“समाज से परिवार तक” कार्यशाला में कार्यशाला में गर्भ संस्कार, जन्म संस्कार, शिक्षा संस्कार एवं विवाह संस्कार सहित जीवन के विभिन्न संस्कारों को परिवार और समाज की सामाजिक व्यवस्था से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया
शहर सत्ता/रायपुर। (Chhattisgarh State Sahu Sangh)छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के तत्वावधान में भामाशाह छात्रावास, टिकरापारा, रायपुर में “समाज से परिवार तक” विषय पर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निरेन्द्र साहू ने की। कार्यशाला में समाज की वास्तविक मजबूती के लिए संगठन की पहुंच प्रदेश से जिला, जिला से तहसील, तहसील से परिक्षेत्र, गांव से परिवार और परिवार से प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में प्रभावी रूप से कार्य करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला में गर्भ संस्कार, जन्म संस्कार, शिक्षा संस्कार एवं विवाह संस्कार सहित जीवन के विभिन्न संस्कारों को परिवार और समाज की सामाजिक व्यवस्था से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। इस विषय पर श्री बसंत साहू जी, बहन पूनम साहू जी, श्री सत्यप्रकाश साहू जी, श्री राजेश साहू जी एवं श्रीमती बीना साहू जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि संस्कारवान और मजबूत समाज का निर्माण परिवार से शुरू होता है। बच्चों को शिक्षा के साथ नैतिकता और अनुशासन, युवाओं को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता, महिलाओं को सम्मान एवं नेतृत्व तथा बुजुर्गों को सम्मान और सहयोग देना समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।

इस अवसर पर प्रदेश संयुक्त सचिव प्रदीप साहू ने कहा कि, “समाज केवल भवनों और बड़े आयोजनों से मजबूत नहीं होता, बल्कि समाज की असली ताकत उसके संस्कारवान परिवारों में होती है। हमें समाज की जिम्मेदारी केवल कार्यक्रमों और बैठकों तक सीमित नहीं रखनी है, बल्कि गर्भ संस्कार से लेकर शिक्षा संस्कार और जीवन के प्रत्येक महत्वपूर्ण पड़ाव तक परिवारों के साथ जुड़कर कार्य करना है।”

उन्होंने कहा कि, “हमारे समाज का उद्देश्य संस्कारवान, शिक्षित, आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से जागरूक परिवार तैयार करना होना चाहिए। जब परिवार मजबूत होगा, बच्चे संस्कारवान होंगे, युवा शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगे तथा बुजुर्गों का सम्मान होगा, तभी हमारा समाज वास्तव में सशक्त और संगठित बनेगा।”
प्रदीप साहू ने कहा कि शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व और सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ संस्कारों को भी सामाजिक संगठन की प्राथमिकता बनाना होगा। प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के परिवारों से निरंतर संपर्क बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करें।

कार्यशाला में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निरेन्द्र साहू के साथ प्रमुख रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. तिलक साहू, सत्यप्रकाश साहू, श्रीमती साधना साहू, प्रदेश महामंत्री श्रीमती चित्तरेखा साहू, राजेश साहू, उद्यो प्रसाद साहू, प्रदेश संगठन सचिव सुनील साहू, श्रीमती चंद्रवती साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष गोपाल साहू, प्रदेश सचिव श्रीमती बीना साहू एवं प्रदीप साहू सहित प्रदेश पदाधिकारी, सभी प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक, प्रदेशभर के समस्त जिला अध्यक्ष एवं जिला पदाधिकारी तथा समाज के सक्रिय कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।





