0 विवेकानंद से शैलेन्द्र नगर, टैगोर नगर और देवी लक्ष्मी अस्पताल तक डिवाइडर में सवा करोड़ का मोर, पंजा, शेर, और किताबों का सीमेंट आर्ट, अमीरजादों ने अपनी कार रखने तो किसी ने गार्डन के नाम पर किया नालों पर कब्ज़ा
शहर सत्ता/रायपुर। Raipur Smart City : जनता से बतौर टैक्स वसूलकर उन पैसों की बर्बादी कैसे की जाती है यह ट्रिक स्मार्ट सिटी रायपुर से बेहतर अन्य कोई महकमा नहीं जानता। सौंदर्यीकरण और स्मार्ट लुक देने के लिए रायपुर स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने सेठों की रिहायशगाह के सामने डिवाइडर में तकरीबन सवा करोड़ का मोर, पंजा, शेर, और किताबों का सीमेंट आर्ट लगा दिया है।
Mayor Meenal Choubey आंकलन करें तो विवेकानंद नगर मेमन नर्सिंग होम से लेकर, शैलेन्द्र नगर, टैगोर नगर देवी लक्ष्मी अस्पताल तक रोड डिवाइडर में ही निगम और स्मार्ट सिटी ने फिजूलखर्ची की साडी हदें पार कर दी हैं। सेठों के महंगे बंगलों, कोठियों के सामने पहले डिवाइडर और उसमें पेड़, फूल और पौधे लगाने में खर्च किया गया। बाद में जब पेड़ हरे-भरे हो गए तो उन्हें काट-छांटकर उन्हीं डिवाइडरों में सवा करोड़ खर्च कर स्मार्ट सिटी ने सीमेंट आर्ट घुसेड़ दिया।

Smart City Raipur इतने में ही तसल्ली नहीं मिली तो डिवाइडर में लगे लोहे के मजबूत घेरे को तोड़कर स्टील की ग्रिल लगा दिया। महज रईसों के इलाकों को स्मार्ट, सूंदर करने का बेहतरीन जज्बा लेकर किये गए फिजूलखर्च को स्थानीय पार्षद स्वप्निल मिश्रा से बिना सलाह मशविरा के स्मार्ट सिटी के ठेकेदार फिरोज और अधिकारी चलते बनें।

बजबजाती नालियां, बारिश में डूब जाती हैं सड़कें
राजधानी के अधिकांश रईस शैलेन्द्र नगर, टैगोर नगर और विवेकानंद नगर में बास्ते हैं। बड़ी बड़ी कोठियों, आलीशान बंगलों में रहने वाले रईसों ने निगम की नालियों पर कब्ज़ा करके उसके ऊपर टायल्स लगाकर अपनी महंगी चमचमाती गाड़ियां पार्क कर रहे हैं। कुछ ने तो निगम की जमीं और नालियों के ऊपर कब्ज़ा करके घेर लिया है और क्रोटन्स, पेड़, पौधा लगा रखे हैं। ऐसे में नालियों की सफाई नहीं हो पा रही है।

निगम के जिम्मेदार अधिकारी, पूर्व पार्षद, जोन अधिकारी इन कब्जों को तोड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। नतीजतन देवी लक्ष्मी अस्पताल के साथ ही डीईओ कार्यालय के प्रवेश द्वार से लेकर रज्जन अग्निहोत्री निवास तक नाली का गन्दा पानी रोड पर आ रहा है। बारिश में स्मार्ट सिटी की फिजूलखर्ची का अड्डा बन चुके इस इलाके में पैसे वाले रहवासी पार्षद पर तोहमत लगते हैं।

नालियों के ऊपर किसी भी निर्माण को तोड़ेंगे
मानसून से पहले ही शैलेन्द्र नगर, टैगोर नगर के उन घरों को चिन्हांकित कर लिया गया हैं जहां ड्रेनेज सिस्टम कोलेप्स है। नालियों के ऊपर टाइल्स लगाने और गार्डन लगाने वालों से लेकर जिन घरों के सामने नालियां पात दी गईं हैं उनपर कार्रवाई शुरू हो गई है। फ़िलहाल टैगोर नगर और आरएमएस कॉलोनी में निगम अमला ड्रेनेज क्लियर करने अभियान चला रहा है। देवी लक्ष्मी हॉस्पिटल और डीईओ ऑफिस के पास बारिश में डुबान की स्थिति बन जाती है इस समस्या से वार्ड वासियों को शीघ्र निजात दिलाने मैं प्रयासरत हूँ।

स्वप्निल मिश्रा, पार्षद, वार्ड क्रमांक 58 शहीद पंकज विक्रम वार्ड





