0 हैदराबाद हादसा चारमीनार के पास गुलजार हाउस में रविवार की सुबह सिर्फ सूरज नहीं उगा..
शहरसत्ता/डेस्क।सुबह का वक्त था। लोग नींद में डूबे थे। लेकिन अचानक एक इमारत से धुएं का गुबार उठता है,(FIRE INCIDENT IN HYDERABAD) और फिर आग की भयानक लपटें आसमान छूने लगती हैं। ग्राउंड फ्लोर पर ज्वेलरी की दुकानें थीं, ऊपर रिहाइश। सब कुछ कुछ ही मिनटों में राख में तब्दील हो गया।17 ज़िंदगियाँ बुझ गईं, जिनमें 8 मासूम भी शामिल ,इस दिल दहला देने वाले हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई — और सबसे दुखद बात यह कि उनमें से 8 मासूम बच्चे थे, जिनकी सुबह स्कूल नहीं, श्मशान में खुली।
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सिर्फ एक संकरी सीढ़ी और चारों ओर धुआं
एक चश्मदीद के अनुसार, “सब एक ही परिवार के थे। कोई बाहर निकल नहीं पाया। शटर और दीवारें तोड़नी पड़ीं, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी।
11 दमकल गाड़ियों, फायर रोबोट और स्काईलिफ्ट ने संभाला मोर्चा
फायर ब्रिगेड को सुबह 6:16 बजे सूचना मिली। 11 दमकल गाड़ियाँ और आधुनिक उपकरण जैसे फायर रोबोट और ब्रोंटो स्काईलिफ्ट से आग बुझाने की कोशिश हुई। लेकिन दो घंटे की मशक्कत के बावजूद जानें नहीं बच सकीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, राहत राशि का ऐलान
PM मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।







