mukesh chandrakar Archives - शहर सत्ता https://shaharsatta.com/tag/mukesh-chandrakar/ Wed, 08 Jan 2025 14:04:14 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 Journalist Mukesh murder case : देर से ही सहीं, कत्ल के मुख्य आरोपी को मिल सकता है संदेह का लाभ https://shaharsatta.com/2025/01/08/journalist-mukesh-murder-case-though-late-the-main-accused-in-the-murder-case-may-get-the-benefit-of-doubt/ https://shaharsatta.com/2025/01/08/journalist-mukesh-murder-case-though-late-the-main-accused-in-the-murder-case-may-get-the-benefit-of-doubt/#respond Wed, 08 Jan 2025 12:55:02 +0000 https://shaharsatta.com/?p=881 शहर सत्ता / रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत देशभर की पत्रकारिता को झकझोर कर रख देने वाला बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड (Journalist Mukesh murder case) की समीक्षा शुरू हो गई…

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शहर सत्ता / रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत देशभर की पत्रकारिता को झकझोर कर रख देने वाला बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड (Journalist Mukesh murder case) की समीक्षा शुरू हो गई है। अब मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को सजा होगी या उसे संदेह का लाभ मिल जायेगा इस पर बहस तेज है। कानून के जानकारों की मानें तो जब तक मामला गर्म है और SIT जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक सभी आरोपी खतरे में तो हैं। लेकिन यह भी माना जा रहा है कि देर से ही सहीं, कत्ल के मुख्य आरोपी यानि सुरेश चंद्राकर को संदेह का लाभ मिलना तय है।

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कत्ल की वारदात और पुलिस जांच में अब तक सामने आई बातों से तो अभी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पहला सवाल यह कि जब पत्रकार मुकेश का सड़क निर्माण में 56 करोड़ के ज्यादा भुगतान वाली खबर को लेकर सुरेश, दिनेश, रितेश चंद्राकर भाइयों से मनमुटाव और विवाद था तो सुरेश के छोटे भाई रितेश के एक फोन पर बिना सोचे-समझे उसे क्यों जाना पड़ा ? दूसरा सवाल सुरेश चंद्राकर और दिनेश वारदात के समय जगदलपुर में थे तो फोन पर पत्रकार को फॉर्म हॉउस में बुलाने और उसके कत्ल (Journalist Mukesh murder case) में आरोपियों के साथ सीधे शामिल होने का भी कोई पुख्ता सबूत फ़िलहाल पुलिस के पास नहीं है।

खून का रिश्ता क़त्ल में ऐसे हुआ तब्दील

शहीद पत्रकार मुकेश चंद्राकर की बेरहमी से हत्या (Journalist Mukesh murder case) करने वाले आरोपियों में सुरेश, दिनेश और रितेश चंद्राकर रिश्ते में भाई बताये जाते हैं। वहीं घटना स्थल (फॉर्म हॉउस) में 1 जनवरी की रात 8 बजे फोन कर मुकेश को रितेश ने अपने मोबाइल से फोन कर बुलाया था। पुलिस के मुताबिक मुकेश, रितेश और महेंद्र पिए-खाये और फिर बहस हुई। 56 करोड़ की सड़क थी 112 करोड़ का भुगतान करने की खबर पत्रकार मुकेश ने चलाई थी। इसी बात पर सभी के बीच विवाद, बहस, मनमुटाव चल रहा था। वारदात के दिन भी रितेश ने कहा रिश्ते में भाई हो साथ देने के बदले काम में अड़ंगा करते हो करके तल्ख़ बहस किया इसके बाद रितेश ने पहला वार किया और महेंद्र रामटेके सुपरवाइसर ने हत्या में साथ दिया। पुलिस ने मर्डर वेपन लोहे की रॉड और मृतक का मोबाइल फोन जब्त किया है।

सुलगते सवाल

1. फ्री लांसर यू-ट्यूबर मुकेश चंद्राकर एक फोन पर ही दुश्मनों के पास क्यों चला गया ?

2. जब सभी रिश्तेदार थे तो क्यों 112 करोड़ के भुगतान करने की खबर चलाई गई  ?

3. क्या खबर चलने से पहले और बाद में भी सभी भाइयों ने पत्रकार को धमकाया था  ?

4. फोन करके रितेश ने बुलाया और क़त्ल में साथ महेंद्र रामटेके दिया तो सुरेश कैसे कातिल साबित होगा  ?

5. क्या पत्रकार मुकेश ने ठेकेदार भाई से अपनी जान को खतरा या धमकी देने की पुलिस में शिकायत की थी  ?

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