महंगे डामर के कारण सड़क ठेकेदारों को बड़ी राहत, सड़क ठेकेदारों को डामर की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि पर सीमित क्षतिपूर्ति
शहर सत्ता/रायपुर। (Chief Minister Vishnu Deo Sai Cabinet)छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण में हो रही देरी को रोकने के लिए साय कैबिनेट ने 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक के अनुबंधों के लिए सड़क ठेकेदारों को डामर की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि पर सीमित क्षतिपूर्ति (मूल्य राहत) देने का बड़ा फैसला किया है। मंत्रिमंडल का यह निर्णय राज्य में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने स्क्रैप निस्तारण के लिए MSTC के साथ अनुबंध तीन साल बढ़ाया, भर्ती प्रक्रिया को GAD के अधीन लाते हुए चयन मंडल का पुनर्गठन किया।
कैबिनेट के अहम फैसलों के मुख्य बिंदु
0 डामर (बिटुमिन) पर राहत: डामर के दाम बढ़ने से परियोजनाओं को रुकने से बचाने के लिए सरकार एक निर्धारित फॉर्मूले के तहत ठेकेदारों को अतिरिक्त भुगतान (आंशिक मूल्य राहत) करेगी。
0 लागू करने की अवधि: यह विशेष राहत पैकेज केवल 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 के बीच के अनुबंधों के लिए मान्य है。
0 अन्य नियमों पर असर: डामर की कीमतों को छोड़कर अन्य निर्माण सामग्रियों पर अनुबंध में पहले से मौजूद एस्केलेशन (मूल्य वृद्धि) के नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे
संपत्ति भी ट्रांसफर, जिम्मेदारी भी
सरकार ने साफ किया है कि पुराने व्यावसायिक परीक्षा मंडल की सभी परिसंपत्तियां और देनदारियां भी नए कर्मचारी चयन मंडल में शामिल कर दी गई हैं। अब भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा केंद्रीकृत और नियंत्रित तरीके से संचालित करने की तैयारी है। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इससे भर्ती परीक्षाओं में समन्वय बेहतर होगा और विभागीय नियंत्रण भी मजबूत होगा। आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया में तकनीकी सुधार और निगरानी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
डामर महंगा तो सरकार ने दी राहत
कैबिनेट में सड़क निर्माण कार्यों को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 के बीच डामर की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि को देखते हुए ठेकेदारों को सीमित राहत देने का निर्णय लिया है। यह राहत केवल डामर की बढ़ी कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए दी जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि बाकी निर्माण सामग्री पर पहले से लागू एस्केलेशन नियम ही लागू रहेंगे।
सड़क परियोजनाएं रुकें नहीं, सरकार की चिंता
सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी के कारण सड़क निर्माण कार्य प्रभावित होने लगे थे। इससे डामरीकरण और सड़क संधारण कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ने का खतरा था। इसी वजह से सरकार ने यह राहत पैकेज लागू किया है ताकि निर्माण एजेंसियां काम बंद न करें और सड़क परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
केंद्र के फैसले की तर्ज पर राज्य का कदम
राज्य सरकार ने यह भी बताया कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए भी इसी तरह की राहत देने के निर्देश जारी किए हैं। उसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार ने भी फैसला लिया है। सरकार का दावा है कि इससे सड़क निर्माण कार्यों की गति बनी रहेगी और आम लोगों को समय पर बेहतर सड़क सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।





