“हृदय रोगियों के लिए नहीं धड़क रहा सिस्टम”
अपने पत्र में बृजमोहन ने लिखा —
“समय-समय पर अधिकारियों का ध्यान इस दिशा में आकर्षित किया गया, लेकिन आज भी हालात जस के तस हैं। मरीज दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। कई की सांसें समय से पहले थम गईं, और जो बचे हैं, वे असहाय हैं।”

आशा की जगह इंतजार, इलाज की जगह तारीख
इस संस्थान में लंबे समय से हृदय रोगियों की सर्जरी सेवाएं ठप हैं। कार्डियोलॉजी यूनिट में उपकरण मौजूद हैं लेकिन स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी, प्रशासनिक लापरवाही और बजट आवंटन की धीमी प्रक्रिया के चलते यह संस्थान सिर्फ एक इमारत बनकर रह गया है।
राज्य सरकार से की स्पष्ट कार्रवाई की अपील
बृजमोहन अग्रवाल ने सीएम से आग्रह किया है कि वे खुद इस विषय में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक करें और तत्काल निर्णय लें, जिससे यह संस्थान फिर से गरीबों के दिल की धड़कन बन सके।





