छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश को बहुत कुछ साैगातें देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायपुर को एक यादगार सुविधाओं से लैस किया है। अभनपुर से रायपुर के बीच सर्वसुविधायुक्त नई मेमु ट्रेन अब पुराने और नए रायपुर के बीच नई ईबारत लिखेगी, इसके साथ ही एक पुरानी सुनहरी और ऐतिहासिक छुकछुकिया ट्रेन भी बरबस ही याद आ गई। तकरीबन 125 साल का इतिहास समेटे रायपुर से धमतरी के बीच चलने वाली पांच डब्बों की वह छुकछुकिया जहां पांच घंटो में मुसाफिरों को गंतव्य तक पहुंचाती थी, उसकी जगह आज अभनपुर से रायपुर और रायपुर से अभनपुर के बीच की यह दूरी महज चंद पलों में पूरी होगी। सुनहरी यादों और उज्ज्वल भविष्य का यह ट्रेनों का तानाबाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बदस्तूर जारी रखने के लिए ही छत्तीसगढ़ को रेल कनेक्टिविटि से जोड़ने की ठानी है।

मेमु ट्रेन की यह तस्वीर ऐतिहासिक रायपुर-धमतरी रेलवे मार्ग की एक अनमोल स्मृति को संजोए हुए है। कभी इस मार्ग की जीवनरेखा रही मेमु ट्रेन अब इतिहास बन चुकी है। आज, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर से नवा रायपुर होते हुए अभनपुर के लिए अत्याधुनिक ट्रेन का उद्घाटन कर रहे हैं, तब यह दृश्य बीते दौर की याद दिलाता है। रायपुर-धमतरी रेलवे का सफर 1900 में शुरू हुआ था और इसने क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नैरो गेज रेलवे, जिसे छोटी लाइन भी कहा जाता था, अपनी संकरी पटरियों और विशिष्ट ट्रेनों के लिए जानी जाती थी। अब यह ऐतिहासिक मार्ग स्मृतियों में सिमट रहा है, लेकिन इसकी गूंज छत्तीसगढ़ के रेल इतिहास में हमेशा बनी रहेगी। एक समय था जब रायपुर-धमतरी नैरो गेज रेलवे क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी थी। समय के साथ जब ब्रॉड गेज और आधुनिक रेलवे नेटवर्क का विस्तार हुआ, तो नैरो गेज ट्रेनों का संचालन धीरे-धीरे बंद कर दिया गया। आज इस ऐतिहासिक रेल मार्ग का अस्तित्व भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन यह ट्रेन और इससे जुड़ी यादें उन सभी यात्रियों और रेल प्रेमियों के मन में हमेशा जीवित रहेंगी।







