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इधर बीते पांच सालों में महापौर एज़ाज़ ढेबर और उनकी परिषद के कामकाजों का लेखा जोखा महापौर एज़ाज़ ढेबर ने दिया। सड़क, नाली, बिजली समेत बूढ़ातालाब गार्डन फेज़ 2 का निर्माण, तक्षशीला लाइब्रेरी, मरिन ड्राइव में “चौपाटी”, निगम गार्डन के सामने “खाऊ गली” चौक चौराहों का सौंदर्यीकरण, स्कूलों का संधारण जैसे तमाम कामकाजों का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर भी तीखे तेवर दिखाए।
महापौर एज़ाज़ ढेबर ने पांच सालों में गिनाए ये काम…
- बुढापारा विवेकानंद सरोवर में फेज़ टू गार्डन और सौंदर्यीकरण
- रायपुर शहर की पहचान मंदिर और 29 तालाबों के सौदर्यीकरण का काम।
- 8637 प्रधानमंत्री आवास लोगों को दिए गए।
- महिलाओं के लिए 18 पिंक टॉयलेट का निर्माण।
- 243 करोड़ जल के लिए खर्च और 6 करोड़ पर्यावरण संरक्षण के लिए खर्च किया गया।
- “तुंहर सरकार तुंहर द्वार” शिविर चलाकर जनता की समस्या का निराकरण किया ।
- सकरी डंपिंग यार्ड में कचरा प्रोसेसिंग के काम की शुरुआत।
- जवाहर बाजार ,शास्त्री बाजार, भाठागांव, खमतराई ,तरुण बाजार, डुमरतराई जैसे बाजारों का विकास।
- भाठागांव में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल की सौगात।
- सिटी कोतवाली थाना की नई बिल्डिंग का 7 महीने में निर्माण कार्य।
- पानी टंकी का निर्माण।
- रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर में 6 मंजिल मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कार्य।
- रायपुर शहर में प्रदेश का पहला डॉग शेल्टर का निर्माण ।
- मोतीबाग में तक्षशिला लाइब्रेरी का निर्माण कार्य।
प्रशासक को नहीं सौपेंगे जिम्मा-एज़ाज़
मेयर ढेबर ने आएगी कहा कि रायपुर नगर निगम में प्रशासक बैठेंगे, लेकिन हम लोग अपने कार्यकाल को खत्म नहीं मानेंगे। चुनाव हमारे कारण से लेट नहीं हुआ। हमने नहीं कहा है कि चुनाव देरी से कराया जाए। शहर की जनता ने हमें चुना है, नेता प्रतिपक्ष और शहर के 70 पार्षद हैं, यह चुनी हुई सरकार है। ढेबर ने कहा कि अगर आप चुनाव नहीं करवा पा रहे हैं तो इसमें हम किसी प्रशासक को नहीं दे सकते। हम रायपुर शहर की जनता के लिए काम करते रहेंगे। नियमित तौर से रायपुर की सेवा करते रहेंगे। जैसे ही नए परिषद का गठन होगा हम उसको अपना काम सौंप देंगे।
मीनल बोली-विकास में सबसे बड़े रोड़ा रहे महपौर
इधर नगर निगम नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने पुरे कार्यकाल को निराशाजनक क़रार दिया है। मीनल ने कहा कि नगर निगम का मूल कार्य जनता को व्यवस्थित शहर, पानी, सफाई और बिजली देना होता है। महापौर इन सभी क्षेत्रों में नाकाम रहे। शहर में ना तो विकास हुआ और ना ही जनता को मूलभूत सुविधाएं मिल पायी 2019-20 से लेकर 2023-24 तक केंद्र सरकार के द्वारा 1254 करोड़ 36 लाख 44 हजार रुपए नगर निगम को मिले। जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सफाई के लिए 74 करोड़ 60 लख रुपए मिले। पैसों का सही प्रबंधन करने में महापौर नाकामयाब रहे। परिणाम स्वरूप जनता को असुविधाओं का सामना करना पड़ा करोड़ों रुपए पेयजल योजना के लिए दिए गए जनता पेयजल के लिए तरसते रहे।
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उन्होंने कहा महापौर एजाज ढेबर का पांच वर्ष का कार्यकाल अत्यंत निराशाजनक रहा। और वह फिसड्डी महापौर साबित हुए। राजधानी के अनुरूप विकास कार्य शुन्य हुए। रायपुर शहर की जनता को एक भी सौगात वे नहीं दे पाए। पांच वर्ष का कार्यकाल उनको मिला जिसमें वे अपनी एक भी उपलब्धि नहीं गिना सकते। बार-बार बूढ़ा तालाब सौन्दर्याकरण की वे बात करते हैं। वहां प्रवेश द्वार से लेकर फव्वारे तक सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है। करोड़ों रुपए के फव्वारे जनता देखने को तरस गई, प्रारंभ से ही फव्वारे बंद रहे, करोड़ों रुपए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गये।

गोल बाजार के नाम पर व्यवसाईयों को सब्जबाग दिखाए गए मगर योजना को फलीभूत करने में नाकाम रहे। करोड़ों रुपए जवाहर बाजार में खर्च किया गया और आज भी व्यवसायी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं । मल्टीलेवल पार्किंग की दुर्दशा ही गई है। शहर में उद्यानों का व्यवसायीकरण कर दिया गया। यूथ हब के नाम पर नौजवानों से धोखा किया गया। शहर में बिना टेंडर के काम करवाए गए। डिवाइडर घोटाला इसका उदाहरण है। जनता की गाड़ी कमाई से जनता के लिए बनाए गए भवन को निजी संस्था को हस्तांतरित कर दिया गया और हस्तांतरण के पश्चात करोड़ों रुपए के ऐसो आराम का सामान निगम के कोष से लगवाए गए। बिना किसी प्लानिंग के मावली माता मंदिर का निर्माण की घोषणा की और जनता को धोखा दिया। सफाई कर्मचारियों को रोजाना नाश्ता वितरण की झूठी बातें कही। रायपुर में मिनी मेट्रो ट्रेन की झूठी बातें कहीं।







