0 एडीजी गुप्तवार्ता अमित कुमार तक पहुंची शिकायत, आरक्षक-चालकों ने आरआई चंद्राकर पर लगाए गंभीर आरोप, रोजाना 2000 लीटर पेट्रोल-डीजल पर्ची में गड़बड़ी की खबर
शहर सत्ता/रायपुर। (Chhattisgarh Police SIB) छत्तीसगढ़ पुलिस की गुप्तवार्ता के अंतर्गत एसबी-एमटी पुल में गड़बड़ियों की इंतेहा हो गई है। वीआईपी और गोपनीय कार्यों के लिए यहीं से वाहन और पुलिस गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल भी उपलब्ध करवाया जाता है। एसबी-एमटी पुल के प्रभारी आरआई सौरभ चंद्राकर पर मातहतों ने ही पेट्रोल-डीजल चोरी से लेकर शासकीय वाहनों के दुरूपयोग और दुर्व्यवहार की शिकायत उच्चाधिकारियों से की है। लेकिन शिकायतों के बाद भी गुप्तवार्ता और एसबीएमटी पुल के जिम्मेदार अफसर बेफिक्र हैं। मामले की जानकारी ADG INT. अमित कुमार तक पहुंचने के बाद इस मामले की पूरी जांच और दोषी पाए जाने पर आरआई सौरभ चंद्राकर पर विभागीय कार्रवाई के लिए कहा है।
रायपुर के एसबी-एमटी पुल में सरकारी पैसों की बंदरबांट का बेहतर जरिया अब पेट्रोल-डीजल बन गया है। एसबी-एमटी पुल प्रभारी आरआई सौरभ चंद्राकर और बटालियन से लेकर बिठाये गए पीएसओ रावत की कार्यशैली की खासी चर्चा है। रोजाना तकरीबन 2000 लीटर की डीजल-पेट्रोल की पर्ची में गाड़ियों के एवरेज के नाम से चोरी, पर्ची जारी करने के बाद चालकों से कमीशन और फिर पेट्रोल पंप से प्रति लीटर 5 रूपये कमीशन का खेल चल रहा है।

ऐसा नहीं है कि एसबी-एमटी पुल में चल रहे इस खेल की भनक आला से मझोले अफसरों तक को है। हाल ही में एडीजी इंट अमित कुमार से लेकर डीआईजी एमएल कोटवानी को भी है। लेकिन जिस तरह गुप्तवार्ता का मुखबिर तंत्र की राशि का अता पता करना मुश्किल है ठीक उसी तरह पुलिस विभाग के पेट्रोल-डीजल से करोड़पति होते अफसरों पर कार्रवाई क्या होगी यह पूछना भी नामुमकिन है। एसबी-एमटी पुल रायपुर के आरक्षक-चालक अब अवसाद और तनाव में हैं। क्योंकि उन्हें शिकायत करने की सजा रविवार को भी फटिक ड्यूटी के तौर पर मिल रही है। नाराज लेकिन इमानदार आरक्षक चालकों में महकमे के अफसरों के प्रति रोष बढ़ने लगा है।
सरकारी पेट्रोल से आरआई की चल रही गाड़ी
एसबी-एमटी पुल में डंप टाटा मांजा मॉडल की पेट्रोल गाड़ी खड़ी है। खड़ी गाड़ी में सरकारी पर्ची से अपनी निजी आई-20 वाहन में ज्ञात तौर पर दो बार 70 लीटर पेट्रोल आरआई सौरभ चंद्राकर डलवा चुके हैं। सूत्रों की मानें तो यह सिलसिला आरआई अपनी पोस्टिंग के बाद से करीब 2 साल से कर रहे हैं। इतना ही नहीं पत्नी को दफ्तर छोड़ने के लिए, बच्चों को बैडमिंटन कोर्ट छोड़ने और शासकीय वाहन सप्ताह में 4 से 5 दिन माना में क्रिकेट खेलने में दुरूपयोग होता है। घरेलु कार्यों में सरकारी वाहन, सरकारी पैसों से भरवाए गए पेट्रोल-डीजल की फिजूलखर्ची समेत ड्यूटी में तैनात वीआईपी वहान आरक्षक-चालकों को मजबूर करने की शिकायत सामने आ रही है।
कंप्लेंट करने की मिली सजा, कर रहे फटिक
कार्रवाई नहीं होने और आरआई द्वारा की जा रही मनमर्जी की शिकायत की मुखबिरी होने के बाद गलतियां सुधारने के बदले रविवार अवकाश के दिन में भी आरक्षक-चालकों को फटिक ड्यूटी में उपस्थित होने का मौखिक आदेश जारी किया गया है। शिकायतकर्ता स्टाफ को छुट्टी के दिन भी श्रमदान का तुगलकी फरमान देकर आरआई सौरभ चंद्राकर ने जता दिया है कि उन्हें अफसरों का वरदहस्त प्राप्त है।

रोजाना 200 लीटर फ्यूल की अफरा-तफरी
पुलिस विभाग में एसबी-एमटी पुल में गोपनीय कार्य के नाम पर, नवा रायपुर पीएचक्यू आने-जाने और एसबी-एसआईबी, सीएम हॉउस के अलावा वीआईपी ड्यूटी के नाम पर धड़ल्ले से चल रहा पेट्रोल-डीजल घोटाले का यह खेल रोजाना 50 गाड़ियों में तकरीबन 2000 लीटर डीजल-पेट्रोल का 1 लाख 90 हजार रूपये होता है। ऐसे में प्रति गाड़ी वाहन चालक को 40 या उससे अधिक फ्यूल पर्ची जारी करने के 200 रूपये कमीशन वसूली के अलावा पंप से प्रति लीटर 5 रूपये बतौर कमीशन लिए जाने की खबर है।

चोरी, कमीशन और बदजुबानी से त्रस्त स्टाफ
एसबी-एमटी पुल में तैनात शासकीय वाहन चालकों में गुस्सा भर गया है। आरआई सौरभ चंद्राकर की गालियों से कोई त्रस्त है तो किसी को शासकीय कार्यालयीन अवधी में उनके घरेलु कार्य करने के लिए बाध्य होना पड़ता है। बिना पात्रता के एसबी पल के रिजर्व कोटे की गाड़ियों में पत्नी दफ्तर आती जाती हैं। बच्चे बैडमिंटन कोर्ट भी पुल की गाड़ी से जाते हैं। आरआई बोलेरो अपने घर पर रखते हैं। और खुद की निजी वाहन कार आई-20 में पेट्रोल एसबी-एमटी पुल के सरकारी वाहन के खाते का भरवाते हैं। मातहत आरक्षक-चालकों से गालियां देकर बात करना आम है। नतीजतन नाराज स्टाफ अब बगावत के मूड में है।
जांच कार्रवाई होगी – ADG अमित

ADG गुप्तवार्ता अमित कुमार ने कहा है कि तत्संबंध में अगर शिकायत मिलती है तो जांच भी होगी और कार्रवाई भी की जाएगी। हालांकि एसबी-एमटी पुल में गड़बड़ियों के इस मामले में आपको सम्बंधित अधिकारी से भी बात करनी चाहिए। अगर ऐसी कोई शिकायत मुझ तक आती है तो जरूर कार्रवाई होगी।







