अंदाज़ इसी से लगाया जा सकता है जब भूपेश सरकार के कार्यकाल में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विधानसभा में इसके लिए आवाज बुलंद की थी। हालांकि इस दौरान उन्होंने अपनी जान को भी खतरा बताते हुए बेलगाम रेत माफियाओं पर सख्ती बरतने की भी गुजारिश की थी।Editorial by Sukant Rajput विडंबना यह कि अब उनकी पार्टी सियासत में है और अब भी खनिज माफिया प्रदेश में तांडव कर रहे हैं। उनके इस जघन्य अपराध में खनिज विभाग, पुलिस विभाग और पर्यावरण तथा वन विभाग भी शामिल है। सरपंच, ग्रामीण की भूमिका भी माफियाओं को शाह देती दिखती हैं। बलरामपुर की घटना में लापरवाही बरतने पर सनावल थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। लेकिन अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा – “सिर्फ सस्पेंशन से क्या माफिया रुक जाएंगे?” राज्य सरकार को अब जवाब देना ही होगा कि आखिर किसके संरक्षण में यह खनन माफिया फल-फूल रहे हैं? बलरामपुर के बाद गरियाबंद में भी रेत माफियाओं ने ग्रामीणों पर फायरिंग कर दी। इस पर हाईकोर्ट ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा ,क्या छत्तीसगढ़ में माफिया राज चल रहा है?” ऐसी घटनाओं को दोहराने से रोकने के लिए कठोरतम कार्रवाई जरूरी है।रेत माफियाओं के बुलंद हौसलों को लेकर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से सख्त सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव और खनिज सचिव से जवाब तलब किया है कि जब पहले ही अवैध खनन रोकने के निर्देश दिए जा चुके हैं, तो फिर यह हाल क्यों है? कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव और खनिज सचिव को तलब करते हुए पूछा – “आखिर प्रदेश में रेत माफिया का आतंक कब खत्म होगा?” कोर्ट ने तल्ख लहजे में कहा कि इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सरकार और पुलिस तंत्र पूरी तरह विफल है। अगर अवैध खनन नहीं रुका और ऐसी वारदातें फिर हुईं, तो सख्त न्यायिक हस्तक्षेप होगा।छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के ग्राम खपरिडीह में खनिज माफियाओं की दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुखबिरी के संदेह में उन्होंने एक युवक को गांव के सार्वजनिक चौक में खंभे से बांधकर लाठी, डंडे और बेल्ट से बेरहमी से पीटा। इस अमानवीय घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे आमजन में आक्रोश है। यह घटना गिधौरी थाना क्षेत्र की है। रेत माफियाओं की दबंगई के मामले में डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि, गुंडागिरी बर्दाश्त नहीं होगी। जो लोग कानून को अपने हाथ में लेंगे ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। माफिया को नहीं पनपने दिया जाएगा।







