विधायक दीपेश साहू की शादी में अव्यवस्था पर भड़के डॉ. रमन सिंह, प्रशासन को लगाई फटकार
शहर सत्ता/बेमेतरा/रायपुर। (Chief Minister Girl Marriage Scheme)छत्तीसगढ़ में बेमेतरा के भाजपा विधायक दीपेश साहू की सादगीपूर्ण शादी इन दिनों सुर्खियों में है। छत्तीसगढ़ में सादगी की शादी का ‘सियासी बखेड़ा’ खड़ा हो गया है। विधायक दीपेश साहू की शादी में अव्यवस्था पर भड़के डॉ. रमन सिंह ने अफसरों की अपमानजनक चूक पर प्रशासन को फटकार लगाया है। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत एक बीपीएल परिवार की बेटी तरुणा साहू से विवाह रचाकर समाज में सादगी का बड़ा संदेश दिया है। बारात में बैलगाड़ी का उपयोग और उपमुख्यमंत्री अरुण साव का सारथी बनना आकर्षण का केंद्र रहा। लेकिन, इस सुखद आयोजन के दौरान हुई एक बड़ी चूक ने कार्यक्रम का रंग फीका कर दिया और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का गुस्सा फूट पड़ा।
यह शादी जहां समाज को सादगी का पाठ पढ़ा रही है, वहीं कार्यक्रम में हुई प्रशासनिक चूक ने सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। डॉ. रमन सिंह की तीखी टिप्पणी से यह स्पष्ट हो गया है कि आगामी समय में छत्तीसगढ़ में प्रोटोकॉल और प्रशासनिक गंभीरता को लेकर सरकार बेहद सख्त रुख अपनाने वाली है।
क्या है मामला?
विधायक दीपेश साहू ने एक सामूहिक विवाह समारोह में शिरकत करते हुए ड्राइवर की बेटी तरुणा साहू के साथ सात फेरे लिए। शादी का उद्देश्य दिखावे और फिजूलखर्ची के खिलाफ समाज को एक प्रेरणा देना था। विधायक ने यह घोषणा भी की कि सरकारी योजना के तहत मिलने वाली राशि वे अपने पास नहीं रखेंगे, बल्कि उसे मेधावी छात्राओं की शिक्षा पर खर्च करेंगे। एक शिक्षक से राजनीति में आए और पहली बार विधायक बने दीपेश साहू की इस पहल की चौतरफा प्रशंसा हो रही है।

मंच से भड़के रमन सिंह, अफसरों पर आगबबूला
शादी के दौरान हुई अव्यवस्था को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह बेहद नाराज दिखे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री समेत पूरा मंत्रिमंडल मौजूद था, लेकिन जिला प्रशासन की तैयारियों में दिखी लापरवाही ने रमन सिंह को बोलने पर मजबूर कर दिया। मंच से डॉ. रमन सिंह ने सख्त लहजे में कहा, “जिला प्रशासन को विशेष तौर पर कहना चाहता हूं। मैं यहां एक साल रहा हूं, मुख्यमंत्री जी वहां रहे हैं। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुरूप नहीं है। कलेक्टर और एसपी को मैं साफ शब्दों में कहना चाहता हूं, यह तरीका नहीं है कि मुख्यमंत्री जी का पीछे से स्वागत किया जाए।”
उन्होंने आगे कहा, “इतनी जानकारी शायद उन्हें नहीं है कि चीफ मिनिस्टर और दो डिप्टी चीफ मिनिस्टर यहाँ बैठे हैं, मंत्रिमंडल के साथी बैठे हैं। आप ढाई घंटे में वैकल्पिक जगह नहीं ढूँढ पाए? इतनी नकारात्मकता के बावजूद उस जगह पर जाने को तैयार नहीं हुए। मैंने 15 साल मुख्यमंत्री रहने के दौरान ऐसी व्यवस्था कभी नहीं देखी। शायद अब सीख जाएंगे, आज से कुछ सीखेंगे। चूँकि आज मुझे लगा कि मुख्यमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल बैठा है और उसके बाद भी गंभीरता नहीं है, इसलिए मुझे बोलना पड़ा।”

कांग्रेस की सियासत बनाम भाजपा की सादगी
जहाँ एक ओर भाजपा विधायक की इस शादी को ‘जन-प्रतिनिधि की सादगी’ के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे ‘सियासी स्टंट’ करार देते हुए घेराबंदी शुरू कर दी है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इसे इवेंट मैनेजमेंट की तरह पेश कर रही है। वहीं, डॉ. रमन सिंह की नाराजगी ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया मोड़ दे दिया है, जिससे यह साफ है कि सत्ता पक्ष भी अपने प्रशासन की ढिलाई को कतई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
सादगी की मिसाल: विधायक दीपेश साहू
दीपेश साहू का यह विवाह व्यक्तिगत स्तर पर तो सराहनीय है ही, साथ ही उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आने और अब एक साधारण परिवार की युवती से विवाह कर यह साबित किया है कि वे जमीन से जुड़े हुए नेता हैं। उनकी पत्नी तरुणा साहू MA शिक्षित हैं और उनका परिवार बेमेतरा में निवास करता है।





